रामपुर में बिजली क्रांति: अब फाल्ट और वसूली के लिए होंगी अलग टीमें, यूपी का पहला छोटा जिला बना
/file/upload/2026/01/8522855972769365190.jpgप्रतीकात्मक चित्र
संवाद सहयोगी, जागरण, रामपुर। बिजली व्यवस्था में सुधार के साथ ही अफसरों के कंधों से भी काम का बोझ कम होगा। इसके लिए नगर विधायक आकाश सक्सेना के प्रयासों के बाद विभाग में वर्टिकल रिस्ट्रक्चरिंग लागू की गई है, जिसमें प्रदेश के पहले छोटे जनपद रामपुर का चयन किया गया है।
योजना के तहत विभाग में अब टेक्निकल (तकनीकी) और व्यावसायिक (कॉमर्शियल) टीम की अलग-अलग तैनाती होगी। तकनीकी टीम बिजली सुधार का काम देखेगी, जबकि कॉमर्शियल टीम राजस्व वसूली समेत नए कनेक्शन जारी करने का कार्य देखेगी। प्रदेश सरकार की ओर से बिजली सुधार के लिए निरंतर कार्य किए जा रहे हैं। इसके कारण अफसरों के कंधों पर काम का बोझ बढ़ गया है।
ऐसे में विभाग की राजस्व वसूली भी उतनी नहीं हो पा रही है, जितनी होनी चाहिए। इसका सबसे बड़ा कारण यह है कि कोई भी तकनीकी कमी आने के बाद अधिकारियों से लेकर कर्मचारी तक उसे दूर करने में जुट जाते हैं। इसी वजह से अधिकारियों को राजस्व वसूली के लिए कम समय मिल पाता है। कई बार तो समय अभाव के कारण क्षतिग्रस्त ट्रांसफार्मर तक देरी से बदले जाते हैं।
ऐसे में कार्य के अत्यधिक दबाव के कारण दोनों की काम प्रभावित हो जाते हैं। पिछले दिनों नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री एके शर्मा के आगमन पर शहर विधायक आकाश सक्सेना ने उनके समक्ष भी इस बात को रखा। जिसके बाद अब विभाग की ओर से वर्टिकल रिस्ट्रक्चरिंग व्यवस्था लागू की गई है। अब तक जहां प्रथम डिविजन में एक ही अधिशासी अभियंता की तैनाती थी।
उन्हीं की देखरेख में सभी कार्य होते थे। किंतु, नई व्यवस्था के तहत एक अधिशासी अभियंता, दो उपखंड अधिकारी एवं दो अवर अभियंताओं की अतिरिक्त तैनाती हो जाएगी। इसमें से एक अधिशासी अभियंता को तकनीकी कार्य दिया जाएगा। जिसमें 24 घंटे विद्युतापूर्ति, बिजली लाइनों का रख-रखाव, नई लाइनों को निर्माण, ट्रांसफार्मरों की क्षमतावृद्धि आदि कार्य शामिल होंगे।
दूसरे अधिशासी अभियंता को व्यावसायिक कार्य दिए जाएंगे। इसमें नए कनेक्शन जारी करने, बिजली बिलों में संशोधन, स्मार्ट मीटर लगाने, सोलर लगाने, राजस्व वसूली सहित अन्य कार्य सम्मिलित होंगे। इस व्यवस्था के लागू होने के बाद जहां शहर की विद्युतापूर्ति में सुधार हो जाएगा, वहीं विभाग की राजस्व वसूली में भी सुधार हो जाएगा।
शाहबाद गेट और किला बिजलीघर पर बनेंगी हेल्प डेस्क
वर्टिकल रिस्ट्रक्चरिंग के तहत बिजली विभाग की ओर से दो हेल्प डेस्क बनाई जाएंगी। इसमें एक हेल्प डेस्क किला बिजलीघर पर रहेगी, तो दूसरी हेल्प डेस्क शाहबाद गेट बिजलीघर पर रहेगी। इस हेल्प डेस्क के माध्यम से शहर का कोई भी उपभोक्ता अपनी किसी भी तरह की समस्या को लेकर जा सकता है, जिसका निर्धारित समयावधि में निस्तारण किया जाएगा। इसके लिए बिजली विभाग के अधिकारी भी बाध्य होंगे, क्योंकि इन हेल्प डेस्क की ऑनलाइन मॉनिटरिंग की व्यवस्था रहेगी।
फाल्ट अटेंड करने के लिए मिलेंगी चार पिकअप
तकनीकी समस्याएं या फाल्ट अटेंड करने के लिए विभाग को चार पिकअप भी मिलेंगी। इन पिकअप में सीढ़ी से लेकर तमाम जरूरी उपकरण होंगे, जो तकनीकी खामियों को दूर करने के काम आएंगे। अभी तक ये योजना सिर्फ नगर निगमों वाले जनपदों मे हैं।
बिजली विभाग में वर्टिकल रिस्ट्रक्चरिंग व्यवस्था लागू हुई है। फिलहाल यह व्यवस्था रामपुर नगर पालिका क्षेत्र में रहेगी। इसके तहत अतिरिक्त अधिशासी अभियंता, एसडीओ और दो अवर अभियंताओं की अतिरिक्त तैनाती होगी। इसके लागू होने से आपूर्ति सुधार के साथ ही राजस्व वसूली में प्रगति और उपभोक्ताओं की समस्याओं का भी निर्धारित समय में निस्तारण हो सकेगा।
- सतेंद्र चौहान, अधीक्षक अभियंता, रामपुर।
वर्टिकल रिस्ट्रक्चरिंग के तहत प्रदेश में रामपुर जनपद का चयन होना इस बात का संकेत है कि सरकार रामपुर का सुव्यवस्थित विकास चाहती है। यह रामपुर की बिजली व्यवस्था में सुधार के लिए अहम साबित होगा। उपभोक्ताओं की समस्याओं का भी समय रहते निस्तारण संभव हो सकेगा।
- आकाश सक्सेना, शहर विधायक, रामपुर।
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