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किशोरियों के शारीरिक बदलाव व मासिक धर्म की समस्या का भी स्कूल में ही समाधान, खुलेगी सखी सहायता डेस्क

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Girls health program in schools: स्वास्थ्य विभाग के साथ समन्वय कर जांच, परामर्श और आवश्यक दवाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। फाइल फोटो



जागरण संवाददाता, समस्तीपुर।Girls health program in schools: अब जिले की छात्राओं को किशोरावस्था के दौरान होने वाले शारीरिक, मानसिक और स्वास्थ्य संबंधी बदलावों को लेकर अकेले जूझना नहीं पड़ेगा। समस्तीपुर जिले के 403 माध्यमिक एवं उच्च माध्यमिक विद्यालयों में पढ़ने वाली छात्राओं के लिए “सखी सहायता डेस्क” की स्थापना की जा रही है।

शिक्षा विभाग की इस पहल का उद्देश्य छात्राओं को सुरक्षित, सहयोगी और संवेदनशील वातावरण में परामर्श व सहायता उपलब्ध कराना है। सखी सहायता डेस्क के माध्यम से छात्राएं किशोरावस्था में होने वाले शारीरिक बदलाव, मासिक धर्म से जुड़ी समस्याएं, मानसिक तनाव, पोषण की कमी और एनीमिया जैसी स्वास्थ्य समस्याओं पर बिना झिझक अपनी बात रख सकेंगी।

इसके साथ ही सभी चयनित विद्यालयों में किशोरी स्वास्थ्य से संबंधित प्राथमिक चिकित्सा किट भी उपलब्ध कराई जाएगी। जिला शिक्षा पदाधिकारी कामेश्वर प्रसाद गुप्ता ने बताया कि विभागीय निर्देश के अनुसार सखी सहायता डेस्क केवल परामर्श तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि स्कूल स्तर पर ही एनीमिया जैसी समस्याओं की पहचान और उपचार की व्यवस्था की जाएगी। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग के साथ समन्वय कर जांच, परामर्श और आवश्यक दवाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।
महिला शिक्षिका होंगी नोडल टीचर

राज्य सरकार ने वित्तीय वर्ष 2025-26 में समग्र शिक्षा के इक्विटी घटक के तहत सभी माध्यमिक व उच्च माध्यमिक विद्यालयों में किशोरी कार्यक्रम को प्रभावी रूप से लागू करने के निर्देश दिए हैं। प्रत्येक विद्यालय में एक महिला शिक्षिका को सखी सहायता डेस्क की नोडल शिक्षक नामित किया जाएगा। जहां महिला शिक्षिका उपलब्ध नहीं होंगी, वहां पुरुष शिक्षक को यह जिम्मेदारी दी जाएगी।

राज्य स्तर पर प्रशिक्षित मास्टर ट्रेनरों के माध्यम से जिला स्तर पर शिक्षकों को एक दिवसीय गैर-आवासीय प्रशिक्षण दिया जाएगा। प्रशिक्षण के दौरान स्मार्ट टीवी, इंटरनेट समेत सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध रहेंगी।
हर माह मनाया जाएगा किशोरी स्वास्थ्य दिवस

स्वास्थ्य विभाग के सहयोग से किशोरियों के लिए टी-3 (Test, Talk, Treatment) मॉडल पर आधारित एनीमिया जांच शिविर त्रैमासिक रूप से आयोजित किए जाएंगे। इसके अलावा प्रत्येक माह की 8 तारीख को किशोरी स्वास्थ्य दिवस मनाया जाएगा। इससे छात्राओं में स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता, आत्मविश्वास और निर्णय क्षमता को बढ़ावा मिलेगा।

राज्य परियोजना निदेशक के निर्देश पर जिला शिक्षा विभाग को हर हाल में 15 जनवरी तक सखी सहायता डेस्क का संचालन शुरू करने को कहा गया है। इसके लिए चयनित विद्यालयों में विशेष कक्ष तैयार किए जा रहे हैं, जहां छात्राएं सहज और सुरक्षित माहौल में अपनी समस्याएं साझा कर सकेंगी।
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