टीएमबीयू बजट 2026-27: सिंडिकेट अनुमोदन के बाद 11.66 अरब पारित, सीनेट बैठक को लेकर तैयारी पर हुई चर्चा
https://www.jagranimages.com/images/2026/01/14/article/image/tmbu-1768348465667.jpgजागरण संवाददाता, भागलपुर। तिलकामांझी भागलपुर विश्वविद्यालय (टीएमबीयू) की सिंडिकेट की बैठक मंगलवार को मारवाड़ी कालेज में हुई। प्रभारी कुलपति प्रो. विमलेंदु शेखर झा की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में वित्तीय वर्ष 2026–27 के लिए 11 अरब 66 करोड़ 67 लाख 90 हजार 361 रुपये का बजट पारित किया गया। सिंडिकेट से अनुमोदन के बाद अब यह बजट 17 जनवरी को होने वाली सीनेट की बैठक में रखा जाएगा। बैठक में करीब 40 एजेंडों पर चर्चा हुई, जिनमें कई मुद्दों पर सदस्यों ने अपनी कड़ी आपत्ति और नाराजगी जाहिर की।
सिंडिकेट सदस्य शैलेश सिंह ने टीएनबी कालेज के प्राचार्य डा. दीपो महतो के मामले को उठाते हुए प्रक्रिया पर सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि इंजीनियरिंग कालेज से इस्तीफा देने के बाद उन्हें पहले मारवाड़ी कालेज में योगदान देना चाहिए था, इसके बाद ही टीएनबी कालेज में ज्वाइनिंग होनी चाहिए थी। सिंडिकेट सदस्य डा. मृत्युंजय सिंह गंगा ने विश्वविद्यालय की अतिक्रमित भूमि का मुद्दा उठाया। इस पर सिंडिकेट ने गंभीर रुख अपनाते हुए तत्काल स्टेट ऑफिसर को तलब किया और भूमि से संबंधित खाता–खसरा तैयार कर राजस्व विभाग को भेजने का निर्देश दिया। कुलपति ने कहा कि उपमुख्यमंत्री के भागलपुर दौरे के दौरान इस मुद्दे पर ज्ञापन देने का प्रयास किया जाना चाहिए था।
डॉ. रामबालक चौधरी के मामले में चली लंबी बहस
बैठक का सबसे अहम और विवादित मुद्दा एग्रो इकोनामिक्स रिसर्च सेंटर के शोध पदाधिकारी डा. रामबालक चौधरी के सेवा कंफर्मेशन से जुड़ा रहा। इस पर लंबी बहस हुई। सदस्यों ने बताया कि इस मामले में हाईकोर्ट का फैसला डा. चौधरी के पक्ष में आ चुका है। जानकारी दी गई कि जनवरी 2009 में नियुक्ति के एक वर्ष बाद उनकी सेवा स्थायी कर दी गई थी, लेकिन बाद में विश्वविद्यालय ने उसे अस्थाई मानते हुए निरस्त कर अगस्त 2016 में दोबारा स्थाई किया, जिसके खिलाफ वे न्यायालय गए थे। इस पर कुलपति ने कहा कि मामला अभी न्यायालय में विचाराधीन है।
डॉ. सुधीर के लियन से संबंधित आवेदन को स्वीकृति दी
बैठक में पीबीएस कालेज के डा. सुधीर के लियन से संबंधित आवेदन को स्वीकृति दे दी गई। वहीं सिंडिकेट सदस्य डा. निर्लेंश ने संविदा कर्मियों के नवीनीकरण का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि कहलगांव, मारवाड़ी कालेज समेत कुछ अन्य कालेजों में संविदा कर्मियों का नवीनीकरण नहीं किया गया है। इस पर कुलपति ने आश्वासन दिया कि संविदा कर्मियों के अनुभव और वेतन वृद्धि के लिए सरल और व्यावहारिक प्रक्रिया अपनाई जाएगी।
डॉ. आनंद मिश्रा ने कुलपति से दोबारा मांगी माफी
डा. आनंद मिश्रा से जुड़े मुद्दे पर बैठक के दौरान असहज स्थिति भी बनी। सिंडिकेट सदस्य डा. संजीव सिंह ने इस विषय के सदन में आने पर नाराजगी जताई। बाद में डा. आनंद मिश्रा ने कुलपति से दोबारा बैठक से माफी मांगी। इस पर महादेव सिंह कालेज के सचिव शैलेश सिंह ने कहा कि लिखित माफीनामा देने पर ही निलंबन वापसी पर विचार होगा।
सीनेट बैठक की तैयारी पर चर्चा
17 जनवरी को मारवाड़ी कालेज में होने वाली सीनेट की बैठक की तैयारियों पर भी सिंडिकेट में चर्चा हुई। सीनेट में वार्षिक प्रतिवेदन डा. मृत्युंजय सिंह गंगा प्रस्तुत करेंगे, जबकि वास्तविक लेखा डा. मुश्फिक आलम रखेंगे। कुलपति ने बैठक के मिनट-टू-मिनट कार्यक्रम की रूपरेखा की समीक्षा की। इससे पहले मारवाड़ी कालेज के प्राचार्य डा. संजय कुमार झा के नेतृत्व में कुलपति का स्वागत किया गया।
सुरक्षा के कड़े इंतजाम
सिंडिकेट बैठक के मद्देनजर कुलानुशासक डा. एस.डी. झा पूरी तरह मुस्तैद रहे। उन्होंने एक दिन पूर्व कालेज का निरीक्षण कर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया था। मंगलवार को विश्वविद्यालय थाना की पुलिस भी तैनात रही। बताया गया कि 17 जनवरी की सीनेट बैठक के दौरान रैपिड एक्शन फोर्स की भी तैनाती की जाएगी। इस बीच अतिथि शिक्षकों ने मारवाड़ी कालेज के पास प्रदर्शन भी किया। बैठक में कुलसचिव प्रो. रामाशीष पूर्वे, डीएसडब्ल्यू डा. अर्चना कुमारी साह, एमएलसी डा. संजीव सिंह, डा. रूबी कुमारी, डा. महावेद मंडल, डा. मुश्फिक आलम, डा. के.के. सिंह और प्रो. हरप्रीत कौर सहित अन्य सदस्य मौजूद थे।
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