LHC0088 Publish time 1 hour(s) ago

Makar Sankranti 2026: इन आरती के बिना अधूरी है मकर संक्रांति की पूजा, जरूर करें इसका पाठ

https://www.jagranimages.com/images/2026/01/12/article/image/shani-dev-or-bhagwan-surya-ki-aarti-1768216842710.jpg

Makar Sankranti 2026: मकर संक्रांति पर करें ये काम।



धर्म डेस्क, नई दिल्ली। मकर संक्रांति का दिन भगवान सूर्य नारायण की पूजा-अर्चना का सबसे बड़ा दिन माना जाता है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, जब सूर्य देव धनु राशि से निकलकर अपने पुत्र शनि की राशि मकर में प्रवेश करते हैं, तो इसे ही मकर संक्रांति कहा जाता है। 14 जनवरी 2026 (Makar Sankranti 2026) को मनाई जाने वाली इस संक्रांति पर दान-स्नान का तो महत्व है ही, लेकिन धार्मिक दृष्टि से सूर्य देव की आरती के बिना यह पूजा अधूरी मानी जाती है। साथ ही इस दिन न्यान के देवता शनि देव की आरती भी जरूर करनी चाहिए, जो इस प्रकार हैं -

https://smart-cms-bkd-static-media.jnm.digital/jagran-hindi/images/2026/01/12/template/image/Ashadha-Amavasya-2025-Night-Remedies-1(18)-1768216746974.jpg
।।सूर्य देव की आरती।। (Bhagwan Surya Dev Ji Ki Aarti)

ॐ जय सूर्य भगवान, जय हो दिनकर भगवान।

जगत् के नेत्रस्वरूपा, तुम हो त्रिगुण स्वरूपा।

धरत सब ही तव ध्यान, ॐ जय सूर्य भगवान।।

।।ॐ जय सूर्य भगवान...।।

सारथी अरुण हैं प्रभु तुम, श्वेत कमलधारी। तुम चार भुजाधारी।।

अश्व हैं सात तुम्हारे, कोटि किरण पसारे। तुम हो देव महान।।

।।ॐ जय सूर्य भगवान...।।

ऊषाकाल में जब तुम, उदयाचल आते। सब तब दर्शन पाते।।

फैलाते उजियारा, जागता तब जग सारा। करे सब तब गुणगान।।

।।ॐ जय सूर्य भगवान...।।

संध्या में भुवनेश्वर अस्ताचल जाते। गोधन तब घर आते।।

गोधूलि बेला में, हर घर हर आंगन में। हो तव महिमा गान।।

।।ॐ जय सूर्य भगवान...।।

देव-दनुज नर-नारी, ऋषि-मुनिवर भजते। आदित्य हृदय जपते।।

स्तोत्र ये मंगलकारी, इसकी है रचना न्यारी। दे नव जीवनदान।।

।।ॐ जय सूर्य भगवान...।।

तुम हो त्रिकाल रचयिता, तुम जग के आधार। महिमा तब अपरम्पार।।

प्राणों का सिंचन करके भक्तों को अपने देते। बल, बुद्धि और ज्ञान।।

।।ॐ जय सूर्य भगवान...।।

भूचर जलचर खेचर, सबके हों प्राण तुम्हीं। सब जीवों के प्राण तुम्हीं।।

वेद-पुराण बखाने, धर्म सभी तुम्हें माने। तुम ही सर्वशक्तिमान।।

।।ॐ जय सूर्य भगवान...।।

पूजन करतीं दिशाएं, पूजे दश दिक्पाल। तुम भुवनों के प्रतिपाल।।

ऋतुएं तुम्हारी दासी, तुम शाश्वत अविनाशी। शुभकारी अंशुमान।।

।।ॐ जय सूर्य भगवान...।।

ॐ जय सूर्य भगवान, जय हो दिनकर भगवान।

जगत् के नेत्रस्वरूपा, तुम हो त्रिगुण स्वरूपा।स्वरूपा।।

धरत सब ही तव ध्यान, ॐ जय सूर्य भगवान।।
।।शनि देव की आरती।।

जय जय श्री शनिदेव भक्तन हितकारी।

सूर्य पुत्र प्रभु छाया महतारी॥

जय जय श्री शनि देव....

श्याम अंग वक्र-दृष्टि चतुर्भुजा धारी।

नी लाम्बर धार नाथ गज की असवारी॥

जय जय श्री शनि देव....

क्रीट मुकुट शीश राजित दिपत है लिलारी।

मुक्तन की माला गले शोभित बलिहारी॥

जय जय श्री शनि देव....

मोदक मिष्ठान पान चढ़त हैं सुपारी।

लोहा तिल तेल उड़द महिषी अति प्यारी॥

जय जय श्री शनि देव....

जय जय श्री शनि देव....

देव दनुज ऋषि मुनि सुमिरत नर नारी।

विश्वनाथ धरत ध्यान शरण हैं तुम्हारी॥

जय जय श्री शनि देव भक्तन हितकारी।।

जय जय श्री शनि देव....

यह भी पढ़ें- 15 जनवरी को मकर संक्रांति, गंगा स्नान से खुलेगा पुण्य का द्वार; राशि के अनुसार करें दान

यह भी पढ़ें - Makar Sankranti 2026: आखिर मकर संक्रांति पर क्यों खाई जाती है खिचड़ी? जानें इसके पीछे की पौराणिक कथा

अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया अंधविश्वास के खिलाफ है।
Pages: [1]
View full version: Makar Sankranti 2026: इन आरती के बिना अधूरी है मकर संक्रांति की पूजा, जरूर करें इसका पाठ

Get jili slot free 100 online Gambling and more profitable chanced casino at www.deltin51.com