छत से लेकर किचन तक बंदरों का तांडव, किसी की गई जान, तो कोई हुआ अपाहिज
https://www.jagranimages.com/images/2026/01/06/article/image/monkey_terror-1767701791361.jpgप्रतीकात्म्क चित्र
संवाद सूत्र, जागरण, मिर्जापुर। कलान व मिर्जापुर में बंदरों का आतंक इस कदर बढ़ चुका है कि लोग अब आंगन में बैठने व छतों पर जाने से डरने लगे हैं। कब बंदरों का झुंड हमला कर दे। किसको अकेला पाकर काट लें पता नहीं। सबसे ज्यादा दिक्कत बुजुर्गाें व बच्चों के साथ है। एक दिन पूर्व कलान में छिदकुरी निवासी रामवीर की पत्नी जमुना देवी छत पर कपड़े उतारने गईं तो बंदरों ने उन पर हमला कर दिया। बचने के प्रयास में वह सड़क पर जा गिरीं, जिससे उनकी मृत्यु हो गई।
यह पहली घटना नहीं है। कलान में नगर से लेकर गांवों तक में बंदरकई लोगों पर हमला कर चुके हैं। छिदकुरी के प्रधान धर्मवीर ने बताया कि गांव में बंदरों की बड़ी संख्या है। जो आते जाते लोगों पर हमला कर देते हैं।आबादी वाले क्षेत्रों से बंदरों को जंगल में छोड़े जाने के लिए सुप्रीम कोर्ट ने आदेश भी जारी कर दिया है मगर इसके बाद भी प्रशासन इस तरफ कोई ध्यान नहीं दे रहा है।
बंदरों को पकड़वाने के लिए कई बार बीडीओ से लेकर डीएम तक को ज्ञापन दे चुके हैं, पर कोई सुनवाई नहीं हो रही। मिर्जापुर कस्बे की बात करें तो बंदरों की संख्या लगभग 700 होगी। बंदर इतने हिंसक हो चुके हैं कि रोज कहीं न कहीं लोगों पर हमला कर देते हैं लोगों को अब इस सर्दी में छत के ऊपर धूप में बैठना या फिर जाना खतरे से खाली नहीं है। मौका पाते ही यह बंदर छतो से नीचे घरों में उतर आते हैं और किचन व कमरे में घुस जाते है।
कस्बा निवासी राजेंद्र कश्यप की पत्नी प्रेमा पर बंदरों ने हमला कर दिया था जिससे वह जीने के रास्ते छत से नीचे गिरने पर गम्भीर रूप से घायल हो गई थी काफी उपचार के बाद भी अब भी सही से नहीं चल पातीं। कस्बे के ही प्रदीप कुमार की पुत्रीरघुवंशमणि व पत्नी मीना, करतार गुप्ता की पत्नी मुनीशा, अनिल सक्सेना के पुत्र विराट, कृष्ण कुमार की पुत्री चांदनी सहित कई लोगों को बंदर काट चुके हैं।
नगर पंचायत की अगली बोर्ड की बैठक में बंदरों को पकड़वाने का प्रस्ताव पास किया जाएगा। इस कार्य में एक माह का समय लगेगा। निविदा होते ही बंदर पकड़वाए जाएंगे।
- एसके पांडेय, ईओ कलान
बंदरों को पकड़वाने का काम प्रशासन व वन विभाग का है। इसमें ब्लाक प्रशासन की कोई जिम्मेदारी नहीं है। इस पर संबंधित अधिकारियों को ध्यान देना चाहिए।
- रवि कुमार चंदेल, बीडीओ मिर्जापुर -कलान
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