आर्मी कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल प्रतीक शर्मा का LoC दौरा, सैनिकों का मनोबल बढ़ाया; घुसपैठ रोधी ग्रिड मजबूत करने के निर्देश
https://www.jagranimages.com/images/2026/01/12/article/image/LoC-(3)-1768193826897.jpgबर्फ से जमी सीमाओं पर दौरे कर घुसपैठ रोधी ग्रिड को मजबूत बना रहे आर्मी कमांडर।
राज्य ब्यूरो, जम्मू। जम्मू-कश्मीर में बर्फ से जमी सीमाओं पर डटे सैनिकों को मनोबल बढ़ा घुसपैठ रोधी ग्रिड को मजबूत बनाने के लिए सेना की उत्तरी कमान के आर्मी कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल प्रतीक शर्मा के दौरे जारी हैं।
उत्तरी कश्मीर में नियंत्रण रेखा पर पहुंचे आर्मी कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल प्रतीक शर्मा ने स्थानीय यूनिटों को खुफिया तंत्र को मजबूत बनाकर सुरक्षा चुनौतियों को सामना करने के निर्देश दिए हैं। इससे पहले उन्होंने आर्मी कमांडर ने जम्मू संभाग के उधमपुर जिले के बसंतगढ़ का दौरा कर आतंकवाद-रोधी तैयारियों की समीक्षा की थी। सूत्रों के अनुसार आर्मी कमांडर जल्द राजौरी जिले का दौरा कर वहां के सुरक्षा हालात का भी जायजा लेंगे।
इसी बीच कश्मीर में सेना की आपरेशनल तैयारियों को तेजी देने के अभियान के तहत आर्मी कमांडर ने उत्तरी कश्मीर में नियंत्रण रेखा की मौजूदा सुरक्षा चुनौतियों व उनका सामना करने की रणनीति के बारे में जानकारी ली। सैनिकों के बीच जाकर उनका मनोबल बढ़ाने के अभियान के तहत आर्मी कमांडर ने शनिवार को गुलमर्ग स्थित हाई एल्टीट्यूड वारफेयर स्कूल का भी दौरा कर चल रही प्रशिक्षण गतिविधियों की भी समीक्षा की। इसके साथ उन्होंने कश्मीर घाटी मेंआर्मी एविएशन स्क्वाड्रनों का दौरा भी किया।
ये इकाइयां आपातकालीन परिस्थितियों में सक्रिय फारमेशनों की त्वरित प्रतिक्रिया सुनिश्चित करने के साथ-साथ दुर्गम क्षेत्रों में तैनात सैनिकों को आवश्यक लाजिस्टिक सहायता प्रदान करने में रीढ़ की भूमिका निभाती हैं। दौरे के दौरान सेना कमांडर ने एविएशन यूनिट्स की परिचालन तत्परता की समीक्षा की व उनके योगदान की सराहना करने के साथ दो अग्रणी आर्मी एविएशन स्क्वाड्रनों को उत्तरी कमान फ्लाइट सेफ्टी ट्राफी भी दी।
इस समय सीमा पर लांचिंग पैठ पर बैठे आतंकी खराब मौसम की आड़ में घुसपैठ के मंसूबे बना रहे हैं। ऐसे में इस सीमा नियंत्रण रेखा के साथ अंदरूनी इलाकों में भी सुरक्षा ग्रिड को पुख्ता बनाया गया है। इसी सिलसिले में कुछ दिन पहले आर्मी कमांडर ने जम्मू संभाग के उधमपुर जिले के बसंतगढ़ का दौरा कर आतंकवाद-रोधी तैयारियों की समीक्षा की थी। दौरे के दौरान सेना कमांडर ने ज़मीनी स्तर पर तैनात कमांडरों के साथ बातचीत कर उन्हें कड़ी सर्तकता से सुरक्षा चुनौतियों का सामना करने के लिए कहा।
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