सपा प्रमुख अखिलेश यादव की मांग, सरकार माघ मेला में स्थापित कराए केदारेश्वर मंदिर
/file/upload/2026/01/8804840151513806574.webpसमाजवादी पार्टी के राज्य मुख्यालय में पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव
राज्य ब्यूरो, जागरण, लखनऊ: समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव नव वर्ष के पहले दिन गुरुवार को पार्टी के राज्य मुख्यालय में कार्यकर्ताओं और नेताओं से मिले और नव वर्ष की शुभकामनाएं दीं। उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर मीडिया से बातचीत में एसआईआर को लेकर भाजपा और योगी आदित्यनाथ सरकार पर तंज कसा। विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें
समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने इस अवसर पर कहा कि सरकार प्रयागराज के माघ मेले में हमारे केदारेश्वर मंदिर की भी स्थापना करे। उन्होंने कहा कि सरकार ने प्रयागराज माघ मेले में सपा संस्थापक मुलायम सिंह यादव की मूर्ति नहीं लगाई है, अगर वहां पर तैनात अधिकारियों ने नियम बदल दिया तो हम भगवान की मूर्ति लगाएंगे।
उन्होंने कहा कि कई अधिकारी चापलूसी रोटी बनाने में लगे हैं वह किस नियम में है। अगर अधिकारी या नियम बदल रहे हैं तो हम लोग सभी भगवानों की मूर्ति वहां लगाएंगे साथ ही साथ जो आयोजन है या जो आयोजन कर रहे हैं, मैं उनसे कहूंगा कि हमारे केदारेश्वर मंदिर की भी वहां स्थापना करें।
अखिलेश यादव ने सपा कार्यालय में बाटी चोखा कार्यक्रम को काफी सराहा और लखनऊ में भाजपा के ब्राह्मण विधायकों की बैठक को लेकर भी सीएम योगी आदित्यनाथ पर तंज भी कसा। उन्होंने कहा कि हमारा जो बाटी चोखे का कार्यक्रम है मैं उन कार्यकर्ताओं को बधाई देता हूं। बाटी चोखा सहभोज के आयोजन पर कहा कि वो इस कार्यक्रम के लिए पार्टी कार्यकर्ताओं को बधाई देना चाहते हैं। हम कार्यकर्ताओं को बधाई देंगे कि कार्यकर्ताओं ने बाटी चोखा का जो कार्य अच्छा कार्यक्रम किया है हम सब का एक दूसरे के प्रति अच्छा व्यवहार है हम सब एक दूसरे के साथ मिलजुल कर बैठते हैं यही हमारी संस्कृति है यही हमारा सम्मान है।
उन्होंने पार्टी के बाटी चोखा कार्यक्रम की तारीफ की और भाजपा के ब्राह्मण विधायकों की बैठक पर तंज कसा। उन्होंने और कहा अगर ये ब्राह्मण विधायक सरकार के विरोध में खड़े हो गए तो क्या होगा। अखिलेश यादव ने कहा कि अभी तो वो विधायक बैठे-बैठे खा रहे थे, अगर वह विधायक सरकार के खिलाफ खड़े हो गए तो क्या होगा। सरकार के विधायक अगर उनके खिलाफ खड़े हो गए तो सरकार का क्या होगा।
सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने योगी आदित्यनाथ से यूपी में निकली कांस्टेबल भर्ती में अभ्यार्थियों की आयु सीमा बढ़ाने की मांग की और कहा कि ये युवा सरकार की खामी के चलते ओवरएज हो गए। नव वर्ष पर देश और प्रदेश वासियों को बधाई देने के साथ कहा कि आज हम संकल्प लेते हैं कि बाबा साहब भीमराव अंबेडकर जी ने जो रास्ता दिखाया, लोहिया जी, नेताजी ने जो रास्ता दिखाया उसपर चलकर संकल्प लेते हैं कि देश, समाज को खुशहाली के रास्ते पर ले जाने का काम करेंगे।
एसआईआर की प्रक्रिया को लेकर किया हमला
अखिलेश यादव ने एसआईआर को लेकर भी सीएम योगी आदित्यनाथ पर हमला किया और कहा कि जिस समय मुख्यमंत्री ने कहा था चार करोड़ वोट उनके कट गए हैं, उसी समय तय हो गया था कि प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। इस समय जो आंकड़े आ रहे हैं वह साबित कर रहे हैं कि इलेक्शन कमीशन को और अधिकारियों को अपने क्रेडिबिलिटी को साबित करना पड़ेगा। अगर आंकड़ों में फर्क आएगा तो चुनाव आयोग को सोचना होगा कि इंटेंसिव प्रोविजन का मतलब क्या होगा। अधिकारी और चुनाव की क्रेडिबिलिटी का सवाल है कि ऐसे आंकड़ों पर जो लोग शामिल हैं। टेक्नोलॉजी में आखिर वह कहीं किसी हेरा फेरी की तैयारी में तो नहीं है। मुख्यमंत्री के इशारे के बाद कहीं बेईमानी की तैयारी में तो नहीं हो रही है।
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