जीविका दीदियों को वाट्सएप ग्रुप से जोड़ेगी सरकार, गांव से शहर तक तुरंत पहुंचेगी उत्पादन-बिक्री की सूचना
/file/upload/2026/01/5146255540112223047.jpgसांकेतिक तस्वीर
राज्य ब्यूरो, पटना। सरकार वाट्सएप ग्रुप के साथ अन्य सोशल मीडिया माध्यमों से जीविका दीदियों को जोड़कर एक सशक्त सूचना प्रणाली विकसित करेगी। लक्ष्य यह है कि शहर से गांव और गांव से शहर तक उत्पादन और बिक्री से संबंधित कोई भी सूचना जीविका दीदियों तक फौरी तौर पर पहुंचे।
ग्रामीण विकास विभाग के प्रधान सचिव पंकज कुमार ने शुक्रवार विभागीय समीक्षा बैठक में यह निर्देश दिए। मुख्य सचिवालय स्थित विभागीय सभागार समीक्षा के क्रम में पंकज ने कहा कि बिहार में तैयार होने वाले उत्पादों की पहुंच दूसरे राज्य और विदेशों में भी संभव हो पाएगी।
बैठक में जीविका के सीईओ हिमांशु शर्मा के साथ प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण), लोहिया स्वच्छ बिहार मिशन (एलएसबीए), जल जीवन हरियाली, वीबी जी राम जी आदि के अधिकारी सम्मिलित हुए। जीविका के सीईओ हिमांशु ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं को रोजगार से जोड़ने के लिए सरकार ने कई पहल की है।
एक करोड़ 56 लाख जीविका दीदियों को रोजगार शुरू करने के लिए सहयोग राशि दी गई है। रोजगार की समीक्षा के बाद उन्हें भविष्य में और दो लाख रुपये दिए जाने हैं, ताकि इससे उनका रोजगार और बढ़े। उन्होंने जीविका समूह की योजनाओं और महिलाओं के आर्थिक सशक्तीकरण की विस्तृत जानकारी दी।
मुख्य रूप से महिलाओं को डेयरी उद्योग से जोड़ने, गांवों में पशुपालन को बढ़ावा देने, रोजगार के लिए इच्छुक महिलाओं को बैंकों से ऋण दिलाने, जल जीवन मिशन में कुआं, पोखर, तालाब संरक्षण व संवर्धन, पौधरोपण, स्वच्छता कर्मियों के लिए मानदेय बढ़ाने और जीविका दीदियों को समूह से जोड़ने आदि विषयों पर विस्तृत रूप से जानकारी दी गई।
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