मणिपुर हिंसा से संबंधित 48 मिनट की आडियो क्लिप की होगी फोरेंसिक जांच, सुप्रीम कोर्ट प्रक्रिया में तेजी लाने का दिया आदेश
https://www.jagranimages.com/images/2026/01/08/article/image/supreme-court-1767813218309.jpgमणिपुर हिंसा से संबंधित 48 मिनट की आडियो क्लिप की होगी फोरेंसिक जांच (फाइल फोटो)
पीटीआई, नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को मणिपुर हिंसा में पूर्व मुख्यमंत्री एन बीरेंद्र सिंह की भूमिका का आरोप लगाने वाली 48 मिनट की पूरी आडियो रिकार्डिंग की फोरेंसिक जांच का आदेश दिया है।
जस्टिस संजय कुमार और जस्टिस के विनोद चंद्रन की पीठ ने कहा कि लीक हुई पूरी ऑडियो रिकॉर्डिंग को फोरेंसिक जांच के लिए गांधीनगर स्थित राष्ट्रीय फोरेंसिक विज्ञान विश्वविद्यालय (एनएफएसयू) को भेजा जाए।
शीर्ष न्यायालय ने गांधीनगर के राष्ट्रीय फारेंसिक विज्ञान विश्वविद्यालय से प्रक्रिया में तेजी लाने को कहा है। पीठ ने सीलबंद लिफाफे में रिपोर्ट देने को कहा है। सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता कुकी आर्गनाइजेशन फार ह्यूमन राइट्स ट्रस्ट की ओर से पेश हुए वकील प्रशांत भूषण ने कहा कि मामले को लगभग 10 बार सूचीबद्ध किया जा चुका है।
उन्होंने बताया कि याचिका में ही 48 मिनट की पूरी बातचीत का प्रतिलेख मौजूद है और ऑडियो भी उपलब्ध कराया गया है। मणिपुर सरकार की ओर से पेश हुईं अतिरिक्त सालिसिटर जनरल ऐश्वर्या भाटी ने कहा कि राज्य को पूरी रिकार्डिंग पिछली सुनवाई के बाद ही प्राप्त हुई। पिछले साल 15 दिसंबर को, पीठ ने सवाल उठाया कि उपलब्ध सभी लीक हुए ऑडियो क्लिप को फोरेंसिक जांच के लिए क्यों नहीं भेजा गया।
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