cy520520 Publish time Yesterday 23:27

नोएडा में सीजीएसटी इंस्पेक्टर कराता था टैक्स चोरी, 100 करोड़ कर चोरी मामले में आया नाम

https://www.jagranimages.com/images/2026/01/12/article/image/Fraud_-1768241660454.jpg

जीएसटी चोरी करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश कर चार आरोपितों को गिरफ्तार किया गया।



जागरण संवाददाता, ग्रेटर नोएडा। स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) उत्तर प्रदेश द्वारा 9 जनवरी को जीएसटी चोरी करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश कर चार आरोपितों को गिरफ्तार किया गया था। एक सीजीएसटी इंस्पेक्टर ही कर चोरी कराता था। नई दिल्ली में तैनात सेंट्रल जीएसटी इंस्पेक्टर मोहित अग्रवाल का नाम सामने आया है। इंस्पेक्टर मोहित अग्रवाल फिलहाल फरार है।

उन पर सस्पेंड फर्मों को बहाल करने, फर्जी कंपनियों को जांच से बचाने और रिकार्ड में हेरफेर करने के लिए घूस लेने का आरोप है। एसटीएफ ने शुक्रवार को सूरजपुर स्थिति कार्यालय में पूछताछ के बाद दिल्ली के एक स्क्रैप डीलर सहित चार आरोपितों को गिरफ्तार किया था। अधिकारियों ने बताया कि गिरफ्तार आरोपितों के वाट्सअप चैट में मोहित अग्रवाल का भी नाम सामने आया है।

गाजियाबाद के कवि नगर कोतवाली में इस संबंध में मामला दर्ज किया गया था। एसटीएफ ने गिरफ्तार आरोपितों की पहचान हरदीप सिंह उर्फ प्रिंस निवासी दिल्ली, जितेन्द्र झानिवासी समस्तीपुर बिहार, पुनीत अग्रवाल निवासी पश्चिम दिल्ली और शिवम ( निवासी विजय एन्क्लेव नई दिल्ली के रूप में की थी।

आरोपितों नेविभिन्न राज्यों और उत्तर प्रदेश के कई जनपदों में बोगस फर्मों का पंजीकरण कर फर्जी इनवाइस और ई-वे बिल के जरिए लगभग 100 करोड़ रुपये से अधिक की जीएसटी चोरी कर राजस्व को भारी नुकसान पहुंचाया था। इसी मामले में चल रही जांच में अब आरोपितों को कर चोरी कराने में जीएसटी इंस्पेक्टर मोहित अग्रवाल का नाम भी सामने आया है। गिरोह द्वारा बोगस फर्मों के नाम से इनवाइस और ई-वे बिल जनरेट कर जीएसटी पोर्टल पर अपलोड किया जाता था और संबंधित वास्तविक फर्मों को इनपुट टैक्स क्रेडिट का लाभ दिलाया जाता था।

फर्जी लेनदेन को वास्तविक दिखाने के लिए बोगस फर्मों और वास्तविक फर्मों के बीच बैंक खातों के माध्यम से धनराशि ट्रांसफर दिखाई जाती थी। इसके बाद उस राशि को कैश या सर्कुलर ट्रेडिंग के जरिए वापस निकाल लिया जाता था। अभियुक्तों के पास विभिन्न फर्मों की लाग-इन आइडी, पासवर्ड और मोबाइल नंबर होते थे, जिससे वे ओटीपी प्राप्त कर आसानी से बैंक ट्रांजैक्शन और जीएसटी रिटर्न फाइलिंग कर लेते थे।

यह भी पढ़ें- ग्रेटर नोएडा में 1 फरवरी 2026 को FHRAI-IHM मिनी मैराथन का आयोजन
Pages: [1]
View full version: नोएडा में सीजीएसटी इंस्पेक्टर कराता था टैक्स चोरी, 100 करोड़ कर चोरी मामले में आया नाम

Get jili slot free 100 online Gambling and more profitable chanced casino at www.deltin51.com