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बीमा गिरोह के सरगना सहित पर तीन आरोपियों पर कार्रवाई, पुलिस ने 11.89 करोड़ की संपत्ति जब्त की

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जागरण संवाददाता, संभल। फर्जी बीमा पालिसी के जरिए क्लेम की रकम हड़पने वाले अंतरराज्यीय गिरोह के खिलाफ संभल पुलिस और प्रशासन ने अब तक की सबसे बड़ी कुर्की की कार्रवाई की है। गैंग्स्टर एक्ट के अंतर्गत इस गिरोह से जुड़ी कुल 11.89 करोड़ रुपये की अवैध रूप से अर्जित संपत्ति को कुर्क किया जा रहा है।

डीएम न्यायालय की ओर से सात जनवरी 2026 को आदेश जारी किया था और इससे पहले भी संबंधितों को नोटिस की तामील भी कराई जा चुकी थी। सोमवार को जनपद के कस्बा बबराला में और वाराणसी में पुलिस और राजस्व विभाग की संयुक्त टीमों ने कुर्की की कार्रवाई की, जबकि बदायूं और गौतम बुद्ध नगर के नोएडा में मंगलवार को कुर्की की कार्रवाई की जाएगी।

दरअसल, इस संगठित अपराध गिरोह का पर्दाफाश 18 जनवरी 2025 की रात को घटी उस घटना के बाद हुआ जिसमें अपर पुलिस अधीक्षक दक्षिणी अनुकृति शर्मा और रजपुरा पुलिस ने एक काले रंग की स्कार्पियो को पकड़ लिया था। कार से 11. 44 लाख रुपये बरामद हुए थे।

वाहन में वाराणसी के थाना कैंट क्षेत्र के गांव फुलवरिया निवासी ओंकारेश्वर मिश्रा उर्फ करन मिश्रा और बबराला निवासी अमित कुमार सवार था, अमित उस समय गजरौला में रह रहा था। दोनों के पास से चार मोबाइल फोन और 19 दस्तावेज बरामद किए गए थे।

जिनमें क्रेडिट कार्ड, डेबिट कार्ड, पैन कार्ड और आधार कार्ड शामिल थे और इनके मोबाइल में 30 हजार से अधिक ऐसे दस्तावेज जिसमें फर्जी बीमा पॉलिसी, मृत्यु प्रमाण पत्र और अन्य दस्तावेज मिले, जिसके इस गिरोह का नेटवर्क उजागर हुआ।

जांच में यह सामने आया कि इन डेबिट कार्डों से जुड़े खातों में लाखों रुपये की धनराशि थी और खाते अन्य लोगों के नाम पर फर्जी तरीके से खोले गए थे। आगे की जांच में पर्दाफाश हुआ कि ओंकारेश्वर मिश्रा एक निजी कंपनी में थर्ड पार्टी इन्वेस्टिगेटर आफिसर है और बीमा पालिसी क्लेम आवेदनों की जांच करता था।

इसी पद का दुरुपयोग कर उसने बीमा क्लेम धोखाधड़ी का संगठित नेटवर्क खड़ा किया। परतें खुलने पर यह भी सामने आया कि गिरोह केवल बीमा तक सीमित नहीं था, बल्कि इससे जुड़े सदस्य फर्जी तरीके से आधार तैयार, ट्रैक्टर गिरोह, फाइनेंस और लोन से जुड़े कई अन्य गिरोहों से भी जुड़ा था और 12 राज्यों में सक्रिय था। जिसमें जिले के आठ थाना समेत आसपास जिले के कई थानों में 25 से अधिक मामले दर्ज हुए और 70 से अधिक लोग जेल गए।

जिसमें असम, दिल्ली, यूपी, बिहार और झारखंड के लोग भी शामिल हैं। इस पूरे मामले में 22 अगस्त 2025 को रजपुरा थाने में गैंग्स्टर एक्ट के अंतर्गत 25 लोगों के विरुद्ध कार्रवाई की गई। विवेचना बहजोई के प्रभारी निरीक्षक संत कुमार कर रहे हैं।

कुर्की के तहत मुख्य साधना ओंकारेश्वर मिश्रा की 1,26,70,000 रुपये की संपत्ति वाराणसी में, सचिन शर्मा उर्फ मोनू की 9,18,72,000 रुपये की संपत्ति जनपद संभल के बबराला में, गौतम बुद्ध नगर के नोएडा और बदायूं में और सचिन के भाई गौरव शर्मा की 1,44,02,000 रुपये की संपत्ति बदायूं में चिन्हित की गई है। आदेश के अनुसार गुन्नौर तहसील प्रशासन और वाराणसी का राजस्व विभाग रिसीवर नियुक्त किया गया है।


गिरोह के सदस्य बीमार लोगों का बीमा करवाते थे। हत्या करने के बाद उसे हादसे का रूप देकर भी रकम हड़पते थे। इस गिरोह से जुड़े 70 लोग जेल जा चुके हैं। अब सरगना व दो सगे भाईयों के घर पर मुनादी करवाते हुए संपत्ति को जब्त करने की कार्रवाई हुई है। बबराला के अलावा वाराणसी में भी पुलिस और राजस्व विभाग की संयुक्त टीमों ने यह कार्रवाई की है।
डा. अनुकृति शर्मा, एएसपी दक्षिणी, संभल।
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