खुशखबरी! सिद्धार्थनगर में 145 सड़कों की बदलेगी सूरत, 500 से ज्यादा गांवों की राह होगी आसान
https://www.jagranimages.com/images/2026/01/12/article/image/18_06_2025-rural_road_bihar_23967608-1768194540786.jpgप्रतीकात्मक तस्वीर
जागरण संवाददाता, सिद्धार्थनगर। जनपदवासियों के लिए एक बड़ी राहत भरी खबर है। लंबे समय से बदहाली का दंश झेल रहीं ग्रामीण सड़कों की तस्वीर अब बदलने जा रही है। जनपद की 145 ऐसी ग्रामीण सड़कों को चिन्हित किया गया है, जिनकी बीते करीब पांच वर्षों से न तो मरम्मत हुई और न ही किसी प्रकार का रखरखाव।
इन सड़कों के पुनर्निर्माण और सुदृढ़ीकरण के लिए लोक निर्माण विभाग (पीडब्लूडी) ने व्यापक कार्ययोजना तैयार कर शासन को भेज दी है। स्वीकृति मिलते ही इन सड़कों पर काम शुरू हो जाएगा।
खास बात यह है कि चयनित 145 सड़कों में वे मार्ग शामिल हैं, जो दो या दो से अधिक गांवों को आपस में जोड़ते हैं। इसका सीधा मतलब है कि तीन सौ से अधिक गांवों की आवागमन व्यवस्था सुगम होगी, जबकि अप्रत्यक्ष रूप से 500 से ज्यादा गांवों के लोगों को बेहतर सड़कों का लाभ मिलेगा।
किसानों, विद्यार्थियों, मरीजों और आम ग्रामीणों के लिए यह योजना जीवन को आसान बनाने वाली साबित होगी। पीडब्लूडी विभाग के जनपद में तीन खंड कार्यालय कार्यरत हैं। शासन के निर्देश पर इन सभी खंडों ने अपने-अपने क्षेत्र में जर्जर, बदहाल और उपेक्षित ग्रामीण सड़कों की पहचान की। सर्वे के दौरान उन सड़कों को प्राथमिकता दी गई, जिनकी हालत सबसे खराब है और जिन पर आए दिन दुर्घटनाएं होती रहती हैं।
इन सड़कों का आगणन तैयार कर स्वीकृति के लिए शासन को भेजा गया है। इस योजना की एक और महत्वपूर्ण विशेषता यह है कि इसमें अन्य कार्यदायी संस्थाओं द्वारा निर्मित सड़कों को भी शामिल किया गया है। पीडब्लूडी ने गन्ना विकास विभाग और मंडी समिति जैसी संस्थाओं की उन सड़कों को भी चिन्हित किया है, जो वर्षों से जर्जर हालत में हैं।
आमतौर पर इन विभागों के पास सड़क निर्माण के लिए तो धन की व्यवस्था होती है, लेकिन मरम्मत के लिए कोई अलग मद नहीं होने के कारण सड़कें उपेक्षित रह जाती हैं। जानकारी के अनुसार गन्ना विकास विभाग की 12 और मंडी समिति की पांच ग्रामीण सड़कों को इस योजना में शामिल किया गया है।
यह भी पढ़ें- यूपी में 650 करोड़ की लागत से बन रहा एक और फोरलेन हाईवे, बिहार जाना अब और भी आसान
इन सड़कों का निर्माण लगभग दस वर्ष पूर्व हुआ था। समय के साथ इनके गड्ढे, उखड़ी गिट्टी और टूटी सतह ग्रामीणों के लिए परेशानी का कारण बन गई थी। अब पीडब्लूडी इन सड़कों को भी दुरुस्त कराकर नई जीवनरेखा देने की तैयारी में है।
पीडब्लूडी अधिकारियों का कहना है कि धन की स्वीकृति मिलते ही निविदा प्रक्रिया पूरी कर कार्य शुरू करा दिया जाएगा। इससे न केवल ग्रामीण क्षेत्रों में आवागमन बेहतर होगा, बल्कि कृषि उपज की ढुलाई, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच भी आसान हो सकेगी।
शासन के निर्देश पर जनपद की सभी जर्जर और बदहाल ग्रामीण सड़कों को चिन्हित किया गया है। सूची और आगणन तैयार कर शासन को भेज दिया गया है। स्वीकृति मिलते ही निविदा प्रक्रिया पूरी कर कार्य शुरू कराया जाएगा।
कमल किशोर, अधिशासी अभियंता, पीडब्लूडी
Pages:
[1]