2026 में इतिहास रचने को तैयार ISRO! गगनयान और प्राइवेट विदेशी कंपनियों के रॉकेट होंगे लॉन्च, देखें डिटेल्स
ISRO history in 2026: शुभांशु शुक्ला की इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन (ISS) की पहली यात्रा की सफलता के बाद भारत इस साल के आखिर में मानवरहित गगनयान मिशन के लॉन्च के साथ अपनी पहली ह्यूमन स्पेस फ्लाइट की दिशा में पहला कदम उठाने के लिए तैयार है। प्राइवेट स्पेस कंपनियां \“स्काईरूट एयरोस्पेस\“ और \“अग्निकुल कॉसमॉस\“ भी अपने स्वदेशी रॉकेट, विक्रम-1 और अग्निबाण का इस्तेमाल करके सैटेलाइट लॉन्च करने की तैयारी कर रही हैं। उनका लक्ष्य छोटे सैटेलाइट लॉन्च के बढ़ते बाजार में हिस्सेदारी हासिल करना है।नए साल में एक पोलर सैटेलाइट लॉन्च व्हीकल (PSLV) का भी लॉन्च होगा। इसे 2023 में ISRO से कॉन्ट्रैक्ट मिलने के बाद हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड और लार्सन एंड टुब्रो ने मिलकर बनाया है। विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्री जितेंद्र सिंह ने पिछले महीने संसद में बताया था कि गगनयान यानी G-1 का पहला ऑर्बिटल टेस्ट इस साल मार्च तक होने की उम्मीद है। इस मिशन में ह्यूमनॉइड रोबोट व्योममित्र जाएगा।
यह ह्यूमनॉइड रोबोट एक अंतरिक्ष यात्री के कामों को सिम्युलेट करेगा। यह अंतरिक्ष यान 2027 में भारत की नियोजित मानव अंतरिक्ष उड़ान से पहले लो अर्थ ऑर्बिट में महत्वपूर्ण क्रू सिस्टम को वैलिडेट करेगा। इंडियन स्पेस एसोसिएशन (ISPA) के डायरेक्टर जनरल लेफ्टिनेंट जनरल एके भट्ट ने कहा, “2026 PSLV-N1, अग्निकुल के 3D-प्रिंटेड इंजन और पिक्सेल के हाइपरस्पेक्ट्रल कॉन्स्टेलेशन के जरिए क्वांटम टेक्नोलॉजी में सफलताओं के माध्यम से भारत की वैश्विक स्थिति को मजबूत करेगा। हम समर्पित प्राइवेट लॉन्च पैड जैसी बुनियादी ढांचे की ज़रूरतों को भी पूरा करेंगे।“
संबंधित खबरें
यूपी समेत इन जगहों में पड़ रही कड़ाके की ठंड, कोहरे की वजह से इस तारीख तक बंद रहेंगे 12वीं तक के स्कूल अपडेटेड Jan 02, 2026 पर 4:26 PM
Maharashtra Civic Polls: नागपुर में नामांकन वापसी को लेकर भारी हंगामा, BJP उम्मीदवार को समर्थकों ने घर में किया कैद अपडेटेड Jan 02, 2026 पर 4:07 PM
Dhurandhar Tax Free: 2025 की सबसे बड़ी हिट \“धुरंधर\“, लद्दाख में हुई टैक्स-फ्री...सामने आई ये बड़ी खबर अपडेटेड Jan 02, 2026 पर 3:26 PM
पिछले साल शुक्ला ने Axiom-4 कमर्शियल मिशन के हिस्से के रूप में इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन की यात्रा करने वाले पहले भारतीय बनकर इतिहास रचा था। शुक्ला ने ऑर्बिटल लेबोरेटरी में 18 दिन बिताए, जहां उन्होंने माइक्रोग्रैविटी प्रयोग किए। यह अनुभव भारत के मानव अंतरिक्ष उड़ान कार्यक्रम के लिए बहुत कीमती साबित होगा।
ये भी पढ़ें- Himachal Student Dies: हिमाचल के कॉलेज में रैगिंग और यौन उत्पीड़न के बाद छात्रा की मौत! बेरहमी से मारपीट का आरोप, प्रोफेसर समेत 3 छात्राओं पर केस दर्ज
IIT-मद्रास में विकसित एक स्पेस स्टार्टअप अग्निकुल कॉसमॉस भी दोबारा इस्तेमाल होने वाले रॉकेट लॉन्च करने की तैयारी है। यह लागत कम करने के लिए अपने रॉकेट के ऊपरी हिस्सों को फंक्शनल सैटेलाइट में बदलने की योजना बना रहा है। स्काईरूट एयरोस्पेस ने पिछले महीने वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मौजूदगी में अपना विक्रम-1 रॉकेट लॉन्च किया था। कंपनी का लक्ष्य इस साल की शुरुआत में इस रॉकेट को कमर्शियल पेलोड के साथ लॉन्च करना है।
Pages:
[1]