तंत्र साधना करने वाले और बच्चा चोर गिरोहों की भी कुंडली खंगाल रही पुलिस, रांची से गायब बच्चों का नहीं मिला सुराग
https://www.jagranimages.com/images/2026/01/12/article/image/ANSH--ANSHIKA-Dhurva-1768224964734.jpgगायब बच्चों की तलाश में सीआइजी की टीम भी कर रही सहयोग।
- रांची पुलिस को सीआइडी की टीम भी कर रही है सहयोग
राज्य ब्यूरो, रांची। रांची जिले के धुर्वा थाना क्षेत्र के मल्हारकोचा से दस दिन पहले लापता दो मासूम बच्चे अंश व अंशिका की खोज में जुटी रांची पुलिस को अपराध अनुसंधान विभाग (सीआइडी) की टीम भी सहयोग कर रही है। वह कई एंगल से अनुसंधान कर रही है। तंत्र साधना करने वाले तथा मानव तस्करों पर भी नजर है।
बच्चों की तलाश झारखंड के बाहर भी हो रही है। सीआइडी के एडीजी मनोज कौशिक स्वयं पूरे मामले की निगरानी कर रहे हैं, क्योंकि रांची के जोनल आइजी का प्रभार भी उन्हीं के पास है।
उन्होंने एडीजी सीआइडी के रूप में सभी राज्यों के डीजीपी से पत्राचार कर लापता दोनों बच्चों को खोजने में मदद मांगी है। इतना ही नहीं, पूर्व में सक्रिय रहे बच्चा चोर गिरोह के सदस्यों का भी सत्यापन चल रहा है।
जेल जाने वाले व जेल से बाहर निकलने वाले बच्चा चोर गिरोह के सदस्यों का सत्यापन चल रहा है। वर्तमान में उनकी गतिविधि क्या है, पुलिस इसका सत्यापन कर रही है।
धुर्वा व आसपास के संदिग्ध गतिविधि वाले भी जांचे जा रहे हैं। फिलहाल, पुलिस के हाथ खाली हैं। अब तक दोनों मासूम बच्चों का कहीं से भी कोई सुराग नहीं मिल रहा है।
मानव तस्करों का भी हो रहा है सत्यापन
सीआइडी की एक विंग पहले से ही आपरेशन मुस्कान चलाकर मासूम व लापता बच्चों की खोज करती आ रही है। इस अभियान के तहत देश के विभिन्न हिस्सों से ऐसे दर्जनों बच्चों को सीआइडी मुक्त करा चुकी है।
एक बार फिर इस अभियान में शामिल रहे अधिकारियों व संस्थाओं से भी सीआइडी ने सहयोग मांगा है, ताकि रांची के इस चर्चित मामले का खुलासा किया जा सके।
इस अभियान में तंत्र साधना करने वाले पर भी सीआइडी ने नजर रखा है। बच्चों के लापता होने के पीछे जो भी संभावित बिंदु हैं, उसके आधार पर पुलिस ने अपनी जांच को आगे बढ़ाया है। जांच जारी है।
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