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साउथ दिल्ली में एक दशक से झेल रहे सीवर-पानी की समस्या, अब छेड़ा वर्चुअल आंदोलन

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शालिनी देवरानी, दक्षिणी दिल्ली। मध्य प्रदेश के इंदौर की घटना ने साफ पानी के अधिकार को लेकर बहस छेड़ रखी है। राजधानी दिल्ली के भी कई इलाके ऐसे हैं, जहां दूषित पानी की समस्या लंबे समय से बनी हुई है। दैनिक जागरण ने इसे लेकर अभियान भी चलाया और लोगों की आवाज बनते हुए इस मुद्दे को उठाया।

अब रेजीडेंट वेलफेयर एसोसिएशन (आरडब्ल्यूए) ने भी एक दशक से लंबित दूषित पेयजल और सीवर ओवरफ्लो की गंभीर समस्या को लेकर सोशल मीडिया पर जन आंदोलन छेड़ दिया है। समस्याओं से जुड़ी खबरें और शिकायत पत्र सरकार व संबंधित विभागों को टैग कर सवाल पूछे जा रहे हैं।ॉ

वर्षों से विभागों की अनदेखी झेल रहे लोग अब दैनिक जागरण के स्वच्छ सरोकार अभियान से जुड़ी खबरों को व्यापक स्तर पर साझा कर इस मुहिम को तेज करने में जुटे हैं। ई-मेल और पत्राचार के साथ ही ऑनलाइन मंच से दबाव बनाने की रणनीति बनाई है, ताकि विभागों और सरकार की जवाबदेही तय हो और जनता को राहत मिले।


दरअसल, दक्षिणी दिल्ली के कई पाश इलाकों की आबादी सीवर ओवरफ्लो की समस्या से जूझ रही है। सीवर ब्लाकेज होने से गंदा पानी आए दिन सड़कों पर बहता है, जिससे बदबू के अलावा लोगों को दूषित जलापूर्ति का सामना भी करना पड़ रहा है। संबंधित विभागों व जनप्रतिनिधियों से शिकायत कर थक चुके लोगों ने अब इंटरनेट मीडिया पर अभियान चलाया है और मुख्यमंत्री, उपराज्यपाल, जिला अधिकारी सहित दिल्ली जल बोर्ड (डीजेबी) व नगर निगम को टैग कर निदान के लिए सवाल उठाए जा रहे हैं।
आंकड़े

[*]15 हजार आबादी परेशान है ईस्ट आफ कैलाश में
[*]05 हजार करीब जनता न्यू फ्रेंड्स कालोनी में परेशान
[*]12 ब्लाक साकेत के, जिनमें सीवरेज की है परेशानी







साकेत में भी सभी ब्लाक में सीवर की परेशानी से बुरे हालात बने हैं। पांच दशक पहले डाली गई लाइनें बढ़ती आबादी का बोझ नहीं झेल पा रही है। जल बोर्ड को पत्र लिखकर समस्या से निदान दिलाने के लिए सुझाव भी दिए हैं। सीवर और गंदे पानी की परेशानी वरिष्ठ नागरिकों के स्वास्थ्य के लिए गंभीर चिंता का विषय है। लगातार शिकायत कर थक चुके हैं समाधान नहीं हुआ। इसे लेकर अब सोशल मीडिया पर अभियान छेड़ा है।



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-राकेश डबास, पूर्व अध्यक्ष, फेडरेशन ऑफ आरडब्ल्यूए साकेत


अभियान ए, बी, सी और डी ब्लाक में करीब छह महीने से सीवर ओवरफ्लो की परेशानी है। महारानी बाग की लाइन, जो सीवेज को किलोकरी स्थित एसटीपी तक ले जाती है पूरी तरह जाम है, जिससे सीवर ओवरफ्लो रहता है। आरडब्ल्यूए, सिटीजन फोरम और कई संगठन जल बोर्ड से दर्जनों शिकायतें चुकी हैं, सांसद की ओर से इसे जल बोर्ड को पत्र लिखा है, लेकिन समाधान नहीं हुआ। 50 साल पहले डाली गई सीवर लाइनों को बदलने की जरूरत है। अब एक्स पर विभागों और जनप्रतिनिधियों को टैग कर सवाल पूछ रहे हैं।



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-अरुण जग्गी, कोषाध्यक्ष, न्यू फ्रेंड्स को-आपरेटिव हाउस बिल्डिंग सोसाइटी





इन क्षेत्रों में दूषित पानी और सीवर ओवरफ्लो की समस्या संज्ञान में है। इनके निवारण के लिए दिल्ली जल बोर्ड के सीईओ को पत्र भी लिखा और उनसे बात भी की है। लोगों की पीड़ा से अवगत भी कराया है। विभाग की ओर से जल्द ही समस्याओं का स्थायी समाधान कराने का भरोसा दिया गया है।



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-रामवीर सिंह बिधूड़ी, सांसद-दक्षिणी दिल्ली


पिछले 10 सालों से राजा धीर सेन मार्ग इस्कान मंदिर के पास सीवर ओवरफ्लो की परेशानी है। मंदिर और स्कूल जाने वालों के अलावा स्थानीय लोग उसी गंदे पानी होकर गुजरने को मजबूर हैं। सी, डी व जी ब्लाक सहित गढ़ी, संत नगर, श्रीनिवासपुरी और ग्रेटर कैलाश आने -जाने वाले लोग यहां से होकर गुजरते हैं। करीब चार सोसाइटियों के 15 हजार लोग प्रभावित हैं। निगम की ओर से जुर्माना हो चुका है, जल मंत्री व सांसद जल बोर्ड के सीईओ को पत्र लिख चुके हैं, पीडब्ल्यूडी व जल बोर्ड की टीमें दौरा कर चुकी हैं लेकिन समाधान नहीं हुआ। दैनिक जागरण में प्रकाशित खबरों के साथ अब समस्या पर विभागों को अवगत करा रहे हैं।



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-पवन शर्मा, आरडब्ल्यूए सदस्य, ईस्ट आफ कैलाश
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