नए साल के जश्न में गोरखपुर में शराब की रिकॉर्ड तोड़ बिक्री, दो दिन में 11 करोड़ का कारोबार
/file/upload/2026/01/8786832562775699558.webpजागरण संवाददाता, गाेरखपुर। नववर्ष के जश्न में गोरखपुरवासियों ने शराब की खपत के सारे पुराने रिकार्ड तोड़ दिए। बीते दो दिनों में ही शहर में 11 करोड़ रुपये से अधिक की शराब गटक ली। आबकारी विभाग के आंकड़ों के अनुसार 31 दिसंबर को जहां शराब की बिक्री 6.30 करोड़ रुपये तक पहुंच गई, वहीं एक जनवरी को भी जश्न का असर बरकरार रहा और करीब पांच करोड़ रुपये की शराब बिक गई। यानी सिर्फ 48 घंटों में शहर ने शराब के शौक में 11 करोड़ रुपये उड़ाकर नया कीर्तिमान बना दिया। विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें
नववर्ष से पहले पूरे दिसंबर महीने में भी शराब की दुकानों पर खरीदारों की जबरदस्त भीड़ रही। दिसंबर में कुल शराब बिक्री का आंकड़ा 130 करोड़ रुपये तक पहुंच गया। औसतन प्रतिदिन 4.20 करोड़ रुपये की शराब बिक्री हुई। आबकारी विभाग के अधिकारियों का कहना है कि दिसंबर महीना हर साल बिक्री के लिहाज से मजबूत रहता है, लेकिन इस बार आंकड़े उम्मीद से कहीं ज्यादा रहे।
नए साल के स्वागत को लेकर शराब की मांग को देखते हुए आबकारी विभाग ने अस्थायी लाइसेंस भी जारी किए थे। एक जनवरी के लिए 13 अस्थायी लाइसेंस दिए गए, जबकि पूरे दिसंबर महीने के लिए 31 अस्थायी लाइसेंस जारी किए गए थे। इन अस्थायी दुकानों और लाइसेंस के जरिए होटल, मैरिज हाल और आयोजनों में शराब की उपलब्धता सुनिश्चित की गई, जिसका सीधा असर बिक्री पर पड़ा।
शहर से लेकर कस्बों तक शराब दुकानों के बाहर देर रात तक लाइनें लगी रहीं।आबकारी सूत्रों के मुताबिक, नववर्ष की पूर्व संध्या पर युवाओं के साथ-साथ मध्यम आयु वर्ग के लोगों ने भी जमकर खरीदारी की। कई दुकानों पर स्टाक खत्म होने की स्थिति बन गई थी और वहा सप्लाई मंगानी पड़ी। शराब ठीकों के साथ-साथ कंपोजिट शाप व माडल शाप पर भी खासा दबाव रहा।
शराब दुकानों का आंकड़ा
देशी शराब की दुकानें : 342
कंपोजिट शाप : 211
माडल शाप : 13
भांग की दुकानें : 14
पिछले वर्ष बिकी थी नौ करोड़ की शराब :
31 दिसंबर 2024 को करीब पांच करोड़ और एक जनवरी 2025 को लगभग चार करोड़ रुपये की शराब बिक्री हुई थी। इस वर्ष 31 दिसंबर 2025 को 6.30 करोड़ और एक जनवरी को करीब पांच करोड़ की बिक्री दर्ज की गई, जो तुलनात्मक रूप से कहीं अधिक है।
Pages:
[1]