लद्दाख में लापता आगरा के 4 दोस्त 5 दिन बाद सुरक्षित मिले, कार खाई में गिरने के बाद हीटर से बचाई जान
https://www.jagranimages.com/images/2026/01/14/article/image/laddakh-dost-1768360207944.jpgपुलिस की टीम रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान
जागरण टीम, आगरा। केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख के लेह जिले में पैंगांग झील के पास से चार दिन पहले लापता हुए मधु नगर के चार दोस्त पांच दिन बाद मंगलवार को सुरिक्षत मिल गए।मनाली लौटते समय बर्फ से फिसलकर उनकी कार 20 फीट गहरी खाई में चली गई थी।इसके बाद दो दिन और रात उन्होंने कार का हीटर चलाकर काटीं।
इसके बाद 15 किलोमीटर वर्फ में पैदल चलकर ऊपर तक पहुंचे, जिसके बाद लद्दाख पुलिस ने उन्हें रेस्क्यू कर लिया। इनकी तलाश में लद्दाख पुलिस ने बड़े पैमाने पर अभियान चलाया था।
नौ जनवरी को पैंगाग झील के पास से स्वजन से टूटा था संपर्क
मधु नगर निवासी शिवम चौधरी अपने तीन दोस्त जयवीर सिंह चौधरी, यश मित्तल और सुधांशु फौजदार के साथ छह जनवरी को लद्दाख ट्रिप पर गए थे।चाराें ने लद्दाख पहुंचकर नई सिम लेकर नया मोबाइल नंबर चालू कर लिया।नए नंबर से उन्होंने परिवार से बात की और दो दिन तक करते रहे। नौ जनवरी को सभी पेंगोग झील पर थे। वहां उन्होंने वीडियो कॉल करके घर पर बात की। उसके बाद स्वजन से उनका संपर्क टूट गया था। लगातार कापँल करने पर भी संपर्क नहीं हुआ तो उन्होंने 11 जनवरी को सदर थाने में गुमशुदगी दर्ज करा दी।
मनाली मार्ग की ओर जाते समय 20 फीट गहरी खाई में गिरी कार
सदर पुलिस ने लद्दाख पुलिस से संपर्क कर जानकारी दी। स्वजन ने भी पुलिस से बात की। इसके बाद लेह पुलिस ने सर्च ऑपरेशन चलाया। मंगलवार को चारों दोस्तों को पुलिस ने पांग-सरचू रोड पर विस्की नाला से सुरक्षित रेस्क्यू कर लिया। स्वजन भी उन्हें लेने लेह पहुंच गए हैं। चारों दोस्तों ने तीन दिन वर्फ में रहने की कहानी बताई।
गाड़ी फिसलकर गिरी
उन्होंने पुलिस को बताया कि नौ फरवरी को वे लेह के लिए निकले थे। वहां खारू के पास मनाली का बोर्ड दिखा। चारों दोस्त कार से उसी रास्ते पर आगे बढ़ गए। 10 जनवरी को वे पंग में रुके। इसके बाद 11 जनवरी को वे मनाली के लिए निकल लिए। आगे रास्ता बंद था। सरचू से आगे निकलकर वे वापस लौटे तो नकीला के पास बर्फ में उनकी कार फिसलकर 20 फीट नीचे गिर गई। मगर, गनीमत यह रही कि गाड़ी पलटी नहीं।
गाड़ी में हीटर चलाकर बैठे रहे
बर्फ और ठंड में वे हीटर चलाकर गाड़ी में ही बैठे रहे। 12 जनवरी को भी उन्होंने दिन और रात हीटर के सहारे गाड़ी में ही गुजारी। गाड़ी का डीजल खत्म होने पर उन्होंने बाहर निकलकर रास्ते में मिली झोंपड़ियों तक पहुंचने की योजना बनाई। करीब 15 किलोमीटर पैदल चलकर वे विस्की पहुंचे। वहां झोंपड़ी में रुककर उन्होंने राहत की सांस ली।
मंगलवार शाम को लेह पुलिस वहां पहुंच गई और सभी को रेस्क्यू कर लिया। सभी को वहां से लाकर मेडिकल कराया गया। बुधवार को स्वजन के सिपुर्द किए जाएंगे।
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