हम तो ऐसा चाहते हैं कि...; किस बात से संतुष्ट नहीं हैं बिहार के DGP? क्राइम कंट्रोल पर कर रहे थे चर्चा
/file/upload/2026/01/8214386763118383165.jpgडीजीपी विनय कुमार ने गिनाईं प्राथमिकता।
राज्य ब्यूरो, पटना। डीजीपी विनय कुमार ने कहा कि राज्य में अपराध के ग्राफ में लगातार कमी दर्ज की गई है। पटना में हत्याकांड में 25 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई है।
पिछले दो दशकों में राज्य के अन्य जिलों में भी हर शीर्ष में अपराध में कमी आई है, मगर हम इससे संतुष्ट नहीं हैं। हमारा लक्ष्य है कि हत्या या गंभीर अपराध का कोई कांड ही दर्ज न हो।
हाल में पुलिस मुठभेड़ के मामले बढ़ने के सवाल पर डीजीपी ने कहा कि यह सुनियोजित नहीं होता। पिछले साल पुलिस ने करीब पौने चार लाख लोगों को गिरफ्तार किया।
मुठभेड़ में पुलिसकर्मियों की भी हुई मौत
इनमें से 10-15 मामले ऐसे हो जाते हैं, जब पुलिस को आत्मरक्षा में अपराधी पर जवाबी कारवाई करते हुए गोली चलानी पड़ती है। इसमें पुलिसकर्मियों की मौत भी हुई है।
डीजीपी ने कहा कि ड्रग्स और साइबर अपराध वर्तमान में पुलिस के लिए सबसे बड़ी चुनौती हैं। यह इसलिए भी अधिक चिंता का विषय है कि दोनों ही तरफ के अपराध में बहुत कम उम्र के किशोर और युवा शामिल हैं।
ड्रग्स और साइबर अपराध के विरुद्ध लगातार पुलिस कार्रवाई भी कर रही है। डीजीपी ने कहा कि माओवादियों की गतिविधियां भी पूरी तरह समाप्ति पर हैं।
हाल ही में मुंगेर में तीन बड़े माओवादियों ने आत्मसमर्पण किया है और एक माओवादी बेगूसराय में पुलिस कारवाई में मारा भी गया है।
बंगाल से सटे जिलों में अतिरिक्त बल तैनात, बाॅर्डर पर बढ़ी चौकसी
भारत-नेपाल की सीमा पर रक्सौल बार्डर से पकड़े गए तीन बांग्लादेशियों की गिरफ्तारी के बाद नेपाल और बंगाल से सटे जिलों में सुरक्षा और चौकसी बढ़ा दी गई है।
डीजीपी ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय सीमा की संवेदनशीलता बढ़ी है। सीमा पर चौकसी बढ़ा दी गई है। बंगाल से सटे हुए जिलों में अतिरिक्त सशस्त्र बल की कंपनियां लगाई गई हैं।
सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) के द्वारा भी सीमा पर सघनता से जांच की जा रही है। इसी का प्रतिफल है कि तीन लोग अवैध रूप से प्रवेश करते हुए पकड़े गए हैं। केंद्रीय एजेंसियों के साथ पुलिस की टीम भी उनसे पूछताछ कर रही है।
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