जनता एक्सप्रेस में पत्थर फेंकने की जांच करेंगी IB और CIB समेत पांच टीमें, BHU रेफर की गई घायल महिला
https://www.jagranimages.com/images/2026/01/12/article/image/C-459-1-ALH1016-481023-1768214605771-1768214616675.jpgआईबी और सीआईबी समेत पांच टीमें भी करेंगी जनता एक्सप्रेस में पत्थर फेंकने की जांच।
संवाद सूत्र, प्रतापगढ़। जनता एक्सप्रेस में सफर के दौरान एक महिला यात्री की आंख के नीचे पत्थर लग गया था। इससे वह गंभीर रूप से घायल हो गई थीं। इस मामले की गूंज रेल मंत्रालय और डीजीपी कार्यालय तक पहुंच गई है। मामले की जांच करने का जिम्मा आईबी, सीआईबी समेत पांच टीमों को भी मिला है। घायल महिला की हालत गंभीर होने पर बीएचयू रेफर कर दिया गया है। अभी तक आरोपित पुलिस की पकड़ से दूर है।
जौनपुर के जैतपुर की रहने वाली माला सिंह रविवार दोपहर जनता एक्सप्रेस के जनरल बोगी में खिड़की के पास बैठी थीं। गौरा और मां बाराही देवी धाम रेलवे स्टेशन के मध्य अराजकतत्व ने पत्थर फेंक दिया। पत्थर उनकी आंख के नीचे लगा था। इससे वह गंभीर रूप से घायल हो गईं।
प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें राजा प्रताप बहादुर पार्क अस्पताल से प्रयागराज रेफर कर दिया गया। हालत गंभीर देख देर रात उनको बीएचयू वाराणसी रेफर कर दिया गया। घटना आग की तरह फैल गई।
रेल मंत्रालय और डीपीजी कार्यालय से भी घटना के बाबत जानकारी ली जा रही है। मामले में आरपीएफ ने रेलवे एक्ट में अज्ञात में केस दर्ज किया है। आरपीएफ और जीआरपी इसकी जांच कर रही है।
वहीं जल्द राजफाश के लिए अब आईबी, सीआईबी समेत पांच टीमों को भी जिम्मेदारी दी गई है। साथ ही एडीजी ला एंड आर्डर भी पल-पल की रिपोर्ट ले रहे हैं।
असिस्टेंट कमांडेंट भी लिया जायजा
आरपीएफ के वाराणसी परिक्षेत्र के असिस्टेंट कमांडेंट वीरेंद्र प्रताप सिंह भी रविवार शाम घटना स्थल का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने घटना के बाबत जानकारी ली। आरपीएफ प्रभारी व अन्य स्टाफ को घटना के जल्द राजफाश के निर्देश दिए।
आंख खराब होने की अफवाह
महिला की आंख के नीचे पत्थर लगने से घटना के दौरान ही काफी रक्त बह गया। प्रयागराज में इलाज के दौरान आंख का काफी हिस्से में घाव होने की पुष्टि हुई। मामला बिगड़ता देख बीएचयू रेफर कर दिया गया। आंख के नीचे चोट लगने से उसके खराब होने की भी अफवाह है। चर्चा रही है कि आपरेशन करके आंख निकाली जाएगी, ताकि संक्रमण न फैलने पाए।
दर्जन भर संदिग्धों को पकड़ा
घटना के बाद रात में जीआरपी ने रामापुर समेत तीन गांवों के आधा दर्जन से अधिक संदिग्धों को थाने लाया गया। उनसे पूछताछ की जा रही है। स्थानीय पुलिस से भी जानकारी ली जा रही है। जीआरपी का दावा है कि बेगुनाहों पर कार्रवाई नहीं होगी।
कार्रवाई की डर से निकलना बंद
मां बाराही देवी धाम रेलवे स्टेशन से गौरा रेलवे स्टेशन के मध्य रेलवे लाइन के किनारे अक्सर लोग गाय, भैंस, बकरी आदि चराते आते थे। घटना के बाद जब खाकी आरोपित का तलाश करने रेलवे स्टेशन, लाइन और गांवों में पहुंचने लगी तो तमाम लोग कार्रवाई की डर से घर से निकलना बंद कर दिए। पशुपालक भी जाने से कतरा रहे हैं। डर है कि कहीं मुझ पर ही न कार्रवाई हो जाए। गौरा रेलवे स्टेशन पर भी पूरे दिन सन्नाटा पसरा रहा।
घटना की जांच की जा रही है। कई संदिग्धों से पूछताछ की गई। जल्द ही आरोपित की धरपकड़ की जाएगी। -सुमित कुमार, एसओ जीआरपी।
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