यूपी के स्कूलों में अब गूंजेगी राम मंदिर और रानी लक्ष्मीबाई की गाथा, NCERT ने कक्षा 4 के पाठ्यक्रम में बदलाव!
/file/upload/2026/01/744036933832886576.webpप्रतीकात्मक चित्र
संवाद सहयोगी, जागरण, रामपुर। अब परिषदीय स्कूलों के कक्षा चार के विधार्थी अयोध्या में बने श्रीराम मंदिर के बारे में जानेंगे। साथ झांसी की रानी की वीरता का पाठ पढ़ेंगे। परिषदीय स्कूलों के कक्षा चार में एनसीईआरटी की गणित, हिन्दी, पर्यावरण और कला की किताबों में कई अहम बदलाव किए गए हैं। विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें
2026-27 शैक्षिक सत्र से परिषदीय स्कूलों में कक्षा चार में एनसीईआरटी की किताबें लागू हो रही हो रही हैं। इन किताबों में बदलाव किया गया है। सबसे महत्वपूर्ण बदलाव गणित मेला पाठ्यपुस्तक के हमारे आसपास हजारों की संख्या शीर्षक चौथे पाठ में हुआ है जिसमें कर्नाटक के जैन मंदिर के चित्र व संबंधित अभ्यास प्रश्न की जगह अयोध्या के प्रभु श्रीराम मंदिर का चित्र एवं संबंधित अभ्यास प्रश्न जोड़ा गया है।
राज्य शिक्षा संस्थान के विशेषज्ञों ने दक्षिण भारतीय व्यक्तियों के नाम जैसे गुड़प्पा के स्थान पर गणेश, वृक्षों में नारियल के स्थान पर आंवला, मुनिअम्मा के स्थान पर मीना कर दिया गया है। कक्षा चार हिंदी की पाठ्यपुस्तक वीणा में आसमान गिरा पाठ के स्थान पर बेसिक शिक्षा परिषद की पाठ्यपुस्तक फुलवारी से हौसला, एक पृष्ठीय गोलगप्पा के स्थान पर डेजी की डायरी, एक पृष्ठीय हवा और धूल के स्थान पर सत्य की जीत (सत्यवादी हरिशचन्द्र) जोड़ा गया है।
छन्नू लाल मिश्र एवं गिरिजा देवी का चित्र जोड़ा
कला की पाठ्यपुस्तक बांसुरी में दक्षिण भारतीय कोलम की जानकारी देने के साथ-साथ उत्तर प्रदेश में शुभ अवसरों पर चौक पूरना क्यों और कैसे बनाया जाता है। चित्रकूट, वाराणसी, मिर्जापुर और सहारनपुर लकड़ी के खिलौने क्यों प्रसिद्ध है, के बारे में बताया गया है। एनसीईआरटी की पुस्तक में दक्षिण भारत के स्थान चन्नापाटना (कर्नाटक) का उल्लेख है। वरिसाई के स्थान पर उत्तर भारतीय संगीत में उपयोग में आने वाले अलंकार अथवा पलटा शब्द जोड़ा गया है।
बनारस घराना में पं. छन्नू लाल मिश्र एवं उपशास्त्रीय गायन की विदुषी गिरिजा देवी का चित्र, कन्नड़ गीत आदोना बन्नी के स्थान पर कजरी (पारंपरिक लोकगीत वर्षा गीत एवं संबंधित चित्र), तमिल भाषा में लिखी लोरी को परिवर्तित करके हिन्दी अवधी भोजपुरी मिश्रित पारंपरिक लोरी शामिल की गई है। इसके अतिरिक्त कुमाऊंनी गीत (उत्तराखंड) के स्थान पर प्रदेश के प्रचलित बारहमासा गीत, मिजोरम लोकगीत के स्थान पर गंगा गीत और संबंधित चित्र दर्शाया गया है।
मट्ठा-आलू, तहरी, पूरी-सब्जी को किया शामिल
पर्यावरण की पाठ्यपुस्तक हमारा अद्भुत संसार में उत्तर प्रदेश का राजकीय पुष्प, प्रचलित भोजन (मठ्ठा-आलू, तहरी, पूरी-सब्जी), श्री अन्न जैसे कोदो, रागी (मडुआ) के नाम, अनाज उगाने में सूर्य के प्रकाश का महत्व, प्रबोधनी एकादशी (पर्व), कागज निर्माण के प्रसिद्ध केन्द्र एवं अनुसंधान जालौन एवं सहारनपुर आदि विषयवस्तु भी जोड़ी गई है।
कक्षा चार की अंग्रेजी किताब में अब रानी लक्ष्मीबाई भी
कक्षा चार की अंग्रेजी की किताब में बच्चों को अंग्रेजों के दांत खट्टे करने वाली रानी लक्ष्मीबाई और मशहूर गायक, गीतकार और संगीतकार पद्मश्री रवीन्द्र जैन के बारे में भी संक्षेप में पढ़ाया जाएगा। अंग्रेजी की किताब संतूर को आंग्ल भाषा शिक्षण संस्थान एलनगंज के विशेषज्ञों ने उत्तर प्रदेश के संदर्भ में विकसित किया है।
महारानी अहिल्याबाई होल्कर के राज्य महेश्वर पर आधारित पाठ में रानी लक्ष्मीबाई के बारे में भी बताया गया है। लिखा है कि उन्होंने 1957 में झांसी किले की रक्षा के लिए अंग्रेजों से बहादुरी से लड़ाई की थी। अलीगढ़ में जन्मे और टीवी धारावाहिक रामायण के जरिए घर-घर में मशहूर हुए दिवंगत रवीन्द्र जैन के बारे में संक्षिप्त जानकारी दी गई है।
नागालैंड के पारंपरिक खेल हेक्को पर आधारित पाठ में यह स्पष्ट किया गया है कि हेक्को और कबड्डी लगभग एक ही जैसे खेल हैं। दक्षिण भारत के कुछ राज्यों में उपयोग में आने वाले शब्द चिन्ना को भी समझाया गया है। जैसे तमिल में चिन्ना का अर्थ छोटा जबकि कन्नड़ में चिन्ना का मतलब सोना होता है।
कक्षा चार की की पाठ्य पुस्तकों के परीक्षण एवं कस्टमाइजेशन का काम जिले की शैक्षिक परिस्थितियों, स्थानीय आवश्यकताओं एवं परिवेश के परिप्रेक्ष्य किया गया है। निश्चित रूप से इसका लाभ बच्चों को होगा।
– बबीता सिंह, बीईओ, मिलक
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