भागलपुर में स्कूल परिसर में कुत्ता घुसा तो प्रिंसिपल नपेंगे, होगी कार्रवाई; 8 सप्ताह में दुरुस्त करें व्यवस्था
https://www.jagranimages.com/images/2026/01/08/article/image/dogs_jagran-1767825836667.webpजागरण संवाददाता, भागलपुर। जिले के सरकारी विद्यालयों में बच्चों की सुरक्षा और मध्याह्न भोजन (एमडीएम) की स्वच्छता को लेकर शिक्षा विभाग ने सख्त रुख अपनाया है। स्कूल परिसरों में आवारा कुत्तों के प्रवेश पर प्रधानाध्यापक (एचएम) नप जाएंगे।
इसी क्रम में जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (एमडीएम सह एसएसए) बबीता कुमारी ने जिले के उन 1769 विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों को पत्र जारी किया है, जहां एमडीएम का संचालन होता है। पत्र में स्कूल स्तर पर त्वरित और प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
पत्र में स्पष्ट किया गया है कि विद्यालय परिसर में कुत्तों का प्रवेश बच्चों की सुरक्षा और स्वास्थ्य दोनों के लिए गंभीर खतरा है। कई जगहों पर एमडीएम के जूठन और खुले में फेंके गए भोजन अवशेषों के कारण कुत्तों का जमावड़ा देखा गया है, जिससे दुर्घटना और संक्रमण की आशंका बढ़ जाती है। इसमें सुधार नहीं हुआ तो संबंधित विद्यालयों के प्रधानाध्यापक, प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी और जिला स्तर के पदाधिकारी संयुक्त रूप से जिम्मेदार माने जाएंगे।
आठ सप्ताह में दुरुस्त करनी होगी व्यवस्था
डीपीओ बबीता कुमारी ने बताया कि सुरक्षा के लिहाज से सभी शिक्षण संस्थानों को आठ सप्ताह के भीतर बाउंड्री, गेट और फेंसिंग दुरुस्त करने का अल्टीमेटम दिया गया है। जहां-जहां कुत्तों के घुसने की आशंका है, वहां संबंधित रास्तों को बंद करने के निर्देश गए हैं। यदि परिसर में आवारा कुत्ते दिखाई देते हैं तो नगर निकाय या पंचायत को सूचना देकर उन्हें हटवाया जाएगा।
शिक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि निर्देशों की अनदेखी पर संबंधित विद्यालय के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। उद्देश्य साफ है कि बच्चों को सुरक्षित, स्वच्छ और भयमुक्त वातावरण में गुणवत्तापूर्ण भोजन और शिक्षा उपलब्ध कराना।
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