महू में मानवता शर्मसार... एंबुलेंस में हुई डिलीवरी, गिरे खून को प्रसूता के स्वजनों से धुलवाया
/file/upload/2026/01/1847923445776617823.jpgप्रसूता की स्वजन एंबुलेंस में मरीज को लिटाने वाली शीट को धोती हुई (वीडियो ग्रैब)
डिजिटल डेस्क, इंदौर। महू के मध्य भारत सिविल अस्पताल से मानवता और स्वास्थ्य सेवाओं की संवेदनशीलता पर सवाल खड़े करने वाला मामला सामने आया है। आरोप है कि 108 एंबुलेंस में प्रसव के बाद फैले खून की सफाई एंबुलेंस स्टाफ ने खुद करने के बजाय गर्भवती महिला के परिजनों से करवाई। इतना ही नहीं, परिजनों का कहना है कि सफाई किए बिना मां और नवजात को इंदौर ले जाने से भी मना कर दिया गया, जिससे मजबूरन उन्हें स्वयं एंबुलेंस धोनी पड़ी।
जानकारी के अनुसार, ग्राम भगोरा निवासी गायत्री पत्नी सोहन को शुक्रवार को प्रसव के लिए 108 एंबुलेंस से महू के मध्य भारत सिविल अस्पताल लाया जा रहा था। अस्पताल पहुंचने से पहले ही एंबुलेंस में महिला की डिलीवरी हो गई। मौके पर मौजूद स्वास्थ्यकर्मियों ने नवजात की हालत नाजुक बताते हुए तत्काल इंदौर रेफर करने की सलाह दी।
परिजनों का आरोप है कि जब अस्पताल परिसर में मां और नवजात का उपचार चल रहा था, उसी दौरान 108 एंबुलेंस के पायलट और कंपाउंडर ने महिला की ननद पूजा भाटिया से एंबुलेंस की सफाई करवाई।
उद्यान से पानी भरकर करवाई गई सफाई
डिलीवरी के दौरान एंबुलेंस में खून फैल गया था। पूजा भाटिया ने अस्पताल परिसर के उद्यान में लगे नल से बाल्टी में पानी भरा, उसे एंबुलेंस तक लाकर धुलाई की और पोछा लगाया। परिजनों का आरोप है कि एंबुलेंस चालक और कंपाउंडर ने स्पष्ट कहा था कि जब तक वाहन साफ नहीं होगा, तब तक इंदौर नहीं ले जाया जाएगा। सफाई के बाद ही महिला और नवजात को एंबुलेंस से इंदौर भेजा गया।
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जांच के बाद होगी कार्रवाई
मामले में अस्पताल प्रभारी डॉ. मधुकर शुक्ला ने कहा कि प्राथमिक तौर पर 108 जननी एंबुलेंस स्टाफ की गलती सामने आ रही है। पूरे प्रकरण की जांच की जा रही है और रिपोर्ट वरिष्ठ अधिकारियों को भेजी जाएगी। दोषी पाए जाने पर संबंधित स्टाफ पर कार्रवाई की सिफारिश की जाएगी।
वहीं, ब्लॉक मेडिकल ऑफिसर डॉ. योगेश सिंगारे ने कहा कि यदि मरीजों के परिजनों के साथ ऐसा व्यवहार हुआ है तो यह गंभीर मामला है। अस्पताल से विस्तृत जानकारी लेकर 108 एंबुलेंस के अधिकारियों को रिपोर्ट भेजी जाएगी और आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
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