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आरा सदर अस्पताल ने बिहार में किया टॉप, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवा के लिए मिला सम्मान

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आरा सदर अस्पताल। फोटो जागरण



अरुण प्रसाद, आरा। बिहार में सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं की सशक्त होती तस्वीर सदर अस्पताल आरा ने पेश की है। भोजपुर जिले के इस प्रमुख अस्पताल में अप्रैल 2025 से सितंबर 2025 के बीच 956 सफल सी-सेक्शन आपरेशन किए गए, जिससे मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में एक नया मानक स्थापित हुआ है।

यह उपलब्धि राज्यभर के सरकारी अस्पतालों के लिए प्रेरणास्रोत बनकर सामने आई है। इस उल्लेखनीय सफलता पर बिहार सरकार के स्वास्थ्य एवं विधि मंत्री मंगल पांडेय ने सदर अस्पताल आरा की मातृ-शिशु देखभाल इकाई को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया है।

मंत्री Mangal Panday ने कहा कि सीमित संसाधनों और निरंतर बढ़ते मरीजों के दबाव के बावजूद अस्पताल की टीम ने जिस समर्पण और पेशेवर दक्षता के साथ सेवाएं दी हैं, वह राज्य की सार्वजनिक स्वास्थ्य व्यवस्था की मजबूती को दर्शाता है।

स्वास्थ्य मंत्री द्वारा जारी प्रशस्ति पत्र में उल्लेख किया गया है कि जटिल प्रसव मामलों में समय पर लिए गए निर्णय और सुरक्षित सी-सेक्शन आपरेशन से सैकड़ों माताओं एवं नवजात शिशुओं का जीवन सुरक्षित हुआ। यह अस्पताल की चिकित्सकीय क्षमता, अनुशासित कार्यप्रणाली और मानवीय संवेदनशीलता का प्रमाण है।

मंत्री ने चिकित्सकों, नर्सिंग स्टाफ और स्वास्थ्यकर्मियों को बधाई देते हुए आशा व्यक्त की कि सदर अस्पताल आरा भविष्य में भी मातृ एवं शिशु मृत्यु दर को कम करने की दिशा में इसी प्रतिबद्धता के साथ कार्य करता रहेगा।

उल्लेखनीय है कि सदर अस्पताल आरा अब केवल भोजपुर ही नहीं, बल्कि आसपास के जिलों की गर्भवती महिलाओं के लिए भी सुरक्षित प्रसव का भरोसेमंद केंद्र बनता जा रहा है। बढ़ती मरीज संख्या इस बात का संकेत है कि सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं पर आम जनता का विश्वास लगातार मजबूत हो रहा है।

सदर अस्पताल आरा का प्रदर्शन बताता है कि यदि संसाधनों का सही उपयोग और समर्पित टीम हो, तो सरकारी अस्पताल भी मातृ-शिशु स्वास्थ्य सेवाओं में निजी संस्थानों से बेहतर परिणाम दे सकते हैं।
छह माह में रिकॉर्ड सी-सेक्शन

- अप्रैल–सितंबर 2025: 956 सफल सी-सेक्शन
- औसतन प्रति माह: 160 ऑपरेशन
- औसतन प्रति दिन: 5–6 जटिल प्रसव का सुरक्षित समाधान
तुलना में कितना आगे?

- सामान्यतः जिला स्तरीय अस्पतालों में 6 माह में 500–600 सी-सेक्शन होते हैं
- सदर अस्पताल आरा ने इससे करीब 60–70% अधिक ऑपरेशन कर दबाव संभाला
- यह दर्शाता है कि अस्पताल ने रेफरल का बोझ भी प्रभावी ढंग से उठाया
क्यों बढ़े सी-सेक्शन?

- हाई-रिस्क प्रेग्नेंसी के मामलों में वृद्धि
- आसपास के प्रखंडों व जिलों से रेफरल
- सरकारी अस्पताल में निःशुल्क, सुरक्षित और 24×7 सुविधाॉ
असर क्या पड़ा?

- समय पर ऑपरेशन से मातृ व नवजात मृत्यु दर में नियंत्रण
- निजी अस्पतालों पर निर्भरता घटी
- ग्रामीण व आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को बड़ा लाभ
सरकारी स्वास्थ्य व्यवस्था की मजबूती का संकेत

- सीमित संसाधनों में बेहतर आउटपुट
- डाक्टरों व नर्सिंग स्टाफ की दक्षता
- स्वास्थ्य विभाग की नीतियों का ज़मीनी असर
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