बंगाल की भोग खिचड़ी से लेकर दक्षिण के पोंगल तक, मकर संक्रांति पर चखें अलग-अलग राज्यों की खास डिशेज
https://www.jagranimages.com/images/2026/01/13/article/image/Makar-Sankranti-Khichdi-1768305200388.jpgमकर संक्रांति पर है खिचड़ी का खास महत्व (Picture Courtesy: Instagram)
लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। मकर संक्रांति भारत का एक मुख्य त्योहार है, जो न केवल सूर्य का मकर राशि में प्रवेश का प्रतीक है, बल्कि यह भारत की सांस्कृतिक विविधता और एकता को भी दिखाता है। उत्तर भारत में इस त्योहार को खिचड़ी के नाम से भी जाना जाता है, जो इसका अहम हिस्सा होती है।
खिचड़ी सिर्फ एक व्यंजन नहीं, बल्कि नई फसल के स्वागत का भी प्रतीक मानी जाती है। ऐसे में आइए जानते हैं कि भारत के अलग-अलग राज्यों में मकर संक्रांति पर खिचड़ी किन अलग-अलग रूपों और स्वादों में परोसी जाती है।
उत्तर प्रदेश और बिहार
उत्तर प्रदेश और बिहार में मकर संक्रांति पर उड़द की दाल और नए चावल की खिचड़ी बनाने की परंपरा है। यहां एक लोकप्रिय कहावत है- “खिचड़ी के चार यार- दही, पापड़, घी और अचार।” यहां चावल और दाल को दान करने का भी खास महत्व है। लोग चावल, दाल, तिल और गुड़ का दान करते हैं। परोसते समय इसमें शुद्ध देसी घी की भरपूर मात्रा डाली जाती है, जो ठंड के मौसम में शरीर को गर्माहट देती है।
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पश्चिम बंगाल- निरामिष खिचड़ी
बंगाल में मकर संक्रांति को \“पौष संक्रांति\“ कहा जाता है। यहां खिचड़ी को भुनी हुई मूंग दाल के साथ बनाया जाता है, जिसे \“भाजा मुगेर दाल खिचड़ी\“ कहते हैं। इसमें गोभी, मटर और आलू जैसी मौसमी सब्जियां डाली जाती हैं। इसे अक्सर लाबड़ा और बेगुनी के साथ परोसा जाता है। यहां का खास आकर्षण नोलन गुड़ से बनी मिठाइयां भी होती हैं।
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तमिलनाडु- वेन पोंगल और सक्कारई पोंगल
दक्षिण भारत में इस पर्व को पोंगल के रूप में मनाया जाता है। यहां खिचड़ी के दो रूप देखने को मिलते हैं-
[*]वेन पोंगल- यह नमकीन होता है, जिसमें चावल और मूंग की दाल को घी, काली मिर्च, जीरा और काजू के साथ तड़का लगाया जाता है।
[*]सक्कारई पोंगल- यह एक मीठा व्यंजन है, जिसे नए चावल, गुड़ और दूध से बनाया जाता है। इसे मिट्टी के बर्तनों में खुले में पकाया जाता है, और उफनाकर बाहर गिराने की परंपरा है।
https://smart-cms-bkd-static-media.jnm.digital/jagran-hindi/images/2026/01/13/template/image/Pongal-(1)-1768305796717.jpg (Picture Courtesy: Instagram)
कर्नाटक और आंध्र प्रदेश- हुग्गी
कर्नाटक में खिचड़ी को \“हुग्गी\“ कहा जाता है। यह पोंगल के समान ही होती है। यहां भी तिल और गुड़ के मिश्रण के साथ नमकीन खिचड़ी का आनंद लिया जाता है। इसमें मूंगफली और सूखे नारियल का इस्तेमाल स्वाद को और बढ़ा देता है।
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हिमाचल प्रदेश और पंजाब
पहाड़ी राज्यों में खिचड़ी को भारी मात्रा में घी और स्थानीय दालों के साथ बनाया जाता है। पंजाब में इस समय लोहड़ी मनाई जाती है, जहां अगले दिन यानी संक्रांति (माघी) पर गन्ने के रस की खीर या दाल-चावल की खिचड़ी खाने की परंपरा है।
खिचड़ी ने का महत्व
आयुर्वेद के अनुसार, मकर संक्रांति के समय ऋतु परिवर्तन हो रहा होता है। ऐसे में चावल, दाल, अदरक और घी से बनी खिचड़ी आसानी से पचने वाली होती है और शरीर को संतुलित रखती है।
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