मिशन सुदर्शन चक्र भारत की रक्षा आत्मनिर्भरता की ओर निर्णायक कदम, क्या है इसका उद्देश्य?
/file/upload/2026/01/709608950958350397.webpरक्षा मंत्री राजनाथ सिंह। (फाइल फोटो)
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। रक्षा मंत्रालय ने कहा कि पीएम नरेन्द्र मोदी द्वारा 2025 में अनावरण किया गया मिशन सुदर्शन चक्र भारत की रणनीतिक स्वायत्तता और रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की यात्रा में महत्वपूर्ण कदम है। इस पहल को देश के विकसित हो रहे सुरक्षा सिद्धांत की आधारशिला बताया। विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें
लाल किले से प्रधानमंत्री के स्वतंत्रता दिवस भाषण के दौरान घोषित यह मिशन भगवान कृष्ण के सुदर्शन चक्र से प्रेरणा लेता है। इसका उद्देश्य शत्रु की घुसपैठ को नाकाम करना और भारत की आक्रमण क्षमताओं को बढ़ाना है। यह कार्यक्रम आतंकवाद के खिलाफ भारत की नीति में आए परिवर्तन और खतरों का तेजी, सटीकता और मजबूती से जवाब देने के उसके संकल्प को दर्शाता है।
मिशन का क्या है उद्देश्य?
रक्षा मंत्रालय के अनुसार, मिशन सुदर्शन चक्र एक दूरदर्शी कार्यक्रम है जिसके तीन प्रमुख उद्देश्य हैं। रक्षा प्रणालियों का पूर्णतया अनुसंधान, विकास और निर्माण भारत के भीतर ही सुनिश्चित करना। भविष्योन्मुखी और उन्नत प्रौद्योगिकियों के माध्यम से भविष्य के युद्ध परि²श्यों का पूर्वानुमान लगाना और त्वरित जवाबी कार्रवाई में सक्षम सटीक, लक्षित प्रणालियां तैयार करना।
2035 तक, इस मिशन का लक्ष्य सार्वजनिक स्थानों सहित रणनीतिक और नागरिक संपत्तियों को कवर करते हुए एक व्यापक राष्ट्रीय सुरक्षा कवच स्थापित करना है।
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