मेरठवासियों के लिए खुशखबरी ! House Tax में छूट की अवधि बढ़ी, इस तारीख तक 20 प्रतिशत की छूट के साथ जमा कराएं कर
/file/upload/2026/01/4237474570125738923.webpप्रतीकात्मक फोटो
जागरण संवाददाता,मेरठ। सामान्य दिनों में प्रति दिन नगर निगम में गृहकर वसूली 10-15 लाख होती है पर साल 2025 के आखिरी दिन बुधवार को नगर निगम ने 1.10 करोड़ से ज्यादा गृहकर वसूली की। जिसके चलते वार्षिक लक्ष्य 133 करोड़ के सापेक्ष अब तक गृहकर वसूली का आंकड़ा 50 करोड़ के पार पहुंच गया है। अब वित्तीय वर्ष 2025-26 के तीन महीने शेष हैं। विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें
लक्ष्य का 83 करोड़ तीन महीने में वसूलना निगम के सामने बड़ी चुनौती है। इसके लिए निगम ने वार्ड वार शिविर लगाने की तैयारी की है। नए साल में शिविर लगाकर अधिकारी मौके पर ही गृहकर संबंधित आपत्तियों का निस्तारित करेंगे। स्वकर फार्म भरवाए जाएंगे। निगम ने वर्तमान गृहकर पर 20 प्रतिशत की छूट 31 जनवरी तक बढ़ा दी है। जिससे भवन स्वामियों को छूट का लाभ उठाने का एक और मौका मिल गया है。
नगर आयुक्त सौरभ गंगवार ने बुधवार को कंकरखेड़ा जोनल कार्यालय में गृहकर संबंधी आपत्तियों के निस्तारण की व्यवस्था देखने के बाद कर अनुभाग से जुड़े अधिकारियों के साथ देर शाम बैठक की। महापौर हरिकांत अहलूवालिया के निर्देश पर छूट की अवधि 31 दिसंबर से बढ़ाकर 31 जनवरी कर दी। अपर नगर आयुक्त, मुख्य कर निर्धारण अधिकारी, कर अधीक्षक सहित सभी राजस्व निरीक्षकों को वार्ड वार शिविर लगाकर गृहकर के बिलों को संशोधित करने, स्वकर फार्म भरवाने का निर्देश दिया है।
मुख्य कर निर्धारण अधिकारी से वार्ड वार लगाए जाने वाले शिविरों की जानकारी पहले से सार्वजनिक करने को कहा है। ताकि लोग निर्धारित स्थान और समय पर पहुंचकर शिविरों का लाभ उठा सकें। जीआइएस आइडी एप को सार्वजनिक करने के लिए कहा है। ताकि लोग इस पर जाकर अपने मकान-दुकान सहित पुराना और वर्तमान गृहकर की स्थिति जान सकें। कर की दरें भी सार्वजनिक होंगी।
स्वकर फार्म के साथ लोगों को कर की दरों की सूची भी देने के लिए कहा गया है। नगर आयुक्त ने कहा कि यदि किसी भवन स्वामी को गृहकर को लेकर समस्या है तो वह शिविर, निगम कार्यालय में आकर अपनी आपत्ति दर्ज कराए। स्वकर फार्म भरकर जमा करे। सत्यापन कराकर बिल संशोधित किया जाएगा। मुख्य कर निर्धारण अधिकारी एस के गौतम ने बताया कि साल के अंतिम दिन 2450 भवन स्वामियों ने कैश काउंटर और आनलाइन तरीके से 1.10 करोड़ रुपए गृहकर जमा किया है।
अन्य दिनों में ये वसूली 10-15 लाख तक हुई है। वित्तीय वर्ष 2024-25 में 100 करोड़ के गृहकर के लक्ष्य के सापेक्ष 76 करोड़ वसूली हुई थी। नगर आयुक्त ने कहा कि गृहकर वसूली में पिछड़ने की वजह विरोध रहा है। समाधान शिविर में लोगों की आपत्ति का निराकरण किया जा रहा है। जिसकी निगरानी वे स्वयं रख रहे हैं। तीन महीनों में लक्ष्य हासिल करने के लिए कार्य होगा
एक लाख लोग कर चुके गृहकर जमा
नगर निगम के कर अनुभाग के अनुसार वित्तीय वर्ष में अब तक एक लाख लोग अपना गृहकर जमा कर चुके हैं। नगर निगम के 90 वार्डों में जीआइएस सर्वे के अनुसार 3.05 लाख आवासीय व व्यावसायिक संपत्तियां हैं। अभी दो लाख भवन स्वामियों से गृहकर लिया जाना है। लगभग 2.35 लाख भवन स्वामियों को बिल दिए जा चुके हैं।
अब 10 काउंटर पर जमा होंगे बिल
नगर निगम ने पांच कैश काउंटर खुलवा दिए गए हैं। सरस्वती लोक दिल्ली वाहन डिपो, सूरजकुंड वाहन डिपो, एक गगोल रोड रैन बसेरा, पल्लवपुरम फेज दो के रैन बसेरा, कंकरखेड़ा जोनल कार्यालय में कैश काउंटर खोले गए।
प्रदेश में सबसे कम गृहकर की दरें मेरठ में, फिर हल्ला क्यों
मेरठ : नगर निगम कार्यालय पहुंचे राज्यसभा सदस्य डा. लक्ष्मीकांत बाजपेयी ने मुख्य कर निर्धारण अधिकारी से बोले, प्रदेश में सबसे कम गृहकर की दरें मेरठ नगर निगम की है। 2003 से गृहकर की दरें बढ़ी नहीं। फिर गृहकर बढ़ने का हल्ला क्यों मचा हुआ है। यदि व्यवस्था में कमी है तो उसे दुरस्त करें। दो बिल जारी करने वालों पर कार्रवाई करें। जीआइएस एप और गृहकर की दरें सार्वजनिक करें। ताकि जनता को सही बात पता चल सके।
राज्यसभा सदस्य ने कहा कि कुछ लोग अपने स्वार्थ के लिए नगर निगम और भाजपा के विरूद्ध वातावरण बना रहे हैं। यह जानकारी होने पर वह निगम आए हैं। ये वही लोग हैं, जिन्होंने पहले मिलजुल कर नगर निगम में अपने गृहकर बिल कम करा रखे थे। अब कंप्यूटर और जीआइएस एप से पोल खुल रही है तो हल्ला मचा रहे हैं। एप में मकान-दुकान, कवर्ड एरिया सब पता चल जाता है। मुख्य कर निर्धारण अधिकारी ने कहा कि स्वकर फार्म भरवाकर बिलों की आपत्ति निस्तारित की जा रही है।
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