दिल्ली में प्रॉपर्टी खरीदना होगा महंगा, रेखा गुप्ता सरकार ने सर्किल रेट में भारी बढ़ोतरी की कर ली तैयारी
https://www.jagranimages.com/images/2026/01/13/article/image/Property-Rate-1768322317156.jpgदिल्ली में सर्किल रेट 10 से लेकर 40 प्रतिशत तक बढ़ने की संभावना।
वी के शुक्ला, नई दिल्ली। दिल्ली में रिहायशी संपत्तियों में सर्किल रेट अलग-अलग इलाकों के हिसाब से 10 से लेकर 40 प्रतिशत तक बढ़ने की संभावना है। ए और एच श्रेणी को छोड़कर अन्य सभी श्रेणियाें में सर्किल रेट ज्यादा बढ़ने की संभावना है। सभी श्रेणियाें में सब श्रेणी बनाए जाने का भी प्रस्ताव है। एक-एक श्रेणी में दो से तीन सब श्रेणी बन सकती हैं। वहीं खेती की जमीन पर ढाई करोड़ से लेकर पांच करोड़ प्रति एकड़ सर्किल रेट बढ़ाए जाने की भी संभावना है।
दिल्ली में जिलों के पुनर्गठन के बाद अब फिर से सर्किल रेट को लेकर भी जिलों की सीमाओं को निर्धारित किया जाएगा। इस कारण इसके लागू होने में कुछ समय लग सकता है। जिलों के पुनर्गठन के बाद अब सरकार में सर्किल रेट को लेकर अंतिम फैसले से लिए तैयारी चल रही है। इसके बाद दिल्ली में संपत्ति खरीदना महंगा हो जाएगा।
सर्किल रेट बढ़ने से प्रॉपर्टी कैसे होती है महंगी
बता दें कि सर्किल रेट बढ़ने से संपत्ति खरीदना महंगा हो जाता है, क्योंकि संपत्ति खरीदने पर स्टाम्प ड्यूटी और रजिस्ट्रेशन शुल्क बढ़ जाता है। दिल्ली सरकार सर्किल रेट को लेकर विभिन्न मामलों काे लेकर अध्ययन करा रही है। दिल्ली में कृषि योग्य जमीन का 2008 और अन्य संपत्तियों वाली जमीन का 2014 से सर्किल रेट नहीं बढ़ाया गया है।
विशेषज्ञों की मानें तो एक तो लंबे समय से सर्किल रेट नहीं बढ़ाया गया है और पूर्व में सर्किल दरों में असमानता रही है। मसलन एक इलाके में अगर चार प्रमुख कालोनियां है और उन चारों कालोनियों में जमीन के दाम अलग अलग हैं और उन दामों में काफी असमानता भी है मगर चारों का सर्किल रेट एक ही है।
बी, सी, डी और ई श्रेणी की संपत्तियों में अधिक बढ़ेंगे सर्किल रेट
दरअसल कालोनियां इलाके के हिसाब से श्रेणियाें में बंटी थीं। सालों पहले से लागू सर्किल रेट की वर्तमान व्यवस्था में कोई सब श्रेणी नहीं है। मगर सर्किल रेट की नई व्यवस्था में एक-एक श्रेणी में दो से लेकर तीन सब श्रेणी तक भी होंगी। सूत्रों की मानें तो बी, सी,डी और ई श्रेणी की संपत्तियों में सर्किल रेट सबसे अधिक बढ़ाए जाने का प्रस्ताव है।
अल्ट्रा-प्रीमियम लुटियंस जैसी कॉलोनियों के लिए एक नई ए (प्लस) श्रेणी को शुरू करना भी है और एच- श्रेणी में सर्किल रेट कम बढ़ने की संभावना है। वहीं कृषि योग्य जमीन का ढाई करोड़ से लेकर पांच करोड़ एकड़ के हिसाब से सर्किल रेट बढ़ सकता है। अभी 53 लाख रुपये एकड़ के हिसाब से सर्किल रेट निर्धारित है।
इलाके की श्रेणी और सर्किल दर (Residential Land, ₹ प्रति sq.m)
श्रेणी (Category) सर्किल दर (₹ प्रति वर्ग मीटर)
A
7,74,000
B
2,45,520
C
1,59,840
D
1,27,680
E
70,080
F
56,640
G
46,200
H
23,280
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