पटियाला में SI भर्ती के नाम पर कबड्डी खिलाड़ी से ठगी, 9 लाख लूटकर 3 महीने करवाई फर्जी ट्रेनिंग
/file/upload/2026/01/4817151191721943316.jpgकबड्डी खिलाड़ी से ठगी, एसआइ की वर्दी व फर्जी लेटर दिया, तीन माह दी कोचिंग (प्रतीकात्मक फोटो)
जागरण संवाददाता, पटियाला। हरियाणा में बेटे के सब इंस्पेक्टर (एसआइ) भर्ती होने की खुशखबरी मिली, जिसके बाद ज्वाइनिंग लेटर हाथ में थमा दिया। बेटा भर्ती हो गया, इस खुशी से गांव भर में चर्चा हुई तो सब ने बधाई दी। ज्वाइनिंग लेटर के कुछ दिनों बाद सब इंस्पेक्टर की वर्दी, बेल्ट व जूते भी दे दिए।
भर्ती की बात पक्की हो गई और बेटे को तीन महीने की ट्रेनिंग के नाम पर जयपुर भेज दिया। बेटा जयपुर में एक कोचिंग सेंटर में पुलिस भर्ती की पढ़ाई करता रहा तो उसे अहसास हुआ कि यह तो महज समान्य पढ़ाई है। सरकारी ट्रेनिंग तो हुई नहीं।
कबड्डी के इस खिलाड़ी को मामला संदिग्ध लगा तो पिता से बात की। जिन्होंने सभी लेटर व सच्चाई जानने के लिए पड़ताल की तो हैरान रह गए, क्योंकि उनके साथ यह सब ठगी अपने ही रिश्तेदार ने की थी। ठगी के शिकार राजपाल राना निवासी गांव रसौली, पातड़ां ने तुरंत पुलिस को शिकायत कर दी।
इसके बाद जांच करते हुए पुलिस ने राजपाल की बहन के ससुर बारू राम व उनके पोते की पत्नी पूनम रानी (पौत्र बहू) निवासी गांव गारदी नगर, राजपुरा के खिलाफ एफआइआर दर्ज कर दी। यह मामला दो जनवरी को पातड़ां थाने में दर्ज हुआ है लेकिन अभी किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है।
राजपाल राना ने बताया कि उनकी छोटी बहन की शादी आरोपित बारू राम के बेटे के साथ हुई थी। बारू राम के बड़े बेटे की बहू पूनम रानी के हरियाणा में कांस्टेबल भर्ती होने की बात कहते हुए राजपाल को कहा कि हरियाणा में पांच से सात कांस्टेबल की सीधी भर्ती होनी है। ऐसे में राजपाल अपने बेटे शुभम को कांस्टेबल भर्ती करवा सकता है।
शुभम मस्तुआणा साहिब में बीए की पढ़ाई कर रहा था और कबड्डी खेलता था। कांस्टेबल भर्ती कराने का दबाव बनाते हुए साल 2023 में पैसे ले लिए और कांस्टेबल भर्ती के लिए चार लाख रुपए मांगे थे। बाद में आरोपित बारू राम ने कहा कि स्पोर्ट्स कोटे में सीधे सब इंस्पेक्टर भर्ती करवा सकता है।
इसके लिए थोड़े पैसे अधिक खर्च करने होंगे। भरोसा पाकर इन लोगों ने पहले तो सब इंस्पेक्टर भर्ती का ज्वाइनिंग लेटर दिया। इसके बाद वर्दी, जूते, बेल्ट देते हुए मेडिकल करवाने का लेटर दिया। बेटे शुभम को जींद ले जाने के बाद वहां मेडिकल सर्टिफिकेट तैयार करवाया। बाद में जयपुर में तीन महीने की ट्रेनिंग के नाम पर वहां पर समय खराब कर दिया। इस दौरान आरोपितों ने कुल नौ लाख बीस हजार रुपये दिनों में लिए थे।
राजपाल ने कहा कि आरोपितों ने ज्वाइनिंग लेटर व वर्दी वगैरह देने के बाद ट्रेनिंग के नाम पर तुरंत पैसे देने के लिए कहा। मौके पर पैसे नहीं थे तो जमीन गिरवी रखकर इन लोगों को पैसे देने पड़े, परंतु उनको क्या पता था कि रिश्तेदार ही उनके साथ विश्वासघात करते हुए ठग रहे हैं। उन्होंने पुलिस से इंसाफ की गुहार लगाई है।
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