वाराणसी में ज्वैलरी शोरूम से नौकर ने चुराए थे 3 करोड़ के गहने, लंगड़ाती चाल ने खोला राज
https://www.jagranimages.com/images/2026/01/09/article/image/3-crore-jewellery-1767982477352.jpgजागरण संवाददाता, वाराणसी। चोरी, हत्या का पाप कब छिपा है, जो मुंबई के सोना कारोबारी दिवाकर राणा के आफिस से पांच जनवरी को 2,122 ग्राम सोना निर्मित जेवरात चोरी करने वाले बच पाते। पुलिस ने जो राजफाश किया।
उसके मुताबिक सोना कारोबारी के कर्मी तारक घोराई ने अपने चार दोस्तों संग चोरी की साजिश रची। पुलिस सर्विलांस को चकमा देने के लिए तारक अपने तीन साथियों के साथ पार्टी करने गाजीपुर चला गया, जबकि पांचवें ने डुप्लीकेट चाबी से शटर और तिजोरी खोल तीन करोड़ के जेवरात समेटे और दुकान बंद कर भाग निकला।
पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज चेक किया तो चोर की घटना पूर्व लंगड़ाती चाल और बाद में सामान्य कदमताल से क्लू मिला, जिस पर सीडीआर (काल डिटेल रेकार्ड) के जरिए जांच आगे बढ़ी तो पांचों बदमाश पकड़े गए और जेवरात बरामद हो गए।
पुलिस कमिश्नर मोहित अग्रवाल ने पुलिस टीम का एक लाख रुपये का इनाम देने की घोषणा की है। पुलिस टीम में एसीपी अतुल अंजान त्रिपाठी, कांस्टेबल श्यामू, अमित कुमार, चौकी इंस्पेक्टर दिलीप कुमार मिश्रा, दारोगा पुष्कर दूबे, प्रणव पांडेय, आलोक कुमार यादव व एसओजी टीम के चंद्रभान यादव, कांस्टेबल पवन तिवारी, मयंक त्रिपाठी, दिनेश कुमार, मनीष बघेल, अंकित मिश्रा, रमाशंकर यादव, आलोक मौर्या आदि रहे।
दीपेश को डुप्लीकेट चाबी बनवाने व सैनुद्दीन को चोरी की मिली जिम्मेदारी
एडीसीपी सरवणन टी एवं एसीपी डा. अतुल अंजान त्रिपाठी ने बताया कि तारक की दोस्ती सोने की दूसरी दुकान पर काम करने वाले गाजीपुर के ग्राम मौधा निवासी विकास बेनवशी से थी।
तारक पार्टी करने का शौकीन था, लिहाजा उसके आवास पर विकास और उसके आस-पड़ोस में रहने वाले शुभम विश्वकर्मा, सैनुद्दीन अंसारी व ग्राम बारी थाना मडियाहूं जौनपुर निवासी दीपेश चौहान आते-जाते रहते हैं।
तारक के मालिक सोने के जेवरात के थोक कारोबार के बारे में जानने के बाद सभी ने जेवरात चोरी करने की रणनीति बनाई। दीपेश को आफिस और तिजोरी की डुप्लीकेट चाबी बनाने और सैनुद्दीन को उस चाबी से चोरी करने की जिम्मेदारी सौंपी गई।
छह दिसंबर को तारक (मुंबई के कारोबारी का कर्मी) दीपेश, विकास, शुभम के साथ गाजीपुर पार्टी करने चला गया, ताकि पुलिस की सर्विलांस से बच जाए। इधर सैनुद्दीन पुलिस को गुमराह करने के लिए चोरी से पूर्व लंगड़ाते हुए और बाद में तेज कदमों से चलता नजर आया।
उसकी चाल की गिरोह के लिए काल बन गई और सभी कूड़ाखाना बेनिया थाना चौक कमिश्नरेट वाराणसी व कैंट स्टेशन मालगोदाम के पास से पकड़े गए और पूरा जेवरात बरामद हो गया।
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