दिल्ली स्टार्टअप नीति 2025: युवाओं को 10 लाख तक का इक्विटी-फ्री सीड ग्रांट, 5000 स्टार्टअप्स का लक्ष्य
https://www.jagranimages.com/images/2026/01/09/article/image/Ashish-(1)-1767981973629.jpgदिल्ली स्टार्टअप युवा महोत्सव 2026 का उद्घाटन प्रदेश के शिक्षा मंत्री आशीष सूद ने किया।
जागरण संवाददाता, पश्चिमी दिल्ली। द्वारका सेक्टर तीन स्थित नेताजी सुभाष प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (एनएसयूटी) के परिसर में दिल्ली स्टार्टअप युवा महोत्सव 2026 का उद्घाटन प्रदेश के शिक्षा मंत्री आशीष सूद ने किया। इस अवसर पर शिक्षा मंत्री ने कहा कि दिल्ली सरकार 325 करोड़ रुपए के प्रस्तावित परिव्यय के साथ पांच वर्षों के लिए दिल्ली स्टार्टअप नीति 2025 लाने का प्रस्ताव कर रही है, जिसका उद्देश्य वर्ष 2035 तक 5,000 स्टार्टअप्स को समर्थन देना है।
इसके अंतर्गत दिल्ली स्टूडेंट सीड फंड की स्थापना की जा रही है, ताकि प्रारंभिक चरण में वित्तीय संसाधनों के अभाव में कोई भी नवाचारी विचार विफल न हो। इस कार्यक्रम के तहत शीर्ष छह स्टार्टअप्स को 10 लाख रुपए तक का इक्विटी-फ्री सीड ग्रांट दिया जाएगा, जबकि शीर्ष 100 छात्र स्टार्टअप्स को एक लाख रुपए प्रत्येक की सहायता प्रदान की जाएगी।
छात्रों, मेंटर्स, उद्योग जगत के प्रतिनिधियों और शिक्षाविदों को संबोधित करते हुए शिक्षा मंत्री श्री आशीष सूद ने कहा कि एनएसयूटी जैसे संस्थान केवल शैक्षणिक शिक्षा के केंद्र नहीं हैं, बल्कि नवाचार और राष्ट्र निर्माण के सशक्त केंद्र हैं। उन्होंने कहा कि आज के छात्र ‘विकसित भारत’ के शिल्पकार हैं और यह महोत्सव एक परिवर्तनकारी “कैंपस से मार्केट” आंदोलन की शुरुआत है।
भारत की स्टार्टअप यात्रा पर प्रकाश डालते हुए शिक्षा मंत्री ने कहा कि वर्ष 2014 से पहले भारत में केवल तीन यूनिकॉर्न थे और स्टार्टअप इकोसिस्टम सीमित था। आज भारत में लगभग 125 यूनिकार्न हैं, जिनका संयुक्त मूल्यांकन 366 अरब अमेरिकी डालर से अधिक है।
इसके साथ ही देश में 1.97 लाख से अधिक डीपीआईआईटी-मान्यता प्राप्त स्टार्टअप हैं, जिससे भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा स्टार्टअप इकोसिस्टम बन चुका है। उन्होंने इस परिवर्तन का श्रेय माननीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में ‘नीतिगत ठहराव’ से ‘नीतिगत कार्रवाई’ की ओर हुए निर्णायक बदलाव को दिया।
शिक्षा मंत्री ने भारत के स्टार्टअप विकास की समावेशी प्रकृति पर भी जोर दिया और बताया कि आज लगभग 45 प्रतिशत भारतीय स्टार्टअप महिलाओं के नेतृत्व में हैं। उन्होंने उद्यमिता को सामाजिक परिवर्तन का सबसे प्रभावी माध्यम बताया। यह परिवर्तन गहरे सामाजिक बदलाव की भी कहानी है।
इस दौर की सबसे बड़ी उपलब्धियों में हमारी समावेशन की कहानी शामिल है। जब भारत की कोई बेटी स्टार्टअप शुरू करती है, तो वह केवल अपना जीवन नहीं बदलती, बल्कि अपने परिवार और समुदाय का भविष्य भी बदल देती है।
शिक्षा मंत्री ने कहा कि दिल्ली स्टार्टअप युवा महोत्सव एक प्रमुख वार्षिक मंच के रूप में विकसित होगा, जो विश्वविद्यालयों, कॉलेजों, आईआईटी, मेंटर्स, निवेशकों और उद्योग जगत को एक छत के नीचे लाकर एक मजबूत “कैंपस से मार्केट” इकोसिस्टम तैयार करेगा।
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