दिल्ली के तुर्कमान गेट हिंसा के बाद जुमे की नमाज पर कड़ा पहरा, छह लेयर सुरक्षा के बीच हुई जुमे की नमाज
https://www.jagranimages.com/images/2026/01/09/article/image/turkman-gate-1767981761386.jpgतुर्कमान गेट के सामने तैनात अर्धसैनिक बल के जवान। चंद्र प्रकाश मिश्र
जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। तुर्कमान गेट स्थित दरगाह फैज-ए-इलाही से सटे अतिक्रमण को हटाने के दौरान हुई हिंसा के बाद जुमे की नमाज को लेकर पुलिस प्रशासन पूरी तरह सतर्क नजर आया। किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए तुर्कमान गेट इलाके को छावनी में तब्दील कर दिया गया। शुक्रवार को पूरे क्षेत्र को छह सुरक्षा लेयर में बांटते हुए कड़े बंदोबस्त किए गए थे। हजारों की संख्या में दिल्ली पुलिस के जवानों के साथ अर्द्धसैनिक बल, रैपिड एक्शन फोर्स (आरएएफ) और होम गार्ड के जवानों की तैनाती की गई थी।
खुफिया एजेंसियों को भी अलर्ट पर रखा गया
सुरक्षा व्यवस्था केवल तुर्कमान गेट तक सीमित नहीं रही, बल्कि जामा मस्जिद के आसपास भी अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया। इसके अलावा जाफराबाद, सीलमपुर, खजूरी, बटला हाउस, जाकिर नगर, शाहीन बाग और निजामुद्दीन जैसे संवेदनशील इलाकों में भी जुमे की नमाज के दौरान कड़ी सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखी गई।
पुलिस ने पूरी पुरानी दिल्ली पर ड्रोन से निगरानी की और फ्लैग मार्च निकाल सुरक्षा-व्यवस्था का जायजा लिया। वहीं, बाडी वार्न कैमरों से लैस पुलिसकर्मी लगातार संदिग्ध गतिविधियों पर नजर बनाए हुए थे। किसी भी तरह की अफवाह या भड़काऊ गतिविधि को रोकने के लिए खुफिया एजेंसियों को भी अलर्ट पर रखा गया था।
नमाज के लिए मस्जिद को खोला गया
जुमे की नमाज के लिए दरगाह फैज-ए-इलाही मस्जिद को आम लोगों के लिए खोला गया था। मस्जिद की लाइट कटी होने के कारण अजान बिना लाउड स्पीकर के ही दी गई। हालांकि, भारी पुलिस बंदोबस्त के बीच केवल करीब 30 लोग ही यहां नमाज अदा करने पहुंचे। इसके समीप स्थित बड़ी मस्जिद में भी कुछ लोगों ने नमाज अदा की।
नमाज को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए दिल्ली पुलिस ने पहले ही मस्जिद कमेटी के सदस्यों से बातचीत की थी। उसके बाद मस्जिद कमेटी ने लोगों से अपील की कि वे नमाज अदा करने के बाद सीधे अपने घर लौट जाएं और मस्जिद के आसपास रुककर भीड़ न लगाएं।
उधर, पुलिस प्रशासन ने मस्जिद के आसपास के इलाके में लोगों के जुटने पर प्रतिबंध लगाया हुआ है। तुर्कमान गेट के आसपास की सड़कों को अब भी बंद रखा गया है। हिंसा के बाद से इलाके की दुकानें लगातार तीसरे दिन भी बंद रहीं, जिससे स्थानीय व्यापार प्रभावित हुआ है।
मस्जिद और आस-पास के इलाके में धारा 163 लागू
एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि मस्जिद और आसपास के इलाके में धारा 163 लागू है। सुरक्षा व्यवस्था के तहत दिल्ली पुलिस और पैरामिलिट्री फोर्स की कुल 10 कंपनियां तैनात की गई हैं। ड्रोन और सीसीटीवी कैमरों की मदद से हर गतिविधि पर नजर रखी जा रही है।
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