नोएडा में सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली मौतों को शून्य करने का संकल्प, नए साल में सुरक्षित सफर पर होगा फोकस
/file/upload/2026/01/5485805255067053267.webpनोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे पर ग्रेटर नोएडा नोएडा से आने वाले मार्ग पर सेक्टर-150 के पास बस खड़ा करके सवारी बिठाता चालक। जागरण
मुनीश शर्मा, नोएडा। नए साल में गौतमबुद्ध नगर कमिश्नरेट पुलिस ने सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली मौतों को शून्य करने का संकल्प लिया है। लोग सुगम व सुरक्षित सफर कर सकें। इसके लिए गौतमबुद्ध नगर पुलिस ने एक माह तक चलने वाले राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह की बृहस्पतिवार से शुरुआत की है। विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें
पुलिस इस ध्येय को पूरा करने के लिए 4-ई माडल शिक्षा, प्रवर्तन, इंजीनियरिंग, इमरजेंसी केयर पर काम करेगी। हालांकि पहले भी इस दिशा में प्रयास किए जाते रहे हैं, लेकिन इस बार की पहल में तकनीक को भी समाहित किया गया है।
उत्तर प्रदेश के मुखिया योगी आदित्यनाथ ने सड़क सुरक्षा माह को ‘जीरो फेटेलिटी माह’ के रूप में मनाने का प्रण लिया है। परिवहन, यातायात पुलिस, सड़क निर्माण इकाई और स्वास्थ्य विभाग को जिम्मेदारी सौंपी गई है। सरकारी मशीनरी की ओर से सार्वजनिक स्थानों पर प्रचार प्रसार कर लोगों को यातायात नियमों के प्रति जागरूक किया जाएगा।
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यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों पर होगी सख्ती
लोगों को यह भी समझाया जा सके कि वाहन चलाते समय जरा सी चूक अपनी और अन्य की जान पर बन सकती है। इसके बावजूद भी यातायात नियमों का पालन नहीं करने वाले लोगों से सख्ती से निपटा जाएगा। शराब पीकर वाहन चलाने, ओवरस्पीडिंग, लेन उल्लंघन, गलत दिशा में वाहन चलाने, हेलमेट व सीट-बेल्ट न पहनने, रिफ्लेक्टर टेप, फाग लाइट, बिना परमिट व बिना फिटनेस संचालित वाहनों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई होगी।
चालान काटने के साथ-साथ आदतन लापरवाही लोगों के लाइसेंस भी निरस्त कराकर सख्त संदेश दिया जाएगा। ताकि लोग सड़क पर वाहन चलाते समय यातायात नियमों का पालन करें। हर नियम को अपनी आदत में शामिल कर ही वाहन चलाएं। दूसरी ओर सड़क हादसों में जान जाने के पीछे रोड इंजीनियरिंग जैसी खामियां और समय पर प्राथमिक उपचार नहीं मिलना भी सामने आता है।
इन कारणों के चलते सामान्य सड़क दुर्घटना होने पर भी जान चली जाती है। स्वजन को जीवनभर एक मलाल बनकर रह जाती है। इससे बचने के लिए सभी विभागों को तालमेल बैठाकर रोड इंजीनियरिंग की खामियों का पता लगाना है। संबंधित विभाग से निश्चित समय में खामियों को दूर भी करना है।
हादसा होने पर तत्काल मेडिकल सुविधा उपलब्ध हो। इसके लिए सड़कों पर निश्चित दूरी पर एंबुलेंस जैसे संसाधनों की व्यवस्था हो। इमरजेंसी केयर पर काम करने से किसी भी घायल को तत्काल प्राथमिक उपचार मिल सके। डीसीपी यातायात प्रवीण रंजन सिंह ने बताया कि राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह की शुरूआत हो चुकी है। 31 जनवरी 2026 तक सड़क सुरक्षा माह आयोजित होगा।
2025 में वाहनों के चालान, मौत
माह चालान मौत
जनवरी
2.19 लाख
35
फरवरी
2.26 लाख
23
मार्च
2.20 लाख
29
अप्रैल
2.22 लाख
37
मई
2.54 लाख
45
जून
2.45 लाख
28
जुलाई
2.61 लाख
55
अगस्त
2.15 लाख
55
सितंबर
2.07 लाख
39
अक्टूबर
2.01 लाख
28
नवंबर
3.31 लाख
38
दिसंबर
2.15 लाख
28
हादसे, मौत और घायल
वर्ष हादसे मौत घायल
2021
798
368
559
2022
1122
437
856
2023
1176
470
858
2024
1165
462
966
2025
1098
440
913
सालभर में सीज किए गए वाहन
वाहन सीज
भारी वाहन
535
बस
215
हल्के चार पहिया वाहन
1658
आटो
3789
ई-रिक्शा
2983
दो पहिया वाहन
2827
ट्रैक्टर
153
जुगाड़ वाहन
100
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