मतांतरण का खेल: चंगाई सभा को बनाते हथियार, शामिल परिवारों की हो रही पहचान
/file/upload/2026/01/6364906236174757805.webpजागरण संवाददाता, फतेहपुर। मतांतरण को लेकर देवीगंज स्थित इंडियन प्रेस ब्रिटीरियन चर्च में हुए बवाल पर पुलिस ने पादरी समेत तीन को जेल भेज दिया है। मतांतरण के सबूत खोजने में जुटी पुलिस ऐसे परिवारों को चिन्हित करने में लगी है जो उस दिन चर्च घर की चंगाई सभा में शामिल हुए थे। विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें
इस बात की खोजबीन की जा रही है कि चर्च के अलावा किन गांवों में चंगाई सभा कराई जाती है और पादरी का कहां आना-जाना था। इसाई मिशनरियों के नेटवर्क को खंगालने में जुटी पुलिस इसके पहले मतांतरण को लेकर दर्ज हुए मुकदमों के आरोपितों की गतिविधियां देख रही है।
सदर कोतवाली के सूबेदार का पुरवा निवासी देवप्रकाश पासवान की शिकायत पर पुलिस ने 28 दिसंबर को मुकदमा दर्ज कर पादरी डेविड ग्लेडविन, उसके पुत्र अभिषेक ग्लेडविन व केके बंगाली को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। चर्च घर में सीसीटीवी कैमरा न लगे होने से पुलिस को सबूत खोजने में खासी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है।
वर्ष 2022 से अब तक जिले में मतांतरण को पंद्रह से अधिक मुकदमे दर्ज हुए। खागा तहसील के हथगाम, ऐरायां, सदर तहसील के हसवा, बहुआ, भिटौरा बिंदकी तहसील के मलवां, अमौली ब्लाक सवा सौ से अधिक गांवों में इसाई मिशनरियों का नेटवर्क फैला हुआ है।
मतांतरण के पहले चरण में मिशनरी के लोग चंगाई सभा से लोगों को जोड़ने का कार्य करते हैं। गांव में किसी समर्थक के घर में रविवार की प्रार्थना सभा करते है और फिर चर्च घर में लाकर मतांतरण के लिए प्रेरित करते हैं। वर्ष 2008 से वर्ल्ड विजन संस्था ने जिले में मतांतरण का जो जाल बिछाया, उसमें पांच हजार से अधिक परिवार जुड़ गये।
इसके बाद मिशनरी के लोग इन परिवारों के माध्यम से चेन सिस्टम से मतांतरण को धार देते रहे। प्रार्थना सभा में चर्च तक लाने वालों को ग्यारह सौ रुपया प्रति व्यक्ति को देने के प्रलोभन से मिशनरी ने संख्या में भारी इजाफा किया।
थाना अध्यक्ष विनोद मौर्य ने बताया कि जिस दिन चर्च घर मेें मतांतरण को लेकर हंगामा हुआ, उसकी जांच में पाया गया कि ज्यादातर लोग गांवों से बुलाए गये थे। बीमारी ठीक करने का झांसा देकर महिलाओं को अधिक संख्या में लाया गया है।
हर गांव में बनाई जा रही समिति: विहिप
विहिप के प्रांत उपाध्यक्ष वीरेंद्र पांडेय ने बताया कि इसाई मिशनरी लालच व झांसा देकर मतांतरण का प्रयास कर रहीं थी। इसे रोकने के लिए हर गांव में युवाओं की समिति गठित कर दी गई है, जो लोगों को जागरूक करने के साथ गतिविधियों पर नजर रखे हुए है। कहा कि मिशनरियों के नेटवर्क को तोड़ने के लिए समितियों को सक्रिय कर दिया गया है।
चर्च में ताला, नहीं होगी नए साल की प्रार्थना सभा
मतांतरण को लेकर देवीगंज की चर्च में हुए बवाल के बाद प्रशासन ने ताला लगा दिया, जिससे मसीही समाज के लोगों में भारी रोष व निराशा है।
चर्च के सचिव क्रिस्टोफर ने कहा कि मतांतरण कराने वालों पर कार्रवाई होनी चाहिए लेकिन पूरे समाज के पूजा स्थल में तालाबंदी नहीं करनी चाहिए। मसीही विजयलाल ने कहा कि जीवन में पहली बार ऐसा है कि चर्च घर में नए साल की प्रार्थना सभा नहीं हो पाएगी। हम लोग घर में प्रभु यीशु की प्रार्थना कर लेंगे।
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