बिना रेडियोलाजिस्ट के चल रहे अल्ट्रासाउंड सेंटर को किया सील, सिटी मजिस्ट्रेट ने मारा छापा, मरीजों की लौटाई फीस
/file/upload/2026/01/4514920958937878146.webpजागरण संवाददाता, संभल। शहर के शंकर चौराहे के पास मुंसिफ मार्केट में संचालित सिटी अल्ट्रासाउंड सेंटर में बिना रेडियोलाजिस्ट के अवैध रूप से अल्ट्रासाउंड किया जा रहा था। सिटी मजिस्ट्रेट की छापेमारी में अल्ट्रासाउंड सेंटर अवैध पाया गया, जिसे तुरंत सील कर दिया गया और प्राथमिकी दर्ज कराने के निर्देश दिए गए।विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें
गुरुवार को सिटी मजिस्ट्रेट सुधीर कुमार सोनी शंकर चौराहे के नजदीक संचालित सिटी अल्ट्रासाउंड सेंटर पर निरीक्षण करने पहुंचे।निरीक्षण के दौरान रिसेप्शन पर मुहल्ला चमन सराय निवासी अली अहमद उर्फ अब्दाल अहमद मौजूद मिला, जबकि अल्ट्रासाउंड कक्ष में एक युवती बैठी मिली, जिसने अपना नाम गजरौला निवासी नेहा बताया।
मौके पर कोई भी रेडियोलाजिस्ट या चिकित्सक उपस्थित नहीं था। वहां पर मुहल्ला कोटगर्वी निवासी मोहम्मद सुल्तान अपनी पत्नी इमराना का अल्ट्रासाउंड कराने आए थे। इसके अलावा मोहम्मद आसिफ, आसिया, सुमन समेत कई महिलाएं अल्ट्रासाउंड के लिए वहां मौजूद मिलीं।
अल्ट्रासाउंड कक्ष में रखी मशीन और दस्तावेजों की जांच करने पर एक जनवरी को किए गए अल्ट्रासाउंड की रिपोर्ट मिली, जिस पर डा. हीराराम के अपठित हस्ताक्षर थे। साथ ही एक प्रति भी मिली, जिस पर नगमा का नाम और समय दोपहर 12 बजे अंकित था।
पाया कि निरीक्षण से मात्र चार से पांच मिनट पहले ही नगमा नाम की महिला का अल्ट्रासाउंड किया गया था, जबकि उस समय कोई डाक्टर मौजूद नहीं था। सामने आया कि अल्ट्रासाउंड कक्ष में मौजूद नेहा द्वारा ही डाक्टर की अनुपस्थिति में अवैध रूप से अल्ट्रासाउंड किया जा रहा था।
मौके पर उपस्थित मरीजों ने बताया कि उन्होंने अल्ट्रासाउंड की फीस रिसेप्शन पर बैठे अली अहमद उर्फ अब्दाल अहमद को जमा की थी। इस पर सिटी मजिस्ट्रेट ने सभी मरीजों की जमा की गई फीस तुरंत वापस कराई। जब अली अहमद और नेहा से सेंटर के संचालन से संबंधित वैध दस्तावेज मांगे गए तो वे कोई भी कागजात प्रस्तुत नहीं कर सके।
सिटी मजिस्ट्रेट ने नोडल अधिकारी क्वैक्स डा. मनोज चौधरी को निर्देशित किया कि पूरे मामले की जांच कर कोतवाली में प्राथमिकी दर्ज कराई जाए। अवैध संचालन पाए जाने पर सिटी अल्ट्रासाउंड सेंटर को मौके पर ही सील कर दिया गया।
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