UPPCL: बार-बार नहीं ले सकेंगे सेल्फ रीडिंग, साल में दो बार मिलेगा मौका
https://www.jagranimages.com/images/2026/01/10/article/image/Bill_elec-1768015852326.jpgतस्वीर का इस्तेमाल प्रतीकात्मक प्रस्तुतीकरण के लिए किया गया है। जागरण
जागरण संवाददाता, प्रयागराज। सेल्फ रीडिंग यानी ट्रस्ट रीडिंग की व्यवस्था पर आने वाले दिनों में अंकुश लग सकता है। मसलन, उपभोक्ता प्रत्येक माह खुद सेल्फ रीडिंग नहीं कर सकेंगे, बल्कि उन्हें वर्ष में दो बार ही इसका लाभ मिलेगा। निश्चित तौर पर इससे उन उपभोक्ताओं को अधिक परेशानी हो सकती है, जिनके यहां रीडर नहीं जाते हैं।
हालांकि, इस बदलाव को लेकर अभी पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड से कोई आदेश नहीं जारी किया है, लेकिन मध्यांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड ने जरूर यह निर्णय ले लिया है। यही वजह है कि यहां भी इस प्रकार की व्यवस्था की सुगबुगाहट तेजी से शुरू हो गई है।
उपभोक्ताओं की आमतौर पर शिकायत रहती है कि उनका बिजली का बिल गलत रीडिंग का बनाया गया है। रीडर घर आता ही नहीं है। जिस पर बिजली विभाग के अधिकारियों ने उपभोक्ताओं को सुविधा प्रदान कर रखी है कि वह अपने मोबाइल से मीटर की सेल्फ रीडिंग ले लें। इसकी दो-तीन मिनट की वीडियो बना लें।
इसी वीडियो को देखते हुए अधिकारी बिजली का बिल बना देते हैं। लेकिन जिस प्रकार से मध्यांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड ने इस व्यवस्था में बदलाव करते हुए वर्ष में अब सिर्फ दो बार ही सेल्फ रीडिंग का निर्णय लिया है, उससे यह चर्चा तेज हो गई कि यही व्यवस्था पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड में भी शीघ्र लागू होने की उम्मीद है।
स्मार्ट प्रीपेड मीटर लगने पर रीडिंग की समस्या होगी खत्म
स्मार्ट प्रीपेड मीटर का मुख्य लाभ यह है कि यह मैन्युअल रीडिंग की आवश्यकता को समाप्त करता है और बिजली बिलिंग प्रक्रिया को आसान बनाता है, जिससे रीडिंग से जुड़ी सभी पुरानी दिक्कतें खत्म हो जाती हैं। यही वजह है कि शहर में बिलिंग बढ़ाने के लिए स्मार्ट मीटर लगाने का काम तेजी से चल रहा है।
स्मार्ट प्रीपेड मीटर लगने से बिजली की रीडिंग की समस्या खत्म हो जाती है क्योंकि ये मीटर डेटा को सीधे बिजली कंपनी को भेजते हैं, जिससे रीडिंग लेने के लिए घर-घर जाने की जरूरत नहीं पड़ती है। वास्तविक समय में खपत का पता चलता है, जिससे उपभोक्ता भी अपनी खपत पर नजर रख सकते हैं और पैसा खत्म होने पर बिजली अपने आप कट जाती है।
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स्मार्ट मीटर वायरलेस तकनीक का उपयोग करके बिजली की खपत का डेटा स्वचालित रूप से बिजली प्रदाता को भेजते हैं। इससे बिजली कर्मचारियों के घर-घर जाकर रीडिंग लेने की जरूरत खत्म हो जाती है, जिससे रीडिंग में होने वाली गड़बड़ियों और देरी से बचा जा सकता है।
काेई भी उपभोक्ता अपने मोबाइल ऐप या डिवाइस पर अपनी बिजली की खपत और बैलेंस देख सकते हैं, जैसा कि मोबाइल रिचार्ज में होता है। रिचार्ज खत्म होने पर बिजली अपने आप कट जाती है और रिचार्ज कराने पर अपने आप चालू हो जाती है, जिससे बिलिंग की जटिलताएं कम होती हैं।
सेल्फ रीडिंग को लेकर अभी कोई नया आदेश नहीं आया है। लेकिन स्मार्ट प्रीपेड मीटर तेजी से लगाए जा रहे हैं। स्मार्ट मीटर लगने के बाद रीडिंग की समस्या स्वत: समाप्त हो जाती है। लोग अपने मोबाइल नंबर की तरह ही बिजली के लिए भी रिचार्ज कर सकते हैं। मीटर स्मार्ट होने से आनलाइन ही बिल बनाया जा सकता है। आनलाइन बिल बनने के बाद मीटर पर ही बिल की धनराशि, रीडिंग और डिस्कनेक्शन की डेट भी प्रदर्शित होती है। उपभोक्ता को बिल संबंधी पूरी जानकारी भी मिलती है।
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-राजेश कुमार, मुख्य अभियंता प्रथम।
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