बिहार में 80+ बुजुर्गों को बड़ी राहत: घर बैठे होगी जमीन-प्लॉट रजिस्ट्री, 7 दिन में निपटेंगे मामले
https://www.jagranimages.com/images/2026/01/13/article/image/nitish-kumar-f-1768293776920.jpgबिहार में बुजुर्गों को बड़ी राहत
राज्य ब्यूरो, पटना। बिहार सरकार ने 80 वर्ष या उससे अधिक आयु के बुजुर्ग नागरिकों को बड़ी राहत देने का फैसला किया है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने सोशल मीडिया पर जानकारी देते हुए बताया कि 20 नवंबर 2025 को राज्य में नई सरकार के गठन के बाद से लगातार ऐसे फैसले लिए जा रहे हैं, जिनसे राज्य को देश के सबसे विकसित राज्यों की श्रेणी में लाया जा सके। इसी कड़ी में सरकार ने वरिष्ठ नागरिकों, खासकर 80 वर्ष से अधिक आयु के बुजुर्गों के लिए जमीन और प्लॉट की रजिस्ट्री प्रक्रिया को सरल और सुगम बनाने का महत्वपूर्ण निर्णय लिया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार के संज्ञान में कई ऐसे मामले आए, जिनमें 80 वर्ष या उससे अधिक आयु के बुजुर्गों को जमीन या प्लॉट की रजिस्ट्री से जुड़ी प्रक्रिया में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है।
उम्र और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के कारण रजिस्ट्री कार्यालय तक पहुंचना उनके लिए मुश्किल हो जाता है। इन परेशानियों को देखते हुए सरकार ने विशेष व्यवस्था लागू करने का फैसला किया है।
नई व्यवस्था के तहत, 80 वर्ष या उससे अधिक आयु के बुजुर्गों के लिए जमीन और प्लॉट की रजिस्ट्री की प्रक्रिया को आसान बनाया जाएगा। मुख्यमंत्री के अनुसार, ऐसे बुजुर्ग जो रजिस्ट्री कार्यालय आने में असमर्थ हैं, उनके लिए मोबाइल रजिस्ट्री इकाई (Mobile Registration Unit) की व्यवस्था की जाएगी। यह इकाई बुजुर्गों के घर जाकर रजिस्ट्री की प्रक्रिया पूरी करेगी, जिससे उन्हें कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे।
इसके साथ ही संबंधित विभाग को निर्देश दिया गया है कि बुजुर्गों के जमीन और प्लॉट रजिस्ट्री से जुड़े मामलों का निपटारा अधिकतम 7 कार्य दिवसों के भीतर किया जाए। इससे अनावश्यक देरी और अधिकारियों के चक्कर लगाने की समस्या खत्म होगी।
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने यह भी बताया कि अक्सर देखा गया है कि जमीन रजिस्ट्री के दौरान बुजुर्गों को पर्याप्त और सही जानकारी नहीं मिल पाती, जिससे भ्रम की स्थिति पैदा होती है।
इसे ध्यान में रखते हुए रजिस्ट्री प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ाने और बुजुर्गों को हर स्तर पर स्पष्ट जानकारी उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही, किसी भी प्रकार की गड़बड़ी या शोषण को रोकने के लिए निगरानी व्यवस्था को भी मजबूत किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि यह नई व्यवस्था 1 अप्रैल 2026 से पूरे राज्य में प्रभावी होगी। उन्होंने विश्वास जताया कि यह पहल राज्य के 80 वर्ष या उससे अधिक आयु के बुजुर्गों के लिए काफी उपयोगी साबित होगी और उन्हें जमीन से जुड़े मामलों में अनावश्यक परेशानी से राहत मिलेगी।
सरकार के इस फैसले को बुजुर्गों के सम्मान, सुविधा और आसान जीवन (Ease of Living) की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है।
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