कानपुर के LLR अस्पताल में जिंदा को मुर्दा बनाने के मामले की जांच पूरी, डिप्टी CM को भेजी रिपोर्ट
https://www.jagranimages.com/images/2026/01/14/article/image/hospital-supervisor-1768333820101.jpgजागरण संवाददाता, कानपुर। एलएलआर अस्पताल के मेडिसिन वार्ड-12 में जिंदा मरीज की गलत पुलिस इनफार्मेशन (पीआइ) बनाने के मामले की जांच पूरी हो गई है। कमेटी में शामिल उप प्राचार्य प्रो. रिचा गिरि, एलएलआर अस्पताल के प्रमुख अधीक्षक प्रो. आरके सिंह और अस्पताल के सीएमएस प्रो.सौरभ अग्रवाल जांच रिपोर्ट फाइनल कर जीएसवीएम मेडिकल कालेज के प्राचार्य प्रो. संजय काला को सौंप दी है।
रिपोर्ट में डाक्टर, नर्सिंग स्टाफ और वार्ड आया को चेतावनी जारी करते हुए लापरवाही नहीं करने की हिदायत दी गई है। रिपोर्ट उप मुख्यमंत्री को भी भेजी गई।
26 दिसंबर को हुए मामले के बाद उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने जूनियर रेजिडेंट डा.हिमांशु मौर्या, नर्सिंग स्टाफ सनी सोनकर और वार्ड आया रहनुमा को निलंबित करने के निर्देश दिए थे।
प्राचार्य ने जांच कमेटी गठित की थी। जांच में पता चला कि मेडिसिन वार्ड 12 के बेड 43 पर भर्ती 60 वर्षीय बुजुर्ग की मौत हो गई। इसकी पीआइ रिपोर्ट जूनियर रेजीडेंट ने बनाई। जो गलती से बेड 42 पर भर्ती विनोद नाम के लावारिस मरीज की बन गई।
जब पीआइ रिपोर्ट के आधार पर पुलिस ने स्वजन को मरीज की मौत की सूचना दी। तब जाकर गलत रिपोर्ट का मामला खुला। हालांकि जांच में सामने आया है कि दूसरी पीआइ भी समय पर भेजी गई थी। जिस पर संबंधित थाने के पुलिस कर्मियों ने संज्ञान नहीं लिया।
ओपीडी ब्लाक के लिए शासन को भेजा प्रस्ताव
प्राचार्य प्रो. संजय काला ने ओपीडी ब्लाक के लिए शासन को 183.6 करोड़ का प्रस्ताव भेजा है। साढ़े चार हजार वर्गमीटर भूमि पर आठ मंजिला नए ओपीडी ब्लाक के प्रस्ताव में हर विभाग की ओपीडी के साथ ही सर्जरी की भी सुविधा होगी। इसमें स्किल लैब के साथ डेंटल व त्वचारोग विभाग भी बनेंगे।
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