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संभल में ऐसा क्या हुआ जो लोग स्वेच्छा से लेने लगे नया बिजली कनेक्शन, एक साल में 60 करोड़ की हो गई बचत

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प्रतीकात्मक तस्वीर



संवाद सहयोगी, बहजोई। जनपद में बिजली विभाग द्वारा जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन के सहयोग से चलाए गए छापेमारी और चेकिंग अभियान का व्यापक सकारात्मक असर सामने आया है। मंगलवार को आयोजित प्रेस वार्ता में डीएम डा. राजेंद्र पैंसिया ने बताया कि 18 सितंबर 2024 से फीडर लोड विश्लेषण के आधार पर नियमित और सघन चेकिंग अभियान चलाया गया, जिसमें पैक प्रशासन और पुलिस का पूरा सहयोग रहा।

अभियान के तहत मीटर से छेड़छाड़ रोकने के लिए गलियों में लगभग 155 किलोमीटर आर्मर्ड एलटी केबल डाली गई, 51,709 स्मार्ट मीटर लगाए गए और 3,51,960 नए बिजली कनेक्शन जारी किए गए, जो कुल मिलाकर 14.69 प्रतिशत की प्रगति को दर्शाता है, उन्होंने कहा कि छापेमारी अभियान का सबसे बड़ा असर यह रहा कि बिजली चोरी पर प्रभावी रोक लगी, लोगों ने स्वेच्छा से कनेक्शन लेने शुरू किए, जिसके चलते पिछले एक वर्ष में लगभग 60 करोड रुपये की बचत हुई और 51 करोड रुपये की राजस्व वृद्धि दर्ज की गई।

इस दौरान जनपद में बिजली चोरी के कुल 6,526 मामले पकड़े गए, जिन पर 35.81 करोड रुपये का जुर्माना लगाया गया। एसपी कृष्ण कुमार बिश्नोई ने कहा कि पुलिस और पीएसी की सुरक्षा के कारण बिजली विभाग उन क्षेत्रों में भी कार्रवाई कर सका जहां पहले खुलेआम धमकी दी जाती थी और कर्मचारी जाने से कतराते थे, धार्मिक स्थलों, तंग गलियों और मोहल्लों में भी सख्त चेकिंग की गई, जिसका परिणाम यह हुआ कि विभाग को सीधे तौर पर 181.11 करोड रुपये की राजस्व बचत हुई, जो प्रवर्तन और प्रौद्योगिकी के सफल तालमेल का प्रमाण है।

उन्होंने कहा कि अब उन क्षेत्रों में भी सुरक्षा का माहौल है जहां पहले अवैध बिजली प्रयोग आम था। प्रेस वार्ता में अधीक्षण अभियंता विद्युत ने बताया कि अभियान के दौरान प्रभावशाली व्यक्तियों, मस्जिदों और मदरसों में हो रहे अवैध विद्युत प्रयोग पर भी कार्रवाई की गई, बिजली चोरी में लिप्त 11 संविदा कर्मचारियों की सेवाएं समाप्त की गईं और संभल टाउन से सभी सहायक अभियंताओं और अवर अभियंताओं का स्थानांतरण कर दिया गया, उन्होंने बताया कि संभल शहर में पिछले 12 महीनों में 100 केवीए और उससे अधिक क्षमता का कोई भी ट्रांसफार्मर क्षतिग्रस्त नहीं हुआ।

वर्तमान में गुन्नौर, कैथल गेट सहित 50 से अधिक प्रतिशत लाइन हानि वाले क्षेत्रों में प्रशासन, पीएसी और स्थानीय पुलिस की सहायता से विशेष अभियान लगातार चलाए जा रहे हैं। डीएम ने बताया कि शहरी क्षेत्रों में लाइन लास पहले 60 प्रतिशत था जो अब घटकर 30 प्रतिशत रह गया है, वहीं ग्रामीण लाइन लास 50 प्रतिशत से घटकर 27 प्रतिशत हो गया है। इसके साथ ही ट्रांसफार्मर क्षति में भी 35.50 प्रतिशत की कमी आई है, जहां पिछले वर्ष 3,270 ट्रांसफार्मर क्षतिग्रस्त हुए थे वहीं इस वर्ष यह संख्या घटकर 2,109 रह गई, जिससे लगभग 34 करोड रुपये की अतिरिक्त बचत दर्ज की गई।
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