कानपुर में मां-बेटे की नृशंस हत्या, रक्तरंजित शव मिलने से गांव में दहशत
https://www.jagranimages.com/images/2026/01/12/article/image/15fcfde9-9ce3-4011-b6b3-1c6aabd03817-1768186814745-1768186835178.jpgघटना स्थल पर जांच करते अधिकारी। जागरण
जागरण संवाददाता, कानपुर। घाटमपुर के सर्देपुर गांव में आरोपित का घर गांव के बाहर ही है। रविवार को मां-बेटे की हत्या के बाद घर के बरामदे में दोनों मां-बेटे के रक्तरंजित अगल-बगल पड़े थे। जिसने ही वह माहौल देखा हक्का-बक्का रह गया। ग्रामीणों का कहना है कि सुरेंद्र नशेबाज था, लेकिन इतनी बड़ी घटना को अंजाम देगा, इसका अंदाजा नहीं था।
जघन्य हत्याकांड को देखकर अंदाजा लग रहा था कि आरोपित ने किस दरिंदगी से उसे अंजाम दिया। रूबी के सिर से लेकर गर्दन तक धारदार हथियार के कई वार थे। ढाई साल के बच्चे लवांश की तो गर्दन लगभग कट गई थी। घटना के वक्त दोनों को शोर मचाने तक का वक्त नहीं मिला।
गांव में बाहर की ओर घर होने के चलते थोड़ी-बहुत आवाज कोई सुन भी नहीं पाया। जब बड़ा भाई पप्पू घर पहुंचा तो उसकी चीख निकल गई। बाहर आकर उसने शोर मचाया तो ग्रामीणों को सूचना हुई। इसके बाद पुलिस तक जानकारी पहुंची।
पप्पू ने बताया कि सुरेंद्र आवारा किस्म का है। कभी वह ट्रक पर खलासी का काम कर लेता है तो कभी बबूल के पेड़ काटकर बेच लेता है। आए दिन शराब पीकर उपद्रव करता है। गांव के बाहर ही शराब ठेका है। कभी पत्नी से मारपीट तो कभी भाइयों से झगड़ा और मारपीट करता था।
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