Bihar Jamabandi: बियाडा की 16 एकड़ जमीन की अवैध जमाबंदी, पूर्व सीओ के निलंबन की सिफारिश; कर्मचारी सस्पेंड
https://www.jagranimages.com/images/2026/01/13/article/image/BIADA-Jamin-1768316597703.jpgबियाडा की 16 एकड़ जमीन की अवैध जमाबंदी, पूर्व सीओ के निलंबन की सिफारिश
जागरण संवाददाता, मुजफफरपुर। जिले में अंचलाधिकारी की मिलीभगत से सरकारी जमीन की अवैध जमाबंदी थमने नहीं रुक पा रही है। ताजा मामला मोतीपुर का सामने आया है। यहां बियाडा (बिहार औद्योगिक क्षेत्र विकास प्राधिकरण) की 16.86 एकड़ भूमि की अवैध जमाबंदी कर उसे निजी रैयतों के नाम कर दिया गया।
मामला सामने आने के बाद डीएम सुब्रत कुमार सेन ने सख्त कार्रवाई करते हुए तत्कालीन सीओ रुचि कुमारी के निलंबन की अनुशंसा राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग से की है। वहीं, इस मामले में राजस्व कर्मचारी नागेंद्र ठाकुर को निलंबत करते हुए विभागीय कार्यवाही संचालित करने का आदेश जारी किया है। निलंबन अवधि में कर्मचारी का मुख्यालय अंचल कार्यालय औराई निर्धारित किया गया है।
वहीं, गायघाट अंचल के राजस्व कर्मचारी अवधेश कुमार सिंह को भी कर्तव्यहीनता, लापरवाही एवं वरीय पदाधिकारी के आदेशों की अवहेलना के आरोप में डीएम ने निलंबित कर दिया है। निलंबन अवधि में उनका मुख्यालय पारु अंचल निर्धारित किया गया है।
डीएम ने ये आदेश जारी करते हुए कहा कि सरकारी कार्य में अनियमितता, लापरवाही और भ्रष्ट आचरण किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। दोषी पाए जाने वाले अधिकारी एवं कर्मी के विरुद्ध कठोरतम कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि राजस्व एवं भूमि सुधार से जुड़े मामलों में पारदर्शिता, जवाबदेही और नियमों का पालन अनिवार्य रूप से करना है।
पूर्व सीओ ने करोड़ों की जमीन रैयतों के नाम कर दी:
डीएम के संज्ञान में यह मामला आया कि मोतीपुर में बियाडा की करोड़ों की जमीन की जमाबंदी अवैध तरीके से कर दी गई है। उन्होंने त्वरित कार्रवाई करते हुए इसकी जांच अपर समाहर्ता राजस्व कुमार प्रशांत से कराई। जांच रिपोर्ट में गंभीर तथ्य सामने आए हैं।
रिपोर्ट के अनुसार, सात मई 2025 को ऑनलाइन परिमार्जन प्लस के माध्यम से एक निजी व्यक्ति के नाम से मौजा बरियारपुर के खाता एवं खेसरा से कुल 9.56 एकड़ भूमि की जमाबंदी सृजित की गई। यह जमाबंदी अंचल के राजस्व कर्मचारी नागेंद्र प्रसाद ठाकुर, अंचल कार्यालय मोतीपुर द्वारा की गई अनुशंसा के आधार पर तत्कालीन अंचलाधिकारी मोतीपुर द्वारा स्वीकृत की गई।
जांच में यह भी स्पष्ट हुआ कि इस जमाबंदी के संबंध में अंचल कार्यालय में कोई आफलाइन अभिलेख, दस्तावेज या वैध कागजात उपलब्ध नहीं हैं। अर्थात बिना किसी ठोस आधार और वैधानिक प्रक्रिया का पालन किए बियाडा को हस्तांतरित सरकारी भूमि को निजी व्यक्ति के पक्ष में ऑनलाइन जमाबंदी कर दी गई।
इस पूरे कृत्य को अवैधानिक, विभागीय नियमों एवं प्रावधानों के सर्वथा विपरीत और गंभीर कदाचार की श्रेणी में माना गया।
विदित हो कि मोतीपुर अंचल के मौजा बरियारपुर में कुल 61.33 एकड़ भूमि मोतीपुर शुगर फैक्ट्री के नाम से दर्ज थी। इसे नियमानुसार बियाडा को हस्तांतरित किया गया। इसमें से 7.98 एकड़ भूमि का दाखिल-खारिज बियाडा के पक्ष में पूर्ण हो चुका है, जबकि शेष 53.35 एकड़ भूमि के दाखिल-खारिज हेतु बियाडा द्वारा आवेदन किया गया था।
इसी प्रक्रिया के दौरान 16.86 एकड़ भूमि की अवैध जमाबंदी निजी व्यक्तियों के नाम करने की बात सामने आई। जांच में यह भी सामने आया कि एक व्यक्ति के नाम 9.56 एकड़ तथा इसी मौजा में दूसरे व्यक्ति के नाम 7.30 एकड़ भूमि की जमाबंदी कर दी गई है। यह दोनों ही जमाबंदियां ऑनलाइन परिमार्जन प्लस के माध्यम से की गईं, जबकि इनके पक्ष में कोई वैध दस्तावेज या पूर्व स्वीकृत प्रक्रिया मौजूद नहीं थी। इसे देखते हुए डीएम ने उक्त कार्रवाई की।
गायघाट में भी राजस्व कर्मचारी निलंबित:
गायघाट अंचल के राजस्व कर्मचारी श्री अवधेश कुमार सिंह को भी कर्तव्यहीनता, लापरवाही एवं वरीय पदाधिकारी के आदेशों की अवहेलना के आरोप में जिलाधिकारी ने निलंबित कर दिया है। इस संबंध में अंचलाधिकारी गायघाट द्वारा डीएम को रिपोर्ट सौंपी गई थी। इसमें बताया गया कि वर्ष 2024 में आई बाढ़ के दौरान अवधेश कुमार सिंह को अंचल कार्यालय गायघाट में योगदान देने के निर्देश दिए गए थे। बावजूद इसके वह कई दिनों तक अनुपस्थित रहे।
इससे पंचायत संबंधी दैनिक कार्यों एवं आपदा प्रबंधन कार्यों में गंभीर बाधा उत्पन्न हुई। इसके अतिरिक्त, उनके द्वारा सरकारी भूमि के दाखिल-खारिज के लिए की गई अनुशंसा के संबंध में पूर्व में स्वीकृत दाखिल-खारिज एवं जमाबंदी का ब्योरा मांगा गया, तो उन्होंने निर्देशों के बावजूद कोई संतोषजनक उत्तर नहीं दिया। उन्होंने यह तर्क दिया कि संबंधित जमाबंदी क्षतिग्रस्त है, जबकि जांच में यह पाया गया कि उक्त जमाबंदी कायम है।
दामुचक स्थित आवास में सीओ और आरओ को रहना होगा:
मुसहरी सीओ, आरओ को आवंटित सरकारी आवास में रहने का आदेश, अन्यथा फरवरी के वेतन निकासी पर रोक : राजस्व एवं भूमि सुधार के कार्यों में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के उद्देश्य से डीएम ने मुशहरी अंचल में भी कड़ा कदम उठाया है।
उन्होंने अंचलाधिकारी एवं राजस्व अधिकारी को दामूचक स्थित सरकारी आवास आवंटित करते हुए वहीं, शिफ्ट करने का निर्देश दिया है। इससे सरकारी कार्यों के निष्पादन में निरंतरता बनी रहेगी और आम जनता के भूमि से जुड़े मामलों का समयबद्ध, ईमानदार एवं पारदर्शी निपटारा सुनिश्चित किया जा सकेगा।
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