करा रहे हैं मकान की रजिस्ट्री तो रखें ध्यान, पैन कार्ड की जानकारी हुई गलत तो सॉफ्टवेयर रोक देगा आवेदन
/file/upload/2026/01/6355205372418610447.webpप्रतीकात्मक तस्वीर
जागरण संवाददाता, कानपुर। परमानेंट अकाउंट नंबर (पैन) का कोई भी अंक गलत हो गया या जानबूझकर गलती की गई तो जमीन, दुकान, मकान, फ्लैट की रजिस्ट्री के लिए ऑनलाइन आवेदन नहीं हो सकेंगे। रजिस्ट्री दफ्तर का नया सॉफ्टवेयर अब नाम और पते से इसका सत्यापन कर रहा है। इससे आयकर विभाग के हालिया सर्वे में 3500 संपत्तियों की रजिस्ट्री में सामने आई पैन की गड़बड़ी भविष्य में नहीं हो सकेगी। विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें
अचल संपत्तियों की खरीद बिक्री को लेकर सही जानकारी न भेजने पर 26 दिसंबर को सिविल लाइंस स्थित उप निबंधन कार्यालय में आयकर विभाग ने सर्वे किया था। जांच के दौरान टीम को जोन एक के निबंधक के दफ्तर में 2500 करोड़ रुपये की संपत्तियों की खरीद और बिक्री में लगे पैन में विसंगतियां मिली थीं।
निबंधन दफ्तर की तरफ से भेजी गई जानकारी की जांच आयकर विभाग ने कराई थी तो बड़ी संख्या में पैन गलत मिले थे। इसके बाद 30 दिसंबर को जोन दो के उप निबंधक कार्यालय में एक हजार करोड़ की संपत्तियों में लगे पैन गलत मिले थे।
दोनों जोन की ये संपत्तियां वित्तीय वर्ष 2020-21 से लेकर 2024-25 तक की हैं। आयकर विभाग जांच कर रहा है कि जानबूझकर ऐसा किया गया है या गलती हुई है।
फिलहाल, अधिकारियों का दावा है कि सितंबर 2025 के बाद कराई जा रही रजिस्ट्रियों में ऐसी विसंगति नहीं हो सकेगी। इस तरह की आशंका पहले भी जताई गई थी, इसलिए रजिस्ट्री दफ्तर के सॉफ्टवेयर में बदलाव किया गया था। अब किसी संपत्ति की रजिस्ट्री कराने पर अगर आवेदक के पैन की एक भी डिजिट गलत हो गई तो आवेदन नहीं होगा।
जन्म तिथि भी सही भरने पर सॉफ्टवेयर आवेदन स्वीकार करेगा। अगर संपत्ति के किसी क्रेता या विक्रेता पर पैन नहीं है तो उसे फॉर्म 60 अपलोड करना होगा। इसके बिना आवेदन स्वीकार नहीं होगा। एआईजी स्टांप श्याम सिंह विसेन ने बताया कि संपत्ति की रजिस्ट्री के लिए आवेदन करने पर क्रेता या विक्रता के पैन की कोई डिजिट गलत भरी जाती है तो सॉफ्टवेयर आवेदन स्वीकार नहीं करता है।
यह भी पढ़ें- मेरठ की इस स्पेशल मिठाई को मिली वैश्विक पहचान, मिला जीआई टैग; 121 साल पुराना है कारोबार
Pages:
[1]