ITMS से गाजियाबाद में सुधरेगी ट्रैफिक व्यवस्था, नियम तोड़ने पर अपने आप होगा चालान
/file/upload/2026/01/8304180837064416847.webpपुलिस लाइन में ट्रैफिक पुलिस द्वारा यातायात व्यवस्था सुचारू करने के लिए बनाए गए ट्रैफिक मित्र के साथ पुलिस अधिकारी। सौ. पुलिस
जागरण संवाददाता, गाजियाबाद। नए साल में शहर की यातायात व्यवस्था को सुधारने के लिए ट्रैफिक पुलिस ने तकनीक और जनसहभागिता को साथ लेकर चलने की रणनीति तैयार की है। सड़क पर लगने वाले जाम, अव्यवस्थित पार्किंग और नियम उल्लंघन पर प्रभावी नियंत्रण के लिए इस वर्ष आईटीएमएस (इंटीग्रेटेड ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम) और ट्रैफिक मित्र योजना को प्रमुख हथियार बनाया जाएगा। विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें
इसी माह नगर निगम द्वारा लगाए गए आईटीएमएस कैमरों की लाइव फीड ट्रैफिक पुलिस को मिलनी शुरू हो जाएगी, जिसके बाद इन कैमरों की मदद से ई-चालान की कार्रवाई तेज की जाएगी। यातायात व्यवस्था को मजबूत करने के लिए जिले में 500 ट्रैफिक मित्र बनाए जा रहे हैं।
वर्ष के पहले ही दिन इस योजना की औपचारिक शुरुआत करते हुए पुलिस लाइन स्थित परमजीत हाल में अतिरिक्त पुलिस आयुक्त आलोक प्रियदर्शी ने चयनित 18 ट्रैफिक मित्रों को परिचय पत्र वितरित किए। ट्रैफिक मित्र स्कूलों, बाजारों, भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों और प्रमुख चौराहों पर यातायात पुलिस के साथ समन्वय कर काम करेंगे।
इसके साथ ही सड़क हादसों की स्थिति में सूचना देने और प्राथमिक सहयोग की भी जिम्मेदारी निभाएंगे। पुलिस के अनुसार अब तक 280 ट्रैफिक मित्रों का चयन किया जा चुका है, जबकि पहले चरण में 18 को परिचय पत्र सौंपे गए हैं। लक्ष्य है कि जल्द ही जिले में 500 प्रशिक्षित ट्रैफिक मित्र सक्रिय रूप से काम करें।
इसके अलावा मौजूदा ट्रैफिक बल की संख्या बढ़ाने की भी योजना है, ताकि बढ़ते यातायात दबाव को प्रभावी ढंग से संभाला जा सके। शहर के यातायात को सुव्यवस्थित करने की दिशा में चौधरी मोड़ चौराहे को माडल चौराहा बनाने की भी तैयारी है। इसके तहत अंबेडकर रोड से विजयनगर की ओर सीधी आवाजाही को नियंत्रित किया जाएगा, जिससे जाम की समस्या कम हो सके।
आईटीएमएस कैमरे और ट्रैफिक मित्र योजना यातायात सुधार की रीढ़ बनेंगी। तकनीक के जरिए नियम उल्लंघन पर निगरानी बढ़ेगी और ट्रैफिक मित्रों की मदद से आमजन में नियमों के प्रति जागरूकता आएगी। हमारा उद्देश्य सुरक्षित, सुगम और अनुशासित यातायात व्यवस्था बनाना है।
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त्रिगुण बिसेन, डीसीपी ट्रैफिक
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