बिहार के इस शहर में 12 दिन में 10 हजार से अधिक लोगों का कटा चालान, ICCC के कैमरों ने कसा शिकंजा
https://www.jagranimages.com/images/2026/01/13/article/image/Challan-1768314102077.jpgजागरण संवाददाता, पटना। पटना शहर में यातायात व्यवस्था को सुरक्षित, सुव्यवस्थित और अनुशासित बनाने की दिशा में इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर (आईसीसीसी) अहम भूमिका निभा रहा है। पटना स्मार्ट सिटी लिमिटेड की परियोजना के तहत आईसीसीसी से जुड़े हाई-रेजोल्यूशन और ऑटोमेटिक नंबर प्लेट रिकॉग्निशन (एएनपीआर) कैमरों की मदद से ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहनों पर आटोमेटिक चालान की कार्रवाई तेज कर दी गई है।
नए साल की शुरुआत के साथ ही शहर के विभिन्न हिस्सों में आईसीसीसी कैमरों के माध्यम से 12 दिनो में 10 हजार से अधिक ट्रैफिक उल्लंघनों की पहचान की गई है।
इनमें ओवरस्पीडिंग, हेलमेट नहीं पहनना, ट्रिपल राइडिंग, गलत दिशा में वाहन चलाना, बिना बीमा वाहन चलाना, सीट बेल्ट नहीं लगाना, मोबाइल पर बात करते हुए ड्राइविंग, ट्रैफिक सिग्नल का उल्लंघन और नो-पार्किंग जोन में वाहन खड़ा करना प्रमुख हैं। आंकड़ों के अनुसार, सबसे अधिक मामले बिना हेलमेट बाइक चलाने और गलत साइड में वाहन चलाने से जुड़े हैं।
आईसीसीसी कैमरों से रिकार्ड किए गए उल्लंघनों का सत्यापन कर चालान सीधे जनरेट किया जा रहा है। चालान की सूचना वाहन मालिक के रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर भेजी जा रही है। पूरी प्रक्रिया पूरी तरह डिजिटल, पारदर्शी और मानव हस्तक्षेप से मुक्त बताई जा रही है, जिससे नियमों के पालन में सख्ती आई है।
नो-पार्किंग पर विशेष अभियान
नो-पार्किंग जोन में वाहन खड़ा करने वालों के खिलाफ विशेष अभियान चलाया जा रहा है। एएनपीआर कैमरों के जरिए वाहन नंबर आटोमेटिक स्कैन कर सीधे चालान काटा जा रहा है। जहां एएनपीआर कैमरे उपलब्ध नहीं हैं, वहां ICCC के सर्विलांस कैमरों से ली गई तस्वीरों के आधार पर चालान जारी किए जा रहे हैं।
नगर आयुक्त एवं प्रबंध निदेशक के आदेश पर 28 नवंबर से चल रहे इस अभियान के तहत अब तक करीब 1600 वाहनों को चिह्नित किया जा चुका है।
प्रमुख सड़कों पर रियल-टाइम निगरानी
नेहरू पथ, बोरिंग रोड, कंकड़बाग, राजाबाजार, फ्रेजर रोड, एग्जीबिशन रोड, पटना जंक्शन क्षेत्र और गांधी मैदान सहित शहर की सभी प्रमुख और भीड़भाड़ वाली सड़कों पर लगातार रियल-टाइम मॉनिटरिंग की जा रही है। इसका उद्देश्य अवैध पार्किंग पर प्रभावी नियंत्रण, ट्रैफिक जाम में कमी और यातायात को सुगम बनाना है।
नगर आयुक्त-सह पटना स्मार्ट सिटी लिमिटेड के प्रबंध निदेशक यशपाल मीणा ने स्पष्ट किया है कि यातायात नियमों का उल्लंघन किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
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