Chikheang Publish time 1 hour(s) ago

गुरु गोरक्षनाथ के चरणों में आज से चढ़ेगी आस्था की खिचड़ी, CM योगी कल चढ़ाएंगे बाबा के चरणों में खिचड़ी

https://www.jagranimages.com/images/2026/01/14/article/image/khichdimelagkp-1768355665946.jpg

चरम पर पहुंचा मेला, गोरखनाथ मंदिर पहुंच रहे श्रद्धालु उठा रहे लुत्फ। जागरण



जागरण संवाददाता, गोरखपुर। मकर संक्रांति के पुण्यकाल पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ बतौर गोरक्षपीठाधीश्वर नाथपंथ की विशिष्ट परंपरा के अनुसार गुरुवार को ब्रह्म मुहूर्त में महायोगी गुरु गोरखनाथ के चरणों में खिचड़ी अर्पित करेंगे। नाथजी को खिचड़ी चढ़ाने के लिए श्रद्धालुओं के आने का सिलसिला मंगलवार से ही शुरू हो गया। बड़ी संख्या में श्रद्धालु बुधवार को भी खिचड़ी चढ़ाएंगे जबकि गुरुवार को मंदिर परिसर आस्था का जनसमुद्र दिखेगा।

समूची प्रकृति को ऊर्जस्वित करने वाले सूर्यदेव के उत्तरायण होने पर खिचड़ी चढ़ाने की यह अनूठी परंपरा पूरी तरह लोक को समर्पित है। मान्यता है कि महायोगी गुरु गोरखनाथ को खिचड़ी चढ़ाकर मन्नत मांगने वाला कभी निराश नहीं होता। अरुणोदय काल में मकर संक्रान्ति का महापर्व गुरुवार को मनाया जायेगा। इस दिन उत्तर प्रदेश, बिहार तथा देश के विभिन्न भागों के साथ-साथ पड़ोसी राष्ट्र नेपाल से भी लाखों की संख्या में श्रद्धालु बाबा गोरखनाथ को खिचड़ी चढ़ाएंगे।

आनुष्ठानिक कार्यक्रमों की शुरुआत गुरुवार की भोर से ही हो जाएगी। सबसे पहले गोरक्षपीठ की तरफ से पीठाधीश्वर योगी आदित्यनाथ खिचड़ी चढ़ाकर बाबा को भोग अर्पित करेंगे। इसके बाद मंदिर के कपाट खोल दिए जाएंगे और जनसामान्य की आस्था, खिचड़ी के रूप में निवेदित होनी शुरू हो जाएगी।

मंदिर व प्रशासन की ओर से खिचड़ी को लेकर श्रद्धालुओं की सुरक्षा व सुविधा के व्यापक प्रबंध किए गए हैं। गोरक्षपीठाधीश्वर एवं मुख्यमंत्री खुद सभी व्यवस्थाओं पर नजर बनाए हुए हैं। मकर संक्रांति पर्व को लेकर मंदिर व मेला परिसर सज-धजकर पूरी तरह तैयार है। मेला तो चरम पर पहुंच गया है। समूचा मंदिर परिसर सतरंगी रोशनी में नहाया हुआ है।

यहां श्रद्धालुओं के आने का सिलसिला मंगलवार रात से ही शुरू हो गया है। मंदिर प्रबंधन की ओर से उनके ठहरने और अन्य सुविधाओं का इंतजाम किया गया है। प्रशासन की तरफ से रैन बसेरों में भी पूरी व्यवस्था की गई है।

श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए मंदिर प्रबंधन की ओर से पूरे परिसर में स्वयंसेवक भी लगा भी दिए गए हैं। श्रद्धालु खिचड़ी चढ़ाने के लिए मंदिर के मुख्य द्वार से प्रवेश करेंगे। उसके बाद सरोवर व यज्ञशाला द्वार से मेला परिसर में जाने का विकल्प मंदिर प्रबंधन की ओर से उन्हें मिलेगा।

यह है मकर संक्राति पर खिचड़ी मेले की मान्यता
गोरखनाथ मंदिर में खिचड़ी चढ़ाने की परंपरा त्रेता युग से चली आ रही है। मान्यता है कि उस युग में आदि योगी गुरु गोरखनाथ एक बार हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले में स्थित मां ज्वाला देवी के दरबार मे पहुंचे। मां ने उनके भोजन का प्रबंध किया। कई प्रकार के व्यंजन देख बाबा ने कहा कि वह तो योगी हैं और भिक्षा में प्राप्त चीजों को ही भोजन रूप में ग्रहण करते हैं।

उन्होंने मां ज्वाला देवी से पानी गर्म करने का अनुरोध किया और स्वयं भिक्षाटन को निकल गए। भिक्षा मांगते हुए वह गोरखपुर आ पहुंचे और राप्ती और रोहिन के तट पर जंगलों में बसे इस स्थान पर धूनी रमाकर साधनालीन हो गए। उनका तेज देख तभी से लोग उनके खप्पर में अन्न (चावल, दाल) दान करते रहे।

यह भी पढ़ें- गोरखपुर वासियों के लिए खुशखबरी, डेढ़ साल में तैयार हो जाएगा कैंट रेलवे क्रासिंग पर पुल

इस दौरान मकर संक्रांति का पर्व आने पर यह परंपरा खिचड़ी मेले के रूप में परिवर्तित हो गई। तब से बाबा गोरखनाथ को खिचड़ी चढ़ाने का क्रम हर मकर संक्रांति पर अहर्निश जारी है। कहा जाता है कि उधर ज्वाला देवी के दरबार में बाबा की खिचड़ी पकाने के लिए आज भी पानी उबल रहा है।

नेपाल व देशभर से आते है श्रद्धालु
मकर संक्रांति के पावन पर्व पर बाबा गोरखनाथ को आस्था की खिचड़ी चढ़ाने के लिए उत्तर प्रदेश, बिहार तथा देश के विभिन्न भागों के साथ-साथ नेपाल से भी लाखों की तादाद में श्रद्धालु गोरखनाथ मंदिर आते हैं। मकर संक्रांति के दिन भोर में सबसे पहले गोरक्षपीठ की तरफ से पीठाधीश्वर योगी आदित्यनाथ खिचड़ी चढ़ाकर बाबा को भोग अर्पित करते हैं। फिर नेपाल राजपरिवार की ओर से आई खिचड़ी बाबा को चढ़ाई जाती है। इसके बाद मंदिर के कपाट खोल दिए जाते हैं और जनसामान्य की आस्था खिचड़ी के रूप में निवेदित होनी शुरू हो जाती है।
Pages: [1]
View full version: गुरु गोरक्षनाथ के चरणों में आज से चढ़ेगी आस्था की खिचड़ी, CM योगी कल चढ़ाएंगे बाबा के चरणों में खिचड़ी

Get jili slot free 100 online Gambling and more profitable chanced casino at www.deltin51.com