गाजियाबाद की सड़कों पर यमराज बनकर घूम रहे साढ़े 12 हजार से ज्यादा ई-रिक्शा, खतरे में यात्रियों की जान
https://www.jagranimages.com/images/2026/01/12/article/image/Ghaziabad-news-Update-(56)-1768241823199.jpgबुलंदशहर रोड औद्योगक क्षेत्र के पास जीटी रोड पर चलता पुराना इ-रिक्शा। जागरण
जागरण संवाददाता, गाजियाबाद। जिले की सड़कों पर बिना फिटनेस के ई-रिक्शा फर्राटे भर रहे हैं, जिससे यात्रियों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। परिवहन विभाग के आंकड़ों के अनुसार जिले में कुल 28,574 ई-रिक्शा पंजीकृत हैं, जिनमें से 12,765 ई-रिक्शा की फिटनेस अवधि समाप्त हो चुकी है।
नियमों के अनुसार ये वाहन सड़क पर चलने के लिए असुरक्षित हैं, इसके बावजूद शहर की तंग गलियों से लेकर प्रमुख मार्गों तक सवारियां ढोते नजर आ रहे हैं।
तकनीकी खामियों के चलते कई बार हादसे हो चुके हैं। ई-रिक्शा के पलटने और ब्रेक फेल होने जैसी घटनाएं सामने आ चुकी हैं, लेकिन इसके बाद भी इन पर प्रभावी नियंत्रण नहीं लगाया जा सका। स्थिति यह है कि सैकड़ों ई-रिक्शा ऐसे भी हैं, जिनका पंजीकरण आरटीओ कार्यालय में दर्ज ही नहीं है।
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इसके बावजूद न तो परिवहन विभाग की ओर से कोई सघन अभियान चलाया गया और न ही अपेक्षित सख्ती दिखाई दे रही है। व्यस्त इलाकों में सवारी बैठाने की होड़ में ई-रिक्शाओं की बेतरतीब ढंग से लंबी कतारें लग जाती हैं, जिससे जाम और दुर्घटना की आशंका बनी रहती है।
इस संबंध में आरटीओ प्रवर्तन सियाराम वर्मा का कहना है कि प्रतिदिन चेकिंग अभियान चलाया जाता है और बिना फिटनेस पाए जाने वाले वाहनों के खिलाफ कार्रवाई की जाती है।
साढ़े चार हजार से अधिक ऑटो की भी फिटनेस हो चुकी है समाप्त
केवल ई-रिक्शा ही नहीं, ऑटो की स्थिति भी चिंताजनक है। विभागीय आंकड़ों के मुताबिक जिले में 7,597 ऑटो पंजीकृत हैं, जिनमें से 4,632 ऑटो की फिटनेस समाप्त हो चुकी है। ऐसे ऑटो भी धड़ल्ले से सवारियां ढो रहे हैं, जो किसी भी समय हादसे का कारण बन सकते हैं।
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