deltin55 Publish time 2025-11-19 17:57:07

बांग्लादेश : विशेष न्यायाधिकरण ने अपदस्थ प् ...

ढाका, 17 नवंबर (भाषा) बांग्लादेश की अपदस्थ प्रधानमंत्री शेख हसीना को पिछले वर्ष जुलाई में उनकी सरकार के खिलाफ व्यापक विरोध प्रदर्शनों के दौरान किए गए ‘‘मानवता के विरुद्ध अपराधों’’ के लिए सोमवार को एक विशेष न्यायाधिकरण द्वारा उनकी अनुपस्थिति में मौत की सजा सुनाई गई।
पिछले वर्ष पांच अगस्त को अपनी सरकार गिरने के बाद से भारत में रह रही 78 वर्षीय हसीना को अंतरराष्ट्रीय अपराध न्यायाधिकरण-बांग्लादेश (आईसीटी-बीडी) ने सजा सुनाई।
इससे पहले अदालत ने उन्हें भगोड़ा घोषित किया था।
ढाका में कड़ी सुरक्षा वाले अदालत कक्ष में फैसला पढ़ते हुए न्यायाधिकरण ने कहा कि अभियोजन पक्ष ने बिना किसी संदेह के यह साबित कर दिया है कि पिछले साल 15 जुलाई से 15 अगस्त के बीच छात्रों के नेतृत्व वाले विरोध प्रदर्शनों पर घातक कार्रवाई के पीछे हसीना का ही हाथ था।
संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार कार्यालय की एक रिपोर्ट में अनुमान लगाया गया है कि ‘‘जुलाई विद्रोह’’ के नाम से, करीब एक महीने तक चले आंदोलन के दौरान 1,400 लोग मारे गए थे।
हसीना को निहत्थे प्रदर्शनकारियों के खिलाफ घातक बल प्रयोग का आदेश देने, भड़काऊ बयान देने और ढाका तथा आसपास के इलाकों में कई छात्रों की हत्या के लिए अभियान चलाने की अनुमति देने के लिए मौत की सजा सुनाई गई है।
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