गोरखपुर-सिल्लीगुड़ी एक्सप्रेस-वे निर्माण की प्रक्रिया तेज, बेतिया में 187.23 हेक्टेयर जमीन का होगा अधिग्रहण
/file/upload/2026/01/126816236798902982.jpgGorakhpur-Siliguri Expressway। File Photo
जागरण संवाददाता, बेतिया। जिले से होकर गुजरने वाली छह लेन सड़क निर्माण के लिए केंद्र सरकार की ओर से अंतिम रूप दे दिया गया है। इसकी स्वीकृति मिलने के साथ ही भू-अर्जन की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है। यह महत्वाकांक्षी सड़क गोरखपुर -सिल्लीगुड़ी एक्सप्रेस वे के नाम से जिले के दो प्रखंडों बैरिया एवं नौतन से होकर गुजरेगी।
इसके निर्माण के लिए थ्री ए के तहत एलाइनमेंट की अधिघोषणा कर दी गई है। बैरिया एवं नौतन प्रखंड से गुजरने वाली एक्सप्रेस वे में दोनों प्रखंडों में से 7-7 मौजों को लिया जाना है। इसके लिए खेसरा चिह्नित करने का काम शुरू होगा।
जिला भू-अर्जन पदाधिकारी अमरेंद्र कुमार ने बताया कि भू अर्जन के तहत दोनों प्रखंडों में से कुल 187.23 हेक्टेयर भूमि की जरूरत होगी। जिले से इस एक्सप्रेस वे के निर्माण हो जाने के बाद सांस्कृतिक, आर्थिक एवं सामाजिक क्षेत्र में व्यापक असर पड़ेगा।
550 किलोमीटर लंबी होगी यह सड़क
गोरखपुर-सिल्लीगुड़ी एक्सप्रेस वे भारत सरकार की महत्वपूर्ण परियोजना है, जिसकी कुल लंबाई 550 किलोमीटर आंकी गई है। इसके बनने से इस क्षेत्र की आर्थिक गतिविधियों में तेजी आएगी। एक्सप्रेस वे की विशेषता यह है कि इसमें कोई बड़ा टर्मिनल नहीं होगा। इसके निर्माण पर कुल 37,500 करोड़ खर्च होंगे।
बिहार के 8 जिलों से गुजरेगी यह सड़क
गोरखपुर-सिल्लीगुड़ी एक्सप्रेस वे सूबे के आठ जिलों से होकर गुजरेगी। इसमें पश्चिम चंपारण जिले के साथ-साथ पूर्वी चंपारण, शिवहर, सीतामढ़ी, मधुबनी, सुपौल, अररिया और किशनगंज शामिल हैं। इसके माध्यम से राज्य के 39 प्रखंड और 313 गांव जुड़ेंगे।
स्थानीय विकास के खुलेंगे कई रास्ते
यह सुपर स्ट्रक्चर शहरी आबादी से अलग होकर गुजरेगा। इसका परिणाम यह होगा कि इसमें भूमि अधिग्रहण में किसी भी तरह की परेशानी की संभावना नहीं है। जिले के जिन क्षेत्रों से यह एक्सप्रेस वे गुजरेगा, वहां के लोगों के लिए रोजगार एवं आर्थिक विकास के लिए नए अवसर सृजित होंगे।
एक्सप्रेस वे बनने के बाद इन क्षेत्रों में छोटे-बड़े व्यापार बढ़ेंगे, निवेश के अवसर आएंगे। परिवहन एवं आवागमन आसान होगा, जिससे राज्यों के बीच व्यापार बढ़ेगा। वहीं केंद्र सरकार के द्वारा विकसित किया जा रहा औद्योगिक कोरिडोर भी इस क्षेत्र में विकास एवं रोजगार को नई गति देगा।
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