पैटर्न की पहचान कर महामारी पर ब्रेक लगाने में मददगार होगा एआई: योगी आदित्यनाथ
https://www.jagranimages.com/images/2026/01/12/article/image/CM-Yogi-Adityanath-AI-In-Medical-Dainik-Jagran--1768206046549.jpgदो दिवसीय एआई हेल्थ समिट में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ
राज्य ब्यूरो, जागरण, लखनऊ : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को भरोसा है कि आर्टीफीशियल इंटेलिजेंस (एआई) पैटर्न की पहचान कर प्रदेश में महामारी पर ब्रेक लगाने में काफी मददगार होगा। सीएम योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को लखनऊ में स्वास्थ्य और आइटी विभाग की ओर से होटल सेंट्रम में आयोजित दो दिवसीय एआई हेल्थ समिट का उद्घाटन किया।
सीएम योगी आदित्यनाथ ने इस अवसर पर कहा कि पिछले आठ वर्ष में यूपी ने तकनीक का बेहतर उपयोग कर सभी क्षेत्रों में अभूतपूर्व विकास किया। अब एआई स्वास्थ्य के क्षेत्र में क्रांतिकारी बदलाव की बड़ी उम्मीद बनकर उभरा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि एआइ की सहायता से बीमारियों का पूर्वानुमान और पैटर्न का पता चलेगा, ऐसे में कोई महामारी पनप नहीं पाएगी।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पूर्वांचल के कुछ क्षेत्रों से गंभीर बीमारी इन्सेफलाइटिस खत्म होने का उदाहरण देते हुए कहा कि सघन सर्विलांस का परिणाम रहा कि अब इन क्षेत्रों में एक भी बच्चे की जान नहीं जाती, जबकि पहले एक हजार से ज्यादा बच्चे गंभीर रूप से बीमार पड़ते या जान गंवा देते थे। उन्होंने कहा कि एआई के जरिए आंकड़ों का विश्लेषण कर बीमारियों पर काबू पाना आसान होगा। संवेदनशील मोहल्लों तक पहुंचना आसान होगा।
सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि अब यूपी में सात सेंटर ऑफ एक्सलेंस बनाए जा रहे हैं। लखनऊ को एआई सिटी के रूप में विकसित किया जा रहा है। यूपी में डेटा सेंटर इकोसिस्टम बनेगा। यूपी में एआई मिशन पर तीन हजार करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे। कहा कि अब यूपी दुनिया को तकनीक आधारित माडल देने में सक्षम होगा।
टेलीमेडिसिन सिस्टम में बड़ा सुधार हुआ है। मातृ और शिशु मृत्यु दर में कमी आई है। प्रदेश में अब 81 मेडिकल कॉलेज और दो एम्स संचालित हैं। प्रदेश ने कोविड संक्रमण के दौरान वर्चुअल आईसीयू संचालित किया। सभी 75 जिलों में आईसीयू बेड बढ़ाया गया। अब यूपी का आंकड़ा सुधारकर लगभग राष्ट्रीय औसत के आसपास पहुंच गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश में मेडिकल डिवाइस पार्क और फार्मा पार्क के निर्माण का कार्य युद्धस्तर पर आगे बढ़ रहा है। एसजीपीजीआई, लखनऊ में मेडटेक सेंटर ऑफ एक्सीलेंस तथा गौतम बुद्ध नगर में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एंड इनोवेशन ड्रिवन एंटरप्रेन्योरशिप सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के निर्माण का कार्य भी चल रहा है।
उन्होंने कहा कि आज मुझे यह बताते हुए प्रसन्नता है कि उत्तर प्रदेश युवाओं की स्किलिंग की दिशा में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी प्रेरणा से एक नई यात्रा पर अग्रसर है, जिसके अंतर्गत प्रदेश में सात सेंटर ऑफ एक्सीलेंस विकसित किए जा रहे हैं। डबल इंजन सरकार आज डबल स्पीड के साथ ‘स्केल से स्किल’ और ‘स्किल से स्पीड’ की नई यात्रा पर तेजी से आगे बढ़ रही है।
सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि वर्ष 2017 से पहले उत्तर प्रदेश में निजी और सरकारी स्तर पर कुल 40 मेडिकल कॉलेज संचालित थे, जबकि आज यह संख्या बढ़कर 81 हो गई है। वर्तमान में प्रदेश में 81 मेडिकल कॉलेज संचालित हैं तथा दो एम्स भी कार्यरत हैं। अंतिम पायदान पर बैठे हुए व्यक्ति का विश्वास शासन के प्रति जब मजबूत होता है, तो योजनाएं तेजी के साथ आगे बढ़ती हुई दिखाई देती हैं।
एआई बदल देगी जांच से इलाज तक की सेहत
एआई के प्रयोग से प्रदेश को हेल्थ और इनोवेशन सेक्टर का पावर हाउस बनाने के संकल्प के तहत आइटी एवं स्वास्थ्य विभाग की ओर से रीजनल एआई समिट में दुनियाभर के विशेषज्ञ एआई के प्रयोग से चिकित्सा के क्षेत्र में मरीजों के सर्विलांस, जांच, इलाज, फालोअप से लेकर पूरे परिदृश्य में आने वाले बदलावों पर प्रजेंटेशन देंगे।
रेडियोलाजी, टीबी स्क्रीनिंग, पैथोलाजी से लेकर कैंसर समेत अन्य जटिल बीमारियों में एआई के प्रयोग से परिणाम बेहतर, त्वरित व सटीक मिलने की विधा पर चर्चा होगी। समिट में एआई आधारित हेल्थ साल्यूशंस, स्टार्टअप्स और उत्तर प्रदेश में लागू पायलट प्रोजेक्ट का लाइव प्रदर्शन किया जाएगा।समिट में डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर, आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन, डेटा गवर्नेंस और सुरक्षित एआई जैसे विषयों पर मंथन से स्वास्थ्य सेवाओं को प्रभावी बनाने की डगर खुलेगी।
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