सीएम योगी ने की पंचायती राज विभाग के कार्यों की समीक्षा, योजनाओं का काम पूरी पारदर्शिता से कराने के दिए निर्देश
/file/upload/2026/01/9073230101391464681.jpgराज्य ब्यूरो, लखनऊ। पंचायती राज विभाग की समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव पर सीधे कोई बात तो नहीं की, लेकिन उन्होंने पंचायतों में होने वाले विकास कार्यों को तेजी से धरातल पर उतारने के निर्देश दिए। अधिकारियों से कहा कि योजनाओं का काम पूरी पारदर्शिता के साथ समय से पूरा करें। मुख्यमंत्री ने कहा कि पंचायतों में डिजिटल लाइब्रेरी की स्थापना का काम बहुत तेजी से कराया जाए।
शुक्रवार को आयोजित इस समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने स्वच्छ भारत मिशन के तहत होने वाले कार्यों, पंचायतों में अंत्येष्टि स्थल का निर्माण, उत्सव घर, वाटर ट्रीटमेंट प्लांट, आरजीएसए, गांवों के तालाबों को स्वच्छ रखने की योजनाओं पर अधिक ध्यान देने के लिए कहा।
विभाग द्वारा अब तक जारी बजट को खर्च करने की समीक्षा भी की। विकास कार्यों के लिए मिले बजट को तेजी से खर्च करने के निर्देश दिए।मुख्यमंत्री द्वारा पंचायत चुनाव पर सीधे कुछ नहीं कहे जाने पर भी विकास कार्यों को तेजी से धरातल पर उतारे जाने के उनके निर्देश को पंचायत चुनाव की तैयारियों से जोड़कर देखा जा रहा है। इस बैठक में विभागीय मंत्री ओम प्रकाश राजभर, प्रमुख सचिव अनिल कुमार, निदेशक अमित कुमार सिंह प्रमुख रूप से उपस्थित थे।
11452 ग्राम पंचायतों में स्थापित किए जा रहे हैं डिजिटल लाइब्रेरी
विभाग इस समय प्रदेश की 11452 ग्राम पंचायतों में डिजिटल लाइब्रेरी की स्थापना का कार्य कराने में जुटा है। 75 जिलों में चिन्हित ग्राम पंचायतों के लिए पुस्तकें और फर्नीचर खरीदने के लिए टेंडर कर दिए गए हैं। यूपी डेस्को द्वारा कंप्यूटर खरीदने के लिए टेंडर की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है।
इसके लिए केंद्र सरकार से 453 करोड़ रुपये पहले चरण में मिले हैं। 75 प्रतिशत धनराशि का उपभोग हो जाने पर केंद्र सरकार से दूसरे चरण में भी 453 करोड़ रुपये मिलेंगे। डिजिटल लाइब्रेरी की स्थापना हो जाने पर ग्रामीण छात्र गांव में ही प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी पुस्तकों के साथ ही डिजिटल माध्यमों से कर सकेंगे।
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