Tej Pratap Yadav: मां की सीख या सियासी समझदारी? एक माह में दूसरी बार राबड़ी आवास पहुंचे तेज प्रताप
https://www.jagranimages.com/images/2026/01/13/article/image/Tej-Pratap-Yadav-1768321007173.jpgतेजस्वी से मिलते और भतीजी को गोद में लेकर खुश तेज प्रताप यादव। एक्स
राज्य ब्यूरो, पटना। दही-चूड़ा भोज के इस नेह-निमंत्रण को मेल-मिलाप की पहल के रूप में भी देखा जा रहा है। तेजप्रताप यादव मंगलवार को यह निमंत्रण लेकर राबड़ी के सरकारी बंगले (10, सर्कुलर रोड) पर पहुंचे।
पिता लालू प्रसाद को वे इससे पहले भी दिल्ली में आमंत्रित कर चुके हैं। पिता सहित मां राबड़ी देवी को उन्होंने साग्रह निमंत्रण दिया।
छोटे भाई तेजस्वी यादव को मकर संक्रांति के उत्सव मेंं सहभागिता का निमंत्रण देने के बाद वे इस उत्साह से गले मिले, जैसे कि सारे शिकवे-गिले दूर हो गए हों।
गोद में उठाकर भतीजी को दुलारा-पुचकारा। उल्लेखनीय है कि बुधवार को तेजप्रताप ने दही-चूड़ा का भोज दिया हैं, जिसमें उप मुख्यमंत्री विजय सिन्हा सहित एनडीए के भी कई नेताओं को उन्होंने आमंत्रित किया है।
माह भीतर तेजप्रताप दूसरी बार राबड़ी के बंगले पर पहुंचे थे। सात माह के अंतराल के बाद उन्होंने पहली बार एक जनवरी को राबड़ी की जन्मतिथि पर वहां पैर रखा था।
तब बंगले में राबड़ी अकेली थी। तेजप्रताप ने उनके साथ केक काटा और लगभग डेढ़-दो घंटे तक दु:ख-सुख साझा किया। उसी दौरान राबड़ी ने उन्हें परिवार और पार्टी से फिर संबंधों को जीवंत करने की सीख दी थी।
चर्चा है कि तेजप्रताप उसी सीख पर आगे बढ़ रहे हैं। उल्लेखनीय है कि अपने 12 वर्ष पुराने प्रेम प्रसंग को सार्वजनिक करने के बाद तेजप्रताप को लालू ने परिवार के साथ पार्टी से भी बेदखल कर दिया था। वह तारीख पिछले वर्ष की 25 मई थी।
स्वजनों को निमंत्रण देने के बाद तेजप्रताप ने अपने एक्स हैंडल पर माता-पिता से आशीर्वाद लेने से संबंधित भाव-विह्वल पोस्ट किया। उन्होंने कुछ तस्वीरें भी साझा कीं।
अपने भोज को ऐतिहासिक बताया और लिखा कि प्यारी भतीजी कात्यायनी को गोद में खिलाने का अद्भुत पल भी प्राप्त हुआ। उल्लेखनीय है कि तेजस्वी की दो संतानों में कात्यायनी बड़ी है।
दिन में डिप्टी सीएम विजय सिन्हा के यहां दही-चूड़ा खाने पहुंचे तेज प्रताप ने कयासों को जन्म दिया और शाम में अपने परिवार के बीच पहुंच गए।
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